उत्तरप्रदेश / बरेली पहली यूनिवर्सिटी, जहां तीन तलाक कानून पढ़ाया जाएगा



बरेली यूनिवर्सिटी का प्रवेश द्वार। बरेली यूनिवर्सिटी का प्रवेश द्वार।
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बरेली यूनिवर्सिटी का प्रवेश द्वार।बरेली यूनिवर्सिटी का प्रवेश द्वार।

  • एलएलबी/एलएलएम के पाठ्यक्रम में कानून को शामिल करने की विधि की बोर्ड ऑफ स्टडीज ने दी मंजूरी
  • प्रस्ताव में मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम और दूसरा भू-राजस्व संहिता संसोधन शामिले थे 

Dainik Bhaskar

Sep 19, 2019, 11:35 AM IST

बरेली. उत्तरप्रदेश में बरेली स्थित महात्मा गांधी ज्योतिबा फुले रूहेलखंड यूनिवर्सिटी (बरेली यूनिवर्सिटी) में अब कानून के विद्यार्थियों को तीन तलाक कानून पाठ्यक्रम के रूप में पढ़ाया जाएगा। यह उत्तर प्रदेश की पहली यूनिवर्सिटी है, जहां तीन तलाक कानून को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। इसे एलएलबी और एलएलएम में फैमिली लॉ के अंतर्गत पढ़ाया जाएगा। 

 

यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष अमित सिंह ने बताया कि एलएलबी/एलएलएम के पाठ्यक्रम में संशोधन के लिए विधि की बोर्ड ऑफ स्टडीज के सामने प्रस्ताव रखा गया था। इसे स्वीकार कर लिया गया।

 

प्रस्ताव में दो संशोधन
प्रस्ताव में दो महत्वपूर्ण संशोधन हुए है। पहला, मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम (तीन तलाक कानून) और दूसरा भू-राजस्व संहिता को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने को मंजूरी मिली है। उन्होंने बताया- यूपी जमींदारी अधिनियम को 2016 में सरकार ने निरस्त कर दिया था। इसके बाद भी विश्वविद्यालय में पिछले तीन साल से कानून के विद्यार्थियों को यही पढ़ाया जा रहा था।

 

जुलाई में पास हुआ कानून
मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2019 यानि तीन तलाक बिल जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में पहले लोकसभा और फिर राज्यसभा से पारित किया गया। संसद से पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 31 जुलाई 2019 को मंजूरी दे दी।

 

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