असल जिंदगी की सुपरहीरो:10 करोड़ रंगों को पहचान सकती हैं कॉन्सेटा की आंखें, यह खूबी सिर्फ 1% लोगों के पास

सिडनी6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कॉन्सेटा एंटिको की आंखों के रेटिना में चौथा कलर रिसेप्टर है। इस वजह से वो 10 करोड़ रंगों को पहचान सकती हैं। - Dainik Bhaskar
कॉन्सेटा एंटिको की आंखों के रेटिना में चौथा कलर रिसेप्टर है। इस वजह से वो 10 करोड़ रंगों को पहचान सकती हैं।

जब हम किसी सामान्य पत्ती को देखते हैं तो सिर्फ गहरा हरा रंग दिखता है। पर ऑस्ट्रेलिया की कॉन्सेटा एंटिको को इस पत्ती में बैंगनी, फिरोजी और नीले रंग भी दिखाई देते हैं। दरअसल एंटिको टेट्राक्रोमेट हैं, यानी उनकी आंखों के रेटिना में चौथा कलर रिसेप्टर है। आमतौर पर लोगों की आंखों में तीन ही कलर रिसेप्टर होते हैं। इन्हें कोन सेल्स (शंकु कोशिका) कहते हैं। इनमें 10 लाख रंगों को अलग-अलग करने की क्षमता होती है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक टेट्राक्रोमेट की आंखें 10 करोड़ रंगों को पहचानने और अलग करने में सक्षम होती हैं। एंटिको बताती हैं, 'मुझे बचपन से ऐसा लगता था कि मैं जादुई दुनिया में रह रही हूं। मेरे लिए सब कुछ ज्यादा ही अद्भुत था। मुझे हर चीज में विस्तार दिखाई देता था। मैं जो कुछ भी देखती थी उसे पेंटिंग में उतार देती थी।’

यूनिवर्सिटी की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह अमेरिका के सैन डियागो आकर आर्ट टीचर बन गईं।

सिर्फ 1% लोगों में ही यह खूबी
2012 तक उन्हें इस बारे में पता नहीं था। उनके एक न्यूरोलॉजिस्ट छात्र ने टेट्राक्रोमेसी को लेकर स्टडी साझा की। इसमें लिखा था ऐसी मां की बेटी कलर ब्लाइंड होने की आशंका रहती है। इससे कुछ समय पहले ही एंटिको को बेटी के कलर ब्लाइंड होने का पता चला था।

कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की विशेषज्ञ किंबर्ले जेम्सन कहती हैं, ‘15 फीसदी महिलाओं में टेट्राक्रोमेसी के लिए जिम्मेदार जीन पाया जाता है। यह सिर्फ महिलाओं को हो सकता है। क्योंकि दो X क्रोमोसोम पर म्यूटेशन से ही चौथी कोन सेल बन सकती है। दुनिया में सिर्फ 1 फीसदी लोगों के साथ ही ऐसा हुआ है।'

टेट्राक्रोमेट्स के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू करेंगी
एंटिको कलर ब्लाइंड लोगों की मदद के लिए तरीके तलाश कर रही हैं। उन्हें लगता है कि समस्या जल्द पहचान ली जाए तो उनके दिमाग को जल्द प्रशिक्षित कर सकते हैं। वह जल्द एक कलर ब्लाइंट आर्ट स्कूल खोलने जा रही हैं। टेट्रोक्रोमेट्स के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी शुरू करेंगी।

खबरें और भी हैं...