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एंथनी अल्बनीज होंगे ऑस्ट्रेलिया के नए PM:स्कॉट मॉरिसन ने हार मानी, 9 साल बाद बनेगी लेबर पार्टी की सरकार, PM मोदी ने दी बधाई

कैनबरा3 महीने पहले

ऑस्ट्रेलिया में शनिवार सुबह हुई वोटिंग के बाद काउंटिंग का सिलसिला जारी है। इस बीच यहां के PM स्कॉट मॉरिसन ने हार मान ली है। यहां चौथी बार चुनावों में भी स्कॉट मॉरिसन के कंजरवेटिव गठबंधन की सरकार बनाने की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मॉरिसन की गठबंधन सरकार बहुमत साबित करती नहीं दिखाई दे रही है। यहां 9 साल बाद लेबर पार्टी की सरकार बनने जा रही है​​​​​​।

स्कॉट मॉरिसन ने अपनी हार स्वीकार करते हुए कहा कि यह कंजरवेटिव पार्टी के लिए एक कठिन रात है। मॉरिसन ने कहा- 'आज रात मैंने विपक्ष के नेता और होने वाले प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से बात की और उन्हें जीत की बधाई दी।' माना जा रहा है जलवायु परिवर्तन पर सरकार की निष्क्रियता की वजह मॉरिसन को हार का सामना करना पड़ा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के नए पीएम एंथनी अल्बनीज को जीत की बधाई दी। साथ ही कहा कि राजनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और साझा प्राथमिकताओं पर काम करने के लिए उत्सुक हूं।

एक दशक बाद विपक्ष में बैठेगी लिबरल पार्टी
लेबर पार्टी के नेता एंथनी अल्बनीज के नए प्रधानमंत्री बनने के बाद स्कॉट मॉरिसन की लिबरल पार्टी करीब एक दशक बाद विपक्ष में बैठेगी। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि लेबर पार्टी बहुमत से सरकार बनाएगी या निर्दलीय और अन्य दलों को साथ लेकर सरकार बनाएगी। 50% से अधिक वोटों की गिनती की जा चुकी है। इसमें लेबर पार्टी एक चौथाई से ज्यादा वोटों की गिनती के साथ आगे चल रही है।

संसदीय चुनाव की कुछ अहम बातें

  • ऑस्ट्रेलिया में हमारे देश की तरह ही दो सदन हैं। ऊपरी सदन को सीनेट और निचले सदन को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स कहा जाता है। निचले सदन में बहुमत पाने वाली पार्टी या गठबंधन का नेता ही प्रधानमंत्री बनता है। इसकी 151 सीटों के लिए 21 मई को वोटिंग होनी थी।
  • इसके साथ ही ऊपर सदन की 50% सीटों के लिए भी वोटिंग होनी थी। इसका कार्यकाल 6 साल है और हर 3 साल में आधे सदस्य बदल जाते हैं। इन आधे सदस्यों के लिए भी वोटिंग होनी थी।
  • 18 साल या इससे अधिक उम्र के सभी ऑस्ट्रेलियाई नागरिक वोटिंग कर सकते हैं। प्रधानमंत्री बनने के लिए उम्र तय नहीं है। दूसरे शब्दों में कहें तो 18 साल या ज्यादा उम्र के जो लोग वोटिंग कर सकते हैं, वो चुनाव भी लड़ सकते हैं और प्रधानमंत्री भी बन सकते हैं।

गठबंधन सरकार 76 सीटों तक पहुंचने में असमर्थ
एबीसी न्यूज के चीफ इलेक्शन एनलिस्ट एंटनी ग्रीन ने अनुमान जताया है कि मौजूदा गठबंधन सरकार 76 सीटों तक पहुंचने में असमर्थ दिखाई पड़ रही है। चुनाव में हार का सामना कर रहे लिबरल सांसद जेसन फालिंस्की के मुताबिक, शुरुआती 40% वोट हमारे खिलाफ पड़े हैं। इससे पता चलता है कि वो तीसरी बार सांसद नहीं बन पाएंगे।

लिबरल पार्टी के खिलाफ बड़ा आंदोलन है
फाइनेंस मिनिस्टर साइमन बर्मिंघम ने कहा कि 'यह एक स्पष्ट समस्या है कि हम उन सीटों को खो रहे हैं जो हार्टलैंड सीटें मानी जाती हैं, जिन्होंने हमेशा से लिबरल पार्टी को मजबूत किया है।' ऐसे में अगर हम सुरक्षित सीटें हारते हैं तो ये हमारे खिलाफ एक बड़ा आंदोलन है। ये हमारे लिए साफ तौर पर एक बड़ा संदेश है जिस पर हमें ध्यान देने की जरूरत है।

कोरोना ने बदला वोटिंग पैटर्न
कोरोना महामारी की वजह से ऑस्ट्रेलिया के 1.7 करोड़ वोटर्स में से 48% से ज्यादा ने पहले ही वोट दे दिया या पोस्टल बैलेट के लिए अप्लाई किया। पिछले चुनावों में 92% पंजीकृत मतदाताओं ने मतदान किया था। ट्रैवल और काम की वजह से पिछले दो हफ्ते पहले मतदान शुरू हो गया था। ऑस्ट्रेलिया इलेक्शन कमीशन आगे भी दो हफ्ते तक पोस्टल वोट जमा करता रहेगा।

ऑस्ट्रेलिया के नए PM भारत के लिए अजनबी नहीं

ऑस्ट्रेलिया के चुने हुए नए प्रधान मंत्री एंथोनी अल्बनीज के लिए भारत कोई अजनबी देश नहीं है। अल्बनीज 1991 में भारत घूमने आए थे और उसके 28 साल बाद 2018 में पार्लियामेंट्री डेलिगेशन के लिए आए थे। जिसका अल्बनीज ने नेतृत्व किया था। अल्बनीज ऑस्ट्रेलिया के 31वें PM होंगे। 25 साल से लेबर पार्टी के सांसद हैं और फ्री हेल्थकेयर सिस्टम के हिमायती हैं।

2013 में उप प्रधानमंत्री बनाए गए थे

20 साल की उम्र से ही एंथोनी अल्बनीज लेबर पार्टी के कद्दावर नेता बन गए थे। न्यू साउथ वेल्स में ग्रेंडलर की सीट जीतकर अल्बनीज को 1996 के चुनाव में प्रतिनिधि सभा के लिए चुना गया। साल 2013 में अल्बनीज दूसरी रुड सरकार में उप प्रधानमंत्री बनाए गए थे। ​​​​​​​