US बास्केटबॉल प्लेयर को रूस में 9 साल की जेल:बाइडेन बोले- हम ब्रिटनी के बदले रूसी आर्म्स डीलर को छोड़ देंगे; रूस इस डील पर चर्चा करने के लिए तैयार

वॉशिंगटन7 दिन पहले
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एक रूसी अदालत ने अमेरिकी बास्केटबॉल प्लेयर ब्रिटनी ग्रिनर को 9 साल जेल की सजा सुनाई है और उन पर 10 लाख रूबल (करीब 13 लाख रुपये) का जुर्माना भी लगाया है। ब्रिटनी को ड्रग तस्करी का आरोपी ठहराया है। कोर्ट की कार्यवाही को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने नामंजूर बताया है। उन्होंने रूस को 'प्रिजनर स्वैप डील' स्वीकार करने के लिए कहा है। इधर, रूस ने कहा कि वो अमेरिका के साथ प्रिजनर स्वैप डील पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।

ब्रिटनी ग्रिनर का जन्म 18 अक्टूबर 1990 को ह्यूस्टन टेक्सस में हुआ। वो दो बार की ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकीं हैं।
ब्रिटनी ग्रिनर का जन्म 18 अक्टूबर 1990 को ह्यूस्टन टेक्सस में हुआ। वो दो बार की ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकीं हैं।

क्या है 'प्रिजनर स्वैप डील'?
अमेरिका ने ग्रिनर की रिहाई के लिए रूस के सामने प्रिजनर स्वैपिंग, यानी एक कैदी के बदले दूसरे कैदी को छोड़ने की डील रखी थी। अमेरिका ने ब्रिटनी के बदले खतरनाक रूसी आर्म्स डीलर विक्टर बाउट को छोड़ने का ऑफर दिया था।

विक्टर बाउट को अमेरिका में 25 साल की सजा सुनाई गई है। उसे मर्चेंट ऑफ डेथ के नाम से भी जाना जाता है।
विक्टर बाउट को अमेरिका में 25 साल की सजा सुनाई गई है। उसे मर्चेंट ऑफ डेथ के नाम से भी जाना जाता है।

व्हाइट हाउस के नेशनल सिक्योरिटी स्पोक्सपर्सन जॉन किर्बी ने कहा- हमने रूस के सामने एक सीरियस समझौता रखा है। रूस को इसे एक्सेप्ट कर लेना चाहिए। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, रूस इस प्रिजनर डील में वादिम कसीसिकोव की रिहाई की भी मांग कर रहा है। वादिम, हत्या के आरोप में जर्मनी की जेल में कैद है। हालांकि, किर्बी ने कहा कि US ने इस बारे में सोचा नहीं है। अमेरिका को नहीं लगता कि वादिम की रिहाई चर्चा का विषय होना चाहिए।

कब गिरफ्तार हुई थीं ब्रिटनी?
31 साल की अमेरिकी गोल्ड मेडलिस्ट ब्रिटनी को 17 फरवरी 2022 में मास्को एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। वो WNBA के ऑफ सीजन में रशियन प्रीमियर लीग में भाग लेने पहुंची थीं। एयरपोर्ट पर उनके सामान से ड्रग्स से निकाले गए तेल की कार्ट्रिज मिली थी। उनकी गिरफ्तारी रूस-यूक्रेन जंग के कुछ दिन पहले ही हुई थी। गिरफ्तारी पर बाइडेन प्रशासन ने कहा था कि ब्रिटनी को गलत तरीके से कैद किया गया है।