चीन-PAK रिश्तों में फिर तनाव:कराची में चीन के डॉक्टर की हत्या; 14 महीने में 14 चीनी नागरिक मारे गए पाकिस्तान में

कराची2 महीने पहले
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पाकिस्तान के कराची में बुधवार शाम चीन के एक डॉक्टर की उसके क्लीनिक में घुसकर हत्या कर दी गई। हमले में डॉक्टर की पत्नी और दूसरा चीनी नागरिक गंभीर रूप से घायल है। चीन अपने नागरिकों पर पाकिस्तान में हो रहे लगातार हमलों से बौखला गया है। उसने बीजिंग में मौजूद पाकिस्तान के एम्बेसेडर को तलब कर घटना की जानकारी मांगी है।

पाकिस्तान के प्रधानमंंत्री शाहबाज शरीफ ने इस हत्याकांड की निंदा करते हुए सख्त एक्शन का भरोसा दिलाया है। 14 महीने में पाकिस्तान में अब तक 14 चीनी नागरिकों को कत्ल किया जा चुका है।

क्लीनिक में था चीनी डॉक्टर
कराची के पुलिस अफसर असद रजा के मुताबिक- हमले के वक्त 25 साल का चीनी डॉक्टर रोनाल्ड हू अपने क्लीनिक में पेशेंट्स को देख रहा था। इसी वक्त ब्लू शर्ट में एक शख्स अंदर आया। उसने रिवॉल्वर निकाली और फायरिंग शुरू कर दी। चीनी डॉक्टर के पेट और सीने पर तीन गोलियां लगीं। उन्होंने मौके पर दम तोड़ दिया। उसके बुजुर्ग मां-बाप गंभीर रूप से घायल हैं। फायरिंग के बाद हमलावर मौके से भाग गया। उसकी तलाश की जा रही है।

चीनी डॉक्टर और उसका परिवार लंबे वक्त से कराची के इस सदर इलाके में रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, यहां रहने वाले चीनी नागरिकों को किसी भी तरह का खतरा होने पर उन्हें पूरी सिक्योरिटी मुहैया कराई जाती है।

चीनी डॉक्टर के पिता को पेट में गोली लगी है। उनकी हालत गंभीर बताई गई है।
चीनी डॉक्टर के पिता को पेट में गोली लगी है। उनकी हालत गंभीर बताई गई है।

सरकार ने रिपोर्ट मांगी
पुलिस की डॉक्टर सुमैया सैयद ने ‘द डॉन’ से बातचीत में कहा- एक पेशेंट की मौके पर ही मौत हो गई थी। बाकी दोनों की उम्र 70 साल से ज्यादा है और उनको पेट में गोलियां लगी हैं। उनकी हालत बेहद गंभीर है। हम उन्हें बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। जरूरत होने पर इन लोगों को किसी भी वक्त इस्लामाबाद एयरलिफ्ट किया जा सकता है।

होम मिनिस्टर राणा सनाउल्लाह ने सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली शाह से फोन पर घटना की जानकारी ली और उन्हें सख्त एक्शन लेने को कहा। राणा ने कहा- हम हर कीमत पर चीन के नागरिकों की सुरक्षा करेंगे। वो हमारे मेहमान हैं। अब तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

घटना कराची के सदर बाजार में हुई। इसके बाद यहां काफी भीड़ नजर आई।
घटना कराची के सदर बाजार में हुई। इसके बाद यहां काफी भीड़ नजर आई।

तीसरा बड़ा हमला
पिछले साल जुलाई में चीन-पाकिस्तान के ज्वॉइंट दासू डैम प्रोजेक्ट पर काम कर रहे चीन के इंजीनियर्स की एक बस को बलूचिस्तान में बम से उड़ा दिया गया था। इसमें 9 चीनी इंजीनियर मारे गए थे। पाकिस्तान ने इसे हादसा बताया था। बाद में जब चीन ने जांच की तो यह आतंकी हमले का मामला निकला।
इसके बाद इसी साल अप्रैल में एक महिला फिदायीन हमलावर ने कराची की एक यूनिवर्सिटी में खुद को उड़ा लिया। घटना में चीन की तीन महिला और एक पुरुष प्रोफेसर्स मारे गए। अब यह हमला हुआ तो मरने वाले चीनी नागरिकों की संख्या 14 महीने में 14 हो गई।