कोरोना से लड़ाई में कनाडा का बड़ा फैसला:5-11 साल के बच्चों को लगाई जाएगी फाइजर वैक्सीन, दो डोज में 8 हफ्ते का अंतर होगा

ओटावा9 महीने पहले
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कनाडा स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अगर किसी बच्चे को पहले कोरोना हो चुका है तो उसे डोज तभी दी जाएगी, जब मौजूदा मानकों के आधार पर उसे संक्रमित नहीं माना जाएगा। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
कनाडा स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अगर किसी बच्चे को पहले कोरोना हो चुका है तो उसे डोज तभी दी जाएगी, जब मौजूदा मानकों के आधार पर उसे संक्रमित नहीं माना जाएगा। (फाइल फोटो)

कनाडा ने कोरोना से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा फैसला लिया है। यहां 5-11 साल के बच्चों को फाइजर कोरोना वैक्सीन की 2 डोज लगाने की मंजूरी दे दी गई है। यह फैसला तब लिया गया, जब कुछ कंपनियों ने इस एज ग्रुप के हजारों बच्चों के क्लिनिकल ट्रायल के लिए एप्लिकेशन भेजी। नतीजों में सामने आया कि 16 से 25 साल के एज ग्रुप में वैक्सीन का जो प्रभाव था, वही 5 से 11 साल के एज ग्रुप में भी दिखा।

कनाडा स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा, 'ट्रायल के स्वतंत्र रिव्यू करने के बाद हम बच्चों को भी वैक्सीन का लाभ देना चाहते हैं। 5 से 11 साल के बच्चों में भी यह वैक्सीन 90% प्रभावी पाई गई है। इसके अलावा इसके कोई गंभीर साइड इफेक्ट भी नहीं दिखाई दिए हैं। अभी तक इस एज ग्रुप में सुरक्षा संबंधी कोई समस्या सामने नहीं आई है और इस पर लगातार नजर रखी जाएगी।'

कनाडा स्वास्थ्य विभाग ने क्या गाइडलाइंस जारी कीं
- 5-11 साल के बच्चों को फाइजर वैक्सीन की दो डोज लगाई जाएंगी।
- बच्चों को दी जाने वाली वैक्सीन की दोनों डोज के बीच 8 हफ्ते का अंतर रहेगा।
- बच्चों को 10MCG की डोज दी जाएगी, वयस्कों को 30MCG की डोज दी जा रही है।
- अगर किसी बच्चे को पहले कोरोना हो चुका है तो उसे डोज तभी दी जाएगी जब मौजूदा मानकों के आधार पर उसे संक्रमित नहीं माना जाएगा।
- 2 डोज के बीच का अंतर वयस्कों को दी जाने वाली डोज के अंतर के आधार पर तय किया गया। इसमें सामने आया है कि दो डोज के बीच लंबे अंतराल के बाद डोज दिए जाने पर इम्यूनिटी ज्यादा मजबूत होती है।
- बच्चों के वैक्सीनेशन और उसके प्रभाव पर लगातार नजर रखी जाएगी, उसका रिव्यू किया जाएगा और उस आधार पर रिकमंडेशन को अपडेट भी किया जाएगा।

अमेरिका-इजराइल में भी बच्चों को लग रही फाइजर की वैक्सीन
कनाडा की करीब 75% जनता पूरी तरह से वैक्सीनेटेड हो चुकी है। इनमें 84% 12 साल से ऊपर के हैं। कनाडा के अलावा इजराइल और अमेरिका ने भी बच्चों के लिए फाइजर की वैक्सीन को मंजूरी दी है। चीन, UAE, कम्बोडिया और कोलंबिया में भी 12 साल से कम उम्र के बच्चों को वैक्सीन लगाई जा रही है। हालांकि, यहां बच्चों को चाइनीज वैक्सीन दी जा रही है।

पहले 16 साल के ऊपर वालों को फाइजर लगाने की मंजूरी दी थी
कनाडा ने इससे पहले 12-15 साल तक के बच्चों के लिए फाइजर की वैक्सीन को मंजूरी दी थी। तब यह बच्चों के लिए मंजूरी पाने वाली दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बन गई थी। तब ट्रायल्स में ये वैक्सीन 12-15 साल के बच्चों पर 100% प्रभावी साबित हुई थी। जिन्हें यह वैक्सीन लगी, उनमें से कोई भी वायरस से संक्रमित नहीं हुआ।

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