• Hindi News
  • International
  • Boris Johnson Cancelled India Visit Update | Amid COVID 19 Lockdown And Coronavirus Outbreak

कोरोना का असर:गणतंत्र दिवस के चीफ गेस्ट ब्रिटिश PM बोरिस जॉनसन ने भारत दौरा रद्द किया, बोले- अभी देश में रहना ज्यादा जरूरी

लंदन9 महीने पहले
ब्रिटेन में कोरोना का नया स्ट्रेन फैलने के बाद से बोरिस जॉनसन खुद हालात पर नजर रख रहे हैं। वह सोमवार को नॉर्थ लंदन के एक हॉस्पिटल में पहुंचे थे। भारत दौरा रद्द करते हुए उन्होंने कहा कि इस वक्त उनका देश में रहना जरूरी है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अपना भारत दौरा रद्द कर दिया है। भारत ने उन्हें इस गणतंत्र दिवस पर बतौर चीफ गेस्ट बुलाया था। इसे उन्होंने स्वीकार भी कर लिया था। हालांकि, बाद में उनके भारत न आने की अटकलें लग रही थीं। मंगलवार को इसकी पुष्टि हो गई।

न्यूज एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, जॉनसन अब भारत नहीं आएंगे। जॉनसन ने सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। उन्होंने खेद जताते हुए कहा कि वे इस महीने भारत नहीं आ पाएंगे।

उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से अभी देश में दोबारा लॉकडाउन लगाया गया है। जिस तरह ब्रिटेन में कोरोना का नया स्ट्रेन फैल रहा है, उस हिसाब से मेरा देश में रहना जरूरी है। इससे वे यहां के हालात पर ध्यान दे पाएंगे।

कुछ समय बाद दौरे की उम्मीद

बोरिस जॉनसन ने कहा कि उम्मीद है कि वे इसी साल ब्रिटेन में होने वाली जी-7 समिट से पहले भारत का दौरा करेंगे। इस समिट में ब्रिटेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खास तौर से बुलाया है।

ब्रिटेन में इन दिनों उथल-पुथल का दौर

ब्रिटेन में इन दिनों हालात बहुत मुश्किल हैं। कोरोना का नया स्ट्रेन मिलने के बाद यूरोप समेत दुनिया के कई देशों ने ब्रिटेन से आवाजाही पर रोक लगा दी है। भारत ने भी 31 दिसंबर को उड़ानों पर रोक लगा दी थी। इससे बावजूद यह स्ट्रेन कई देशों में फैल गया है।

इसी दौरान ब्रिटेन और यूरोपियन यूनियन के बीच ब्रेग्जिट ट्रेड डील पूरी हुई। इसे जॉनसन की बड़ी जीत माना गया लेकिन, यूरोप से सटी सीमा पर आवाजाही बंद होने से वहां से आयात होने वाली जरूरी चीजों पर असर पड़ा।

आंदोलन कर रहे किसानों ने सांसदों से की थी अपील

नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों ने ब्रिटेन के सांसदों से अपील की थी कि वे गणतंत्र दिवस पर बोरिस जॉनसन को भारत आने से रोकें।

दिल्ली की सिंघु बॉर्डर पर डटे किसानों ने सांसदों को पत्र लिखा था। इसमें लिखा था कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री 26 जनवरी को भारत आने वाले हैं। हमारी अपील है कि जब तक भारत सरकार किसानों की मांग नहीं मानती है, उन्हें भारत आने से रोका जाए।