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चीन के इतिहास पर उठते सवाल:इतिहास को चुनौती देने वाले तथ्य और नेताओं की आलोचना चीन को बर्दाश्त नहीं, हफ्तेभर में ही डिलीट कीं ऐसी 20 लाख पोस्ट

बीजिंगएक वर्ष पहले
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चीन के इंटरनेट नियामक का तर्क- ऐतिहासिक शून्यवाद को बढ़ावा दे रहीं थी ऐसी पोस्ट। - Dainik Bhaskar
चीन के इंटरनेट नियामक का तर्क- ऐतिहासिक शून्यवाद को बढ़ावा दे रहीं थी ऐसी पोस्ट।

इंटरनेट पर निगरानी और सख्ती के मामले में अव्वल चीन ने एक और हरकत की है। पिछले हफ्ते उसने 20 लाख से ज्यादा ऐसी पोस्ट डिलीट कर दी हैं, जो चीन के नेताओं और इतिहास को को चुनौती देती हैं। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि इतिहास को लेकर जो कहा जा रहा है, उसका कोई वजूद ही नहीं हैं। सरकार उन्हें सिरे से नकार रही है, जो चीन के इतिहास पर सवाल उठाते हैं।

सूत्रों की मानें तो चीन ने यह कदम चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की जुलाई में आने वाली 100वीं वर्षगांठ को देखते हुए उठाया है। इस मौके पर वह पार्टी की छवि पर किसी तरह की आंच नहीं आने देना चाहता। इसके अलावा इस तरह की चर्चा को ‘नुकसानदेह’ मानता है। उसे डर है कि इससे चीन के लोग भ्रमित होंगे। उनकी कम्युनिस्ट पार्टी में आस्था घटेगी। चीन के साइबर सुरक्षा प्रशासन (सीएसी) के डिविजन डायरेक्टर वेन यू हुआ के मुताबिक कुछ लोगों ने सस्ती लोकप्रियता के लिए इंटरनेट पर ऐसी जानकारियां डाल दी हैं, जिनका कोई ऐतिहासिक वजूद है ही नहीं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की पोस्ट से ऑनलाइन वातावरण प्रदूषित हो रहा था। इसलिए इन्हें हटाना जरूरी था। हुआ ने कहा कि अभियान में हमने ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई की जो ऐतिहासिक शून्यवाद को बढ़ावा देते हैं। इसके तहत हमने 20 लाख से ज्यादा ऐसी पोस्ट डिलीट करने की सिफारिश की जो कानून का उल्लंघन करती हैं। चीन सरकार हर उस शोध को ‘इतिहास का शून्यवाद’ करार देती है, जो उसके इतिहास के आधिकारिक वर्जन को चुनौती देती है। राष्ट्रपति जिनपिंग ने फरवरी में ऐसे ऐतिहासिक शून्यवाद का विरोध किया था। सीएसी की साइट भी उन्हें तवज्जो देती है, जो ऐसी पोस्ट की जानकारी देते हैं, जिनमें कम्युनिस्ट पार्टी के इतिहास को बिगाड़ने या 1949 के बाद पार्टी के शासन की आलोचना की हो। ‘पार्टी नेतृत्व पर हमला, नायकों की निंदा, या संस्कृति से हटना’ जैसी चीजें बताने वालों को भी प्रोत्साहन मिलता है।

देशभक्ति फिल्मों, पेंटिंग्स और सामूहिक शादियों से 100वीं वर्षगांठ का जश्न

न्यूयॉर्क टाइम्स की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक कम्युनिस्ट पार्टी जुलाई में अपनी 100वीं वर्षगांठ के लिए ऐतिहासिक तैयारियां कर रही है। सरकार ने थियटरों को देशभक्ति से जुड़ी फिल्में दिखाने के निर्देश दिए हैं। ऐतिहासिक घटनाओं और हीरो को महिमामंडित किया जा रहा है।

सबवे और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर ऐसी पेंटिंग्स बनाई जा रही हैं जो देशभक्ति का जज्बा जगा सके। इसके अलावा सामूहिक शादी के आयोजन भी रखे जा रहे हैं। कुल मिलाकर पार्टी लोगों को यह समझाना चाहती है कि चीन को वैश्विक शक्ति बनाने का माद्दा कम्युनिस्ट पार्टी के पास ही है।