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इंसानों में एवियन फ्लू का पहला केस:सबसे पहले बत्तख और हंस में मिला H3N8 फ्लू, अब चीन में चार साल का लड़का पॉजिटिव

7 महीने पहले
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चीन ने मंगलवार को इंसानों के अंदर एवियन फ्लू के H3N8 स्ट्रेन के पहले मामले की पुष्टि की है, लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इसका इंसानों में तेजी से फैलने का जोखिम कम है। H3N8 एवियन फ्लू कुत्तों, घोड़ों, बत्तखों, मुर्गों और बिल्लियों को संक्रमित करता है। इसके इंसानों को संक्रमित करने की संभावना कम है।

2002 में पहली बार H3N8 एवियन फ्लू उत्तर अमेरिका में बत्तख और हंस में मिला था। इसके पहले कभी किसी इंसान के शरीर में नहीं मिला।

घर में मुर्गियां पालता है लड़के का परिवार
चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (NHC) ने मंगलवार को बताया कि मध्य हेनान प्रांत में रहने वाले एक चार साल के लड़के को इस महीने की शुरुआत में बुखार और अन्य लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसमें जांच के बाद उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। NHC का कहना है कि लड़के का परिवार घर में मुर्गियां पालन करता है और जंगली बत्तखों की आबादी वाले इलाके में रहता है।

NHC ने बताया कि लड़का पक्षियों से संक्रमित हुआ है और इस स्ट्रेन में इंसानों को प्रभावी ढंग से संक्रमित करने की क्षमता नहीं मिली।

इंसानों में फैलने का खतरा कम
NHC ने बताया कि लड़के के पॉजिटिव आने के बाद उसके परिवार का टेस्ट किया गया जिनमें कोई असामान्यता नहीं मिली है। लड़के का मामला पहला है, जो पक्षियों के संपर्क मे आने से हुआ है, इसलिए बड़े पैमाने पर एवियन फ्लू के फैलने का जोखिम कम है। इसके बावजूद NHC ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि लोग मृत या बीमार पक्षियों से दूर रहें और बुखार या सांस संबंधी लक्षण दिखने पर तुरंत इलाज के लिए अस्पताल जाएं।

संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से होता है एवियन फ्लू
एवियन इन्फ्लूएंजा मुख्य रूप से जंगली पक्षियों और मुर्गियों में होता है, इंसानों में इसका मिलना बहुत दुर्लभ है। US Centre For Disease Control के मुताबिक बर्ड फ्लू के H5N1 और H7N9 स्ट्रेन 1997 और 2013 में पाए गए थे, ये इंसानों में एवियन इन्फ्लूएंजा के मामलों के लिए जिम्मेदार हैं।

WHO के अनुसार ये इन्फ्लूएंजा इंसानों में संक्रमित जानवरों या प्रदूषित वातावरण में आने से होता है, लेकिन इंसानों में इस वायरस के फैलने की संभावना कम होती है।