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अयोध्या / अमेरिकी मीडिया ने फैसले को मोदी की जीत बताया, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा- भाजपा ने मुद्दे का प्रभावी इस्तेमाल किया



Ayodhya Ram Mandir; World Media Reaction After Supreme Court Historic Ram Janmabhoomi-Babri Masjid Land Dispute Judgment
Ayodhya Ram Mandir; World Media Reaction After Supreme Court Historic Ram Janmabhoomi-Babri Masjid Land Dispute Judgment
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Ayodhya Ram Mandir; World Media Reaction After Supreme Court Historic Ram Janmabhoomi-Babri Masjid Land Dispute Judgment
Ayodhya Ram Mandir; World Media Reaction After Supreme Court Historic Ram Janmabhoomi-Babri Masjid Land Dispute Judgment

  • अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा- अयोध्या मामले में भारतीय कोर्ट ने हिंदुओं का पक्ष लिया
  • 134 साल का विवाद सिर्फ 30 मिनट में सुलझा दिया गया: गल्फ न्यूज
  • ‘द गार्जियन’ ने लिखा- 1992 में मस्जिद ढहाया जाना भारत में धर्मनिरपेक्षता के नाकाम होने का बड़ा क्षण था

Dainik Bhaskar

Nov 09, 2019, 07:40 PM IST

इंटरनेशनल डेस्क. सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या के विवादित स्थल पर शनिवार को फैसला सुना दिया। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार विवादित स्थल पर मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाए और तीन महीने में अपनी योजना सौंपे। अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की वर्ल्ड मीडिया में भी काफी चर्चा रही। अमेरिकी मीडिया ने कोर्ट के निर्णय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत बताया। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा कि भाजपा ने मुद्दे का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया।  

 

अमेरिकी मीडिया

 

‘विवादित स्थल हिंदू राष्ट्रवादी समूहों को दिया जाएगा’
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट ने लिखा, “सुप्रीम कोर्ट ने विवादित स्थल का नियंत्रण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को दे दिया, जिसे बाद में हिंदू राष्ट्रवादी समूहों के ट्रस्ट को सौंपा जाएगा। अखबार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला भारत की राजनीतिक और सामाजिक संरचना को आकार देने का काम करेगा। दशकों तक अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों ने मामले से जुड़ी भावनाओं को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की। लेकिन भाजपा ने इसका इस्तेमाल सबसे प्रभावी तरीके से किया। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में मोदी सरकार ने मुस्लिम बहुल कश्मीर से उसकी स्वायत्तता छीन ली और भारत में लंबे समय से रह रहे कुछ मुस्लिम अप्रवासियों को नागरिकता देने से इनकार किया है। विवादित स्थल का नियंत्रण हासिल करना हिंदू राष्ट्रवादियों का दशकों पुराना एजेंडा रहा है। मोदी खुद युवावस्था में राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे। 2002 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद वे इस मुद्दे में गहराई से उतर गए।’’

 

मंदिर बनाना भाजपा का मकसद: वॉशिंगटन पोस्ट

अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने कहा कि दशकों पुराने विवाद में यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी जीत है। अखबार ने कहा कि भगवान राम के लिए विवादित स्थल पर मंदिर बनाना लंबे समय से भाजपा का उद्देश्य था। 

 

अखबार ने आगे लिखा, “भारत की सुप्रीम कोर्ट ने देश के सबसे विवादित धार्मिक स्थल को ट्रस्ट को देने का आदेश दिया और जिस जगह कभी मस्जिद हुआ करती थी, उस जगह हिंदू मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया।”  

 

हिंदुओं ने बाबरी मस्जिद गिरने के बाद मंदिर की योजना तैयार की: न्यूयॉर्क टाइम्स

अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के फैसले से हिंदुओं को उस जगह मंदिर बनाने की अनुमति मिली, जहां पहले मस्जिद हुआ करती थी। हिंदुओं ने इसकी योजना 1992 के बाद तैयार कर ली थी, जब बाबरी मस्जिद गिराई गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी भाजपा हिंदू राष्ट्रवाद और अयोध्या में मंदिर बनाने की लहर में ही सत्ता में आए। यह उनके प्लेटफॉर्म का प्रमुख मुद्दा था।” 

 

मिडिल ईस्ट

 

भाजपा के अभियान की जीत: अल जजीरा
मिडिल ईस्ट की वेबसाइट ने लिखा, “भाजपा ने अयोध्या में मंदिर के लिए सालों अभियान चलाया। अब फैसले के जरिए मंदिर का रास्ता साफ होना 69 साल के मोदी के लिए दूसरे कार्यकाल के शुरुआती दिनों में ही बड़ी जीत है। उम्मीद है कि यह फैसला सालों के गुस्से और मतभेद भरी कानूनी लड़ाई का अंत करेगा, जिसे ब्रिटिश सामंतवादी शासकों और यहां तक की दलाई लामा ने भी सुलझाने की कोशिश की।” 

 

मुस्लिमों को वैकल्पिक जमीन मिलेगी: गल्फ न्यूज

दूसरी तरफ संयुक्त अरब अमीरात की वेबसाइट गल्फ न्यूज लिखता है, “134 साल का विवाद 30 मिनट में सुलझा लिया गया। हिंदुओं को अयोध्या की जमीन मिलेगी। मुस्लिमों को मस्जिद के लिए वैकल्पिक जमीन दी जाएगी।”

 

पाकिस्तान

 

कोर्ट के फैसले से हिंदू-मुस्लिमों के भारी संबंधों पर असर पड़ेगा: द डॉन

पाकिस्तानी अखबार ‘द डॉन’ ने लिखा, “भारत की सुप्रीम कोर्ट ने उस विवादित स्थल पर, जहां हिंदुओं ने 1992 में मस्जिद गिराई थी हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुना दिया और कहा कि अयोध्या की जमीन पर मंदिर बनाया जाएगा। हालांकि, कोर्ट ने यह मान लिया कि 460 साल पुरानी बाबरी मस्जिद को गिराना कानून का उल्लंघन था। कोर्ट के फैसले से भारत के हिंदू-मुस्लिमों के बीच भारी हुए संबंधोंं पर बड़ा असर पड़ सकता है।” 

 

भारत सरकार मुस्लिमों की सुरक्षा सुनिश्चित करे: द ट्रिब्यून

पाकिस्तान के द ट्रिब्यून ने अपनी खबर में सरकार और विदेश मंत्रालय के बयानों का जिक्र किया। इसमें विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के हवाले से कहा गया कि भारत के मुस्लिम पहले से काफी दबाव में हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उन पर दबाव बढ़ेगा। वेबसाइट ने विदेश मंत्रालय की तरफ से लिखा कि भारत सरकार को मुस्लिमों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।  

 

ब्रिटेन

 

अयोध्या में राम मंदिर बनाना भाजपा के राष्ट्रवादी एजेंडे का हिस्सा: द गार्जियन

ब्रिटिश अखबार गार्जियन ने भी इसे प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत बताया। अखबार ने लिखा कि अयोध्या में राम मंदिर बनाना उनके राष्ट्रवादी एजेंडे का हिस्सा रहा है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब देश के 20 करोड़ मुस्लिम सरकार से डर महसूस कर रहे हैं। अखबार ने कहा कि 1992 में मस्जिद ढहाया जाना भारत में धर्मनिरपेक्षता के नाकाम होने का बड़ा क्षण था।”

 

 

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