चीन में सब कुछ ठीक नहीं:फूड क्राइसिस के बाद मॉल में कतारें, अड़ियल रवैये से बढ़ा बिजली संकट; Yahoo ने बिजनेस समेटा

नई दिल्ली7 महीने पहले

चीन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। ड्रैगन बाहरी समस्याओं के साथ-साथ आंतरिक परेशानियों से भी घिरता जा रहा है। एक तरफ अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान, क्वॉड के जरिए चीन को लगातार घेर रहे हैं। दूसरी तरफ वहां ज्यादातर शहरों में लोगों को फूड क्राइसिस, बिजली संकट और कोरोना जैसी परेशानियों से 2-4 होना पड़ रहा है।

चीन की राजधानी बीजिंग सहित कई शहरों में फूड के लिए लोगों को शॉपिंग मॉल के बाहर घंटों लाइन में खड़े होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, अब मल्टीनेशनल टेक्नोलॉजी कंपनी Yahoo ने भी चीन से अपना बिजनेस समेट लिया है।

IT कंपनियों ने चीन छोड़ना शुरू किया

Yahoo ने कुछ साल पहले से ही चीन से कंपनी समेटनी शुरू कर दी थी, लेकिन अब पूरी तरह पुल आउट कर लिया है।
Yahoo ने कुछ साल पहले से ही चीन से कंपनी समेटनी शुरू कर दी थी, लेकिन अब पूरी तरह पुल आउट कर लिया है।

Yahoo ने चीन में अपनी सेवाएं बंद करने का फैसला लिया है। हालांकि चीन की डिजिटल सेंसरशिप के कारण कंपनी पहले ही अपनी कई सेवाएं बंद कर चुकी थी। चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने अपने देश में चल रही बड़ी कंपनियों पर अपना नियंत्रण बढ़ाना शुरू कर दिया है।

माना जा रहा है कि Yahoo ने इतना बड़ा कदम इसीलिए उठाया है। चीन में सर्विस बंद करने के बाद कंपनी ने कहा कि वह इंटरनेट पर स्वतंत्र सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले Google भी चीन में अपनी सर्विस बंद कर चुका है। माइक्रोसॉफ्ट का नौकरी संबंधित नेटवर्किंग मंच LinkedIn भी जल्द चीन में अपनी सर्विस बंद करने जा रहा है।

बिजली संकट के बाद डीजल की किल्लत

अगर चीन सही समय पर ऑस्ट्रेलिया से कोयला खरीद लेता तो आज डीजल की कमी का सामना नहीं करना पड़ता।
अगर चीन सही समय पर ऑस्ट्रेलिया से कोयला खरीद लेता तो आज डीजल की कमी का सामना नहीं करना पड़ता।

चीन में इस समय डीजल की किल्लत है। इसका कारण शी जिनपिंग का अड़ियल रवैया है। जब चीन में कोयले की कमी के कारण बिजली संकट पैदा हो गया था तो ऑस्ट्रेलिया ने कोयला खरीदने का ऑफर दिया, लेकिन दुश्मनी के चलते चीन ने ऑस्ट्रेलिया से कोयला नहीं खरीदा और अपने यहां स्टॉक डीजल से बिजली बना ली। इसका असर यह हुआ है कि अब चीन में डीजल नहीं मिल रहा है।

हुबेई प्रांत के शिजियाझुआंग शहर के ट्रक ड्राइवर ने बताया कि फिलहाल एक ड्राइवर को अपने ट्रक में 100 लीटर डीजल रखने की ही इजाजत है। यह ट्रक की क्षमता का सिर्फ 10% है। चीन के फुयांग शहर के एक ड्राइवर ने बताया कि यहां डीजल स्टेशन पर एक बार में सिर्फ 300 युआन (3,500 रुपए) का डीजल भरा जा रहा है। कई स्टेशनों पर डीजल खत्म हो चुका है। ट्रक ड्राइवर्स का पूरा दिन डीजल भरवाने में ही बीत रहा है।

फूड शॉर्टेज, लोगों ने खाना जमा करना शुरू किया

चीन की राजधानी बीजिंग में खाने के सामान खरीदने के लिए शॉपिंग मॉल में लगी कतार।
चीन की राजधानी बीजिंग में खाने के सामान खरीदने के लिए शॉपिंग मॉल में लगी कतार।

चीन की सरकार ने लोगों से खाने-पीने की चीजें जमा करने को कहा है। इस अपील के बाद वहां भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। शॉपिंग माल के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगने लगी हैं। जिसे जो कुछ भी मिल रहा है, वह स्टोर कर रहा है। इस शॉर्टेज के 2 बड़े कारण हैं। पहली डीजल की किल्लत और दूसरी बाढ़ के हालात।

चीन में डीजल की किल्लत के कारण ट्रक ठीक से सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा अक्टूबर की शुरुआत में चीन के कई राज्यों में बाढ़ के हालात बन गए थे। इससे फसलों को नुकसान पहुंचा था। यह भी फूड शॉर्टेज की वजह है।

2 साल से जिनपिंग ने नहीं की विदेश यात्रा

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आखिरी बार जनवरी 2020 में देश से बाहर कदम रखा था।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आखिरी बार जनवरी 2020 में देश से बाहर कदम रखा था।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कोरोना संक्रमण के चलते 21 महीनों से देश से बाहर नहीं निकले। यहां तक कि उन्होंने इटली में हुए जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन में भी शिरकत नहीं की, जहां भारत, अमेरिका, फ्रांस समेत अन्य देशों के राष्ट्र प्रमुख पहुंचे थे। रोम जाने के बजाय उन्होंने ऑनलाइन ही इस सम्मेलन में हिस्सा लिया। आखिरी बार जिनपिंग ने जनवरी 2020 में देश से बाहर कदम रखा था।