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USA का सुपर प्लान:ड्रैगन की नाकाबंदी की सबसे बड़ी तैयारी, चीनी कंपनियों से निपटने अमेरिका ने बनाया 18 लाख करोड़ रु. का प्लान

वॉशिंगटन13 दिन पहले
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देश में बढ़ती चीनी टेक्नोलॉजी और उसके प्रभाव को खत्म करने के लिए अमेरिकी सीनेट व्यापक कानूनों का पैकेज ला रही है। - Dainik Bhaskar
देश में बढ़ती चीनी टेक्नोलॉजी और उसके प्रभाव को खत्म करने के लिए अमेरिकी सीनेट व्यापक कानूनों का पैकेज ला रही है।
  • सीनेट ने बनाया यूएस इनोवेशन एंड कंपीटिशन एक्ट नाम का विधेयक

अमेरिका चीनी नांकेबंदी का सबसे बड़ा अभियान शुरू करने जा रहा है। देश में बढ़ती चीनी टेक्नोलॉजी और उसके प्रभाव को खत्म करने के लिए अमेरिकी सीनेट व्यापक कानूनों का पैकेज ला रही है। यह विधेयक द्विदलीय व्यवस्था के तहत पास किया जाएगा। इसके जरिए यह संकेत देने की कोशिश की जाएगी कि डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों ही पार्टियां चीन को अमेरिका के लिए खतरा मानती हैं।

यूएस इनोवेशन एंड कंपीटिशन एक्ट नाम का यह विधेयक कई सीनेट समितियों ने मिलकर बनाया है। राष्ट्रपति जो बाइडेन इसके लिए समर्थन जाहिर कर चुके हैं, जो अमेरिकन मैन्यूफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी रिसर्च और डेवलपमेंट पर करीब 18 लाख करोड़ रुपए निवेश की मंजूरी देता है।

मई के आखिरी में इस बिल को 68-30 से प्रक्रियागत मंजूरी मिल गई है और उम्मीद की जा रही है कि बाकी मुद्दों के साथ इस बिल को मंजूरी मिल जाएगी। अमेरिकी बिजनेस कम्युनिटी लंबे समय से आरोप लगाती रही है कि चीनी कंपनियां अनैितक कार्यों में लगी हैं। जैसे बौद्धिक संपदा अधिकार चोरी करना और मार्केट में जबरिया अपनी टेक्नोलॉजी को ट्रांसफर करना।

यह बिल इस तरीके के अनैतिक काम करने वाली कंपनियों की सूची प्रकाशित करने का अधिकार देता है। साथ ही राष्ट्रपति ऐसे लोगों या संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। इस कानून के दायरे में उन विदेशी प्रतिष्ठानों पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकेगा, जिन्होंने अमेरिका में साइबर हमले का समर्थन किया है या शामिल रहे हैं। यह अमेरिका में हेरफेर जैसे मुद्दे से निपटने के लिए टास्क फोर्स का गठन करेगा। साथ ही चीन में स्वत्रंत मीडिया को समर्थन देने के लिए भी फंड देगा।

18 लाख करोड़ रुपए के प्रावधान वाले इस बिल के तहत अमेरिका में रीजनल टेक्नोलॉजी हब बनाएं जाएंगे। आधुनिक टेक्नोलॉजी वाले क्षेत्र जैसे एआई, रोबोटिक्स और बॉयोटेक्नोलॉजी के लिए 29 बिलियन डॉलर का बजट रखा गया है। इस बिल के सह प्रायोजक डेमोक्रेटिक सीनेट चक शूमर कहते हैं कि अमेरिका साइंसटिफिक रिसर्च पर अपनी जीडीपी का 1% से भी कम खर्च करता है, जो चीन के मुकाबले आधे से भी कम है। यह बिल रिसर्च और इनोवेशन में सबसे बड़ा निवेश होगा, जो अमेरिका को भविष्य के उद्योगों में दुनिया का नेतृत्व प्रदान करने में मदद करेगा।

टेक्नोलॉजी व रिसर्च के लिए 14 लाख करोड़ का बजट यह बिल अमेरिकी टेक्नोलॉजी और रिसर्च को मजबूत करने के प्रावधानों के लिए लगभग 190 बिलियन डॉलर (करीब 14 लाख करोड़ रु.) का बजट देता है। टेलीकम्यूनिकेशन उपकरणों के उत्पादन के लिए 54 बिलियन डॉलर के अतिरिक्त बजट को मंजूरी देता है।

यह बिल सेमीकंडक्टर मैन्यूफैक्चरिंग को सब्सिडी देने के लिए पांच वर्षों में 50 बिलियन डॉलर से अधिक राशि देगा, जिसका उद्देश्य चीन के साथ प्रतिस्पर्धा करना और वैश्विक चिप की कमी को दूर करना है जो कारों, स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आपूर्ति को बाधित कर रही है।

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