• Hindi News
  • International
  • Big Advantage Of Taking Medicines In Allergy, Fever And Asthma, It Reduces The Risk Of Corona Infection By About 40%

क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी:एलर्जी, बुखार और अस्थमा में दवाएं लेने का बड़ा फायदा, इससे कोरोना संक्रमण का खतरा करीब 40% कम होता है

लंदन6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मई 2020 से फरवरी 2021 तक 16 हजार लोगों पर अध्ययन। - Dainik Bhaskar
मई 2020 से फरवरी 2021 तक 16 हजार लोगों पर अध्ययन।

एलर्जी, बुखार, एग्जिमा, सर्दी और अस्थमा के रोगी यदि नियमित रूप से दवाएं लेते हैं तो उन्हें कोरोना संक्रमण का खतरा लगभग 40 फीसदी तक कम होता है। लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी की ओर से मई 2020 से फरवरी 2021 तक 16 हजार रोिगयों पर किए गए अध्ययन में ये खुलासा हुआ है।

बुखार और एग्जिमा के रोगियों में कोरोना संक्रमण की आशंका लगभग 25 फीसदी कम पाई गई। साथ ही अस्थमा के रोगी जो स्टेराइड इनहेलर्स का इस्तेमाल करते हैं उन लोगों में कोरोना संक्रमण की आशंका लगभग 40 फीसदी कम रहती है। मेडिकल जर्नल थोरोक्स में प्रकाशित क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार सभी नस्लीय लोगों को इसमें शामिल किया गया जिससे कि पता चल सके कि कोरोना संक्रमण का असर किस प्रकार से लोगों पर होता है।

अध्ययन का समय कोरोना के डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट से पहले किया गया था। ऐसे में अध्ययन के द्वारा फिलहाल ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन वैरिएंट के आने के बाद एलर्जी, बुखार और अस्थमा में दवाएं लेने के बाद इन वैरिएंट से कितनी सुरक्षा और प्रतिरोध क्षमता प्राप्त होती है। अध्ययन में शामिल डॉक्टरों का कहना है इसके लिए जल्द नया अध्ययन होगा।

घनी आबादी वाले स्थानों पर रहने वाले एिशयाई लोगों को संक्रमण का खतरा ज्यादा

क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी के डॉ. एडरियन मार्टिन का कहना है क अध्ययन में ये भी सामने आया कि घनी आबादी वाले स्थानों में रहने वाले एिशयाई लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है। फिर चाहे वे एलर्जी की दवाएं भी लेते हों। एिशयाई मूल के लोगों में श्वेत ब्रिटिश लोगों की तुलना में संक्रमण का खतरा लगभग दोगुना होता है। अध्ययन में ये भी सामने आया कि 60 साल से अघिक उम्र के पुरुष जो कि एलर्जी की दवाएं जैसे इनहेलर्स लेते हैं उनमें भी संक्रमण का खतरा कम रहा है।