ब्रिटेन / प्रधानमंत्री जॉनसन ने यूरोपीय संघ को बिना हस्ताक्षर का पत्र भेजा, ब्रेग्जिट की तारीख बढ़ाने की मांग की



ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन। (फाइल फोटो) ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन। (फाइल फोटो)
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ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन। (फाइल फोटो)ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन। (फाइल फोटो)

  • ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि संसद ने एक बार फिर यूरोपीय संघ से अलग होने का मौका खो दिया
  • ब्रेग्जिट की तारीख 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 31 जनवरी करने के पक्ष में 322 वोट, जबकि विरोध में 306 वोट पड़े

Dainik Bhaskar

Oct 20, 2019, 11:46 AM IST

लंदन. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने शनिवार को यूरोपीय संघ को ब्रेग्जिट की तारीख बढ़ाने के लिए बिना हस्ताक्षर का पत्र भेजा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह ब्रिटेन की संसद का पत्र है, उनका नहीं। जॉनसन ने यूरोपीय संघ से ब्रिटेन को बाहर करने की तारीख 31 अक्टूबर से 3 महीने बढ़ाकर 31 जनवरी करने की अपील की है। 

 

जॉनसन ने पत्र में कानूनों का हवाला देते हुए कहा कि वे यूरोपीय संघ संधि के अनुच्छेद 50 (3) के तहत वह ब्रिटेन के अलग होने की अवधि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। ब्रिटिश अखबार ‘द आयरिश टाइम्स’ के मुताबिक, जॉनसन ने यूरोपीय संघ के अध्यक्ष डोनाल्ड टस्क को भी एक पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से तारीख बढ़ाने की मांग नहीं कर रहे। उन्होंने इसे सांसदों की गलती करार दिया। 

 

टस्क ने पत्र मिलने की पुष्टि की

टस्क ने पुष्टि की कि उन्हें जॉनसन से ब्रेक्जिट में देरी का अनुरोध पत्र मिला है। टस्क ने ट्विटर पर लिखा, “मैं अब यूरोपीय संघ के नेताओं से चर्चा करूंगा कि ब्रिटेन को कैसी प्रतिक्रिया दें। ब्रिटिश सांसदों ने शनिवार को ब्रेग्जिट की तारीख 31 अक्टूबर से आगे बढ़ाने के पक्ष में वोट दिया था। तय तारीख को ब्रेग्जिट नहीं कराने के पक्ष में 322 वोट, जबकि विरोध में 306 वोट पड़े।

 

संसद ने ब्रेग्जिट का एक और मौका गंवाया

वोटिंग में हारने के बाद जॉनसन ने संसद में कहा कि काश सार्थक वोटिंग के साथ ही समझौता प्रभावी रूप से पारित हो जाता। यूके और पूरे यूरोप के लिए अच्छा होता अगर हम 31 अक्टूबर को इस नए सौदे के साथ यूरोपीय संघ से अलग हो जाते। खेद है कि संसद ने एक बार फिर यह मौका गंवा दिया।

 

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