ब्रिटेन / बच्ची के पिता की प्रधानमंत्री को फटकार; अस्पताल में डॉक्टर नहीं, आप मीडिया लाकर मौका भुना रहे हैं

ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन को शिकायत सुनाता बीमार बच्ची का पिता। ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन को शिकायत सुनाता बीमार बच्ची का पिता।
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ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन को शिकायत सुनाता बीमार बच्ची का पिता।ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन को शिकायत सुनाता बीमार बच्ची का पिता।

  • उमर सलीम नाम के व्यक्ति ने बोरिस जॉनस से कहा- अस्पताल में डॉक्टर नहीं, नर्सें नहीं हैं, वार्ड बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है
  • प्रधानमंत्री जॉनसन ने घटना का वीडियो ट्वीट किया, लिखा- खुशी है कि व्यक्ति ने अपनी परेशानियां बताईं

दैनिक भास्कर

Sep 20, 2019, 12:58 PM IST

लंदन. बोरिस जॉनसन को प्रधानमंत्री बने हुए 57 दिन हो गए हैं। ऐसे में वह बुधवार को एक अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। इस बीच अस्पताल में भर्ती सात साल की बच्ची के पिता ने मीडिया के सामने नए प्रधानमंत्री को जमकर फटकार लगा दी। व्यक्ति का नाम उमर सलीम है। उसने प्रधानमंत्री से कहा- 'मेरी बेटी करीब-करीब मर ही चुकी थी, क्योंकि अस्पताल के जिस वार्ड में उसका इलाज हो रहा है, वो सरकार की कंजूसी के कारण बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं है। इस वार्ड में पर्याप्त स्टाफ नहीं है।

 

डॉक्टर नहीं हैं। नर्सें नहीं हैं। यहां के इंतजाम जरूरत के लिहाज से बेहद कम हैं। एक रजिस्ट्रार पूरे वॉर्ड और चाइल्ड सेक्शन को संभाल रहा है। यह बिल्कुल सही नहीं है और आप यहां प्रेस के बहाने मौका भुनाने आए हैं।' खास बात यह है कि अस्पताल के डॉक्टर भी उमर सलीम का समर्थन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री और सलीम के बीच बहस का वीडियो भी सामने आया है।

 

प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का ट्वीट 
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने खुद इस घटना पर ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, ‘मुझे प्रधानमंत्री बने 57 दिन हुए हैं। लोगों के बीच जाकर उनसे बात करना और उनकी परेशानियों को सुनना मेरे काम का हिस्सा है। यह जरूरी नहीं है कि वो मुझसे सहमत हों। खुशी है कि शख्स ने अपनी परेशानी बताई। यह कोई शर्मिंदगी की बात नहीं, मेरे काम का हिस्सा है।’

 

प्रधानमंत्री को फटकार सके, यही लोकतंत्र की ताकत
इस घटनाक्रम के सोशल मीडिया पर सामने आने पर लोगों ने सलीम की आलोचना की। कुछ लोगों ने कहा, सलीम ने प्रधानमंत्री और मीडिया को देखकर ऐसा किया। वहीं कुछ लोगों ने कहा, ‘अच्छी बात यह है कि दुनिया के किसी कोने में ही सही, एक आम आदमी अपने प्रधानमंत्री तक पहुंच तो सकता है। अपने प्रधानमंत्री को बदहाली के लिए फटकार तो लगा सकता है और यही तो लोकतंत्र की ताकत है।’

 

डॉक्टर्स ने कहा- प्रधानमंत्री को नाइट शिफ्ट में आना चाहिए
गार्डियन की एक रिपोर्ट में एक डॉक्टर के हवाले से लिखा गया है, ‘मैं विप्स क्रॉस यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में काम करता हूं। यहां संसाधनों की कमी है। हमें कम फंड मिलता है, स्टाफ की कमी है। प्रधानमंत्री को यहां नाइट शिफ्ट के दौरान आना चाहिए। खुद देखना चाहिए कि कैसे रात के दो बजे चीजें बिल्कुल ठप हो जाती हैं।’

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