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स्वीडन / स्टॉकहोम एयरपोर्ट पर बोइंग 747 में बनाया 33 कमरों का होटल, इंजन-कॉकपिट में भी रूम बनाए

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 07:42 AM IST


Boeing 747 converted 33 Rooms hotel stayed overnight in Stockholm
स्टॉकहोम के अरलांडा एयरपोर्ट पर खड़ा है विमान। स्टॉकहोम के अरलांडा एयरपोर्ट पर खड़ा है विमान।
इंजन में भी बनाए गए रूम-सुइट। इंजन में भी बनाए गए रूम-सुइट।
Boeing 747 converted 33 Rooms hotel stayed overnight in Stockholm
प्लेन के अंदर ही कैफे भी बनाया गया है। प्लेन के अंदर ही कैफे भी बनाया गया है।
कस्टमर सुविधा के हिसाब से सिंगल या डबल रूम ले सकते हैं। कस्टमर सुविधा के हिसाब से सिंगल या डबल रूम ले सकते हैं।
Boeing 747 converted 33 Rooms hotel stayed overnight in Stockholm
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Boeing 747 converted 33 Rooms hotel stayed overnight in Stockholm
स्टॉकहोम के अरलांडा एयरपोर्ट पर खड़ा है विमान।स्टॉकहोम के अरलांडा एयरपोर्ट पर खड़ा है विमान।
इंजन में भी बनाए गए रूम-सुइट।इंजन में भी बनाए गए रूम-सुइट।
Boeing 747 converted 33 Rooms hotel stayed overnight in Stockholm
प्लेन के अंदर ही कैफे भी बनाया गया है।प्लेन के अंदर ही कैफे भी बनाया गया है।
कस्टमर सुविधा के हिसाब से सिंगल या डबल रूम ले सकते हैं।कस्टमर सुविधा के हिसाब से सिंगल या डबल रूम ले सकते हैं।
Boeing 747 converted 33 Rooms hotel stayed overnight in Stockholm
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  • 1976 में बना था बोइंग 747, ट्रांसजेट कंपनी ऑपरेट करती थी जो 2002 में दिवालिया हो गई

स्टॉकहोम. स्वीडन के अरलांडा एयरपोर्ट पर बोइंग 747 में एक 33 कमरों का होटल बनाया गया है। प्लेन के इंजन और कॉकपिट में भी सुइट बनाए गए हैं। कस्टमर अपनी सुविधा के हिसाब से यहां सिंगल-डबल रूम या सुइट ले सकता है। 

कॉकपिट सुइट में कंट्रोल पैनल के पास ही बिस्तर

  1. कॉकपिट सुइट में कंट्रोल पैनल के पास ही बेड लगाया गया है। इसमें वीआईपी लाउंज की सुविधा भी दी गई है। यहां कस्टमर को बार, ड्राअर और मैगजीन भी मिलेंगी। प्लेन के अंदर कैफे भी है।

    Plane

  2. बोइंग 747 विमान 1976 में सिंगापुर में बना था। इसे स्वीडिश एयरलाइन ट्रांसजेट ऑपरेट करती थी। 2002 में ट्रांसजेट दिवालिया हो गई। बाद में 2009 में बोइंग को उसके मालिक ऑस्कर डियोस ने होटल में तब्दील कर दिया।

    plane

  3. इस होटल को जंबो स्टे नाम दिया गया है। इसके स्टाफ को भी केबिन क्रू ही कहा जाता है। स्टाफ को क्रू की तरह ही यूनिफॉर्म पहननी होती है। जंबो स्टे तक लोगों को लाने के लिए फ्री शटल बस भी चलाई गई है।

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