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ब्रिटेन / निवेशकों ने कंपनियों से कहा- 2020 तक बोर्ड में महिलाओं की संख्या 33% करें वर्ना रेटिंग घटा दी जाएगी

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2019, 07:09 AM IST


प्रतीकात्मक तस्वीर। प्रतीकात्मक तस्वीर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।प्रतीकात्मक तस्वीर।
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  • इन्वेस्टमेंट एसोसिएशन और हैंपटन एलेक्जेंडर रिव्यू ने 69 कंपनियों को पत्र लिखा 
  • रेटिंग घटने पर कंपनियों के लिए फंड जुटाना मुश्किल हो जाएगा

लंदन. दुनियाभर में इन दिनों महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार दिलाने की मुहिम तेज है। बड़ी-बड़ी कंपनियां भी महिला स्टाफ की संख्या बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। लेकिन जब बात कंपनी के बोर्ड में महिला प्रतिनिधियों को लाने की आती है तो ज्यादातर कंपनियों का रुख नकारात्मक दिखता है। इस ट्रेंड को देखते हुए ब्रिटेन की इन्वेस्टमेंट एसोसिएशन और सरकार समर्थित संस्था हैंपटन-एलेक्जेंडर रिव्यू ने 69 कंपनियों को पत्र लिख कर बोर्ड में महिलाओं की संख्या बढ़ाने को कहा है। इन कंपनियों को 2020 तक बोर्ड में महिलाओं की संख्या 33% तक करने के लिए कहा गया है।

कई कंपनियों के बोर्ड में एक भी महिला नहीं

  1. जिन कंपनियों को पत्र लिखा गया है, उनमें डोमिनोज पिज्जा, जेडी स्पोर्ट्स और ग्रीने किंग भी शामिल हैं। इन 69 कंपनियों में से 66 के बोर्ड में सिर्फ एक महिला है। प्रॉपर्टी इन्वेस्टर डायजान होल्डिंग, मिलेनियम एंड कॉपथ्रोन होटल्स और टीआर प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट के बोर्ड में एक भी महिला नहीं है।

  2. इन्वेस्टमेंट एसोसिएशन ने कहा है कि एफटीएसई 350 इंडेक्स में मौजूद हर पांच में से एक कंपनी के बोर्ड में महिलाओं की संख्या कम है, जो स्वीकार्य नहीं है। जो कंपनियां लक्ष्य से पीछे हैं वे 2020 तक स्थिति सुधार लें। ऐसा नहीं करने पर निवेश के लिए उनकी रेटिंग निगेटिव कर दी जाएगी। रेटिंग घटने पर कंपनियों के लिए फंड जुटाना मुश्किल हो जाएगा।

  3. ब्रिटेन की 250 कंपनियां इन्वेस्टमेंट एसोसिएशन से जुड़ी हुई हैं। इनके पास 7.7 ट्रिलियन पाउंड (करीब 700 लाख करोड़ रुपए) की संपत्ति है। एसोसिएशन के प्रमुख क्रिस कमिंग्स ने कहा, 'ज्यादातर कंपनियां टोकन के तौर पर बोर्ड में एक महिला सदस्य रख लेती हैं। कई रिसर्च से साबित हो चुका है कि जेंडर डायवर्सिटी से कंपनियों का प्रदर्शन बेहतर होता है। इसके बावजूद ये सुधार नहीं कर रही हैं। इन्हें अगले साल यानी 2020 तक का समय दिया गया है। अगर तब तक संख्या नहीं बढ़ती है तो इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।'

  4. भारतीय कंपनियों के बोर्ड में 25% महिलाएं मालिकों की रिश्तेदार

    भारत में नियम है कि कंपनी के बोर्ड में कम से कम एक महिला जरूर हो। हालांकि इस नियम का पालन ज्यादातर खानापूर्ति के लिए होता है। 2018 की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय कंपनियों के बोर्ड में मौजूद महिलाओं में 25% कंपनी के मालिक की रिश्तेदार हैं। 26 जनवरी, 2018 के आंकड़ों के मुताबिक एनएसई में लिस्टेड 1723 कंपनियों में 1667 के बोर्ड में कम से कम एक महिला थी। इनमें से 425 कंपनियों में मौजूद महिलाएं कंपनी के प्रमोटर की रिश्तेदार हैं।

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