क्या राष्ट्रपति पद छोड़ेंगे जिनपिंग:तबीयत खराब होने के बाद इस्तीफे की अटकलें, कोरोना मिस-मैनेजमेंट के चलते प्रेशर भी बढ़ा

बीजिंग8 दिन पहले
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चीनी सोशल मीडिया पर इन दिनों राष्ट्रपति शी-जिनपिंग के पद छोड़ने की अफवाह जोरों पर है। सोशल मीडिया पर फैली इन अफवाहों में दावा किया है-कोरोना मिस-मैनेजमेंट और बढ़ती आर्थिक मंदी के चलते चीनी राष्ट्रपति अपना पद छोड़ सकते हैं।

दरअसल हाल ही में हाई लेवल पार्टी मीटिंग के बाद जिनपिंग के पद छोड़ने की अफवाह का बाजार गर्मा गया है। इस अफवाह में आग में घी डालने का काम कैनेडियन व्लॉगर ने किया। व्लॉगर ने अपनी वीडियो में कहा-साल के आखिर में जब तक पार्टी की मीटिंग नहीं की जाती, तब तक शी-जिनपिंग को पार्टी और उनके पद से दूर होना पड़ सकता है।

जिनपिंग की खराब तबीयत को लेकर भी लगातार खबरें आती रहती हैं। कोविड-19 आने के बाद से ही शी जिनपिंग ने विदेशी नेताओं से मिलना बंद कर दिया था। विंटर ओलिंपिक के दौरान ही वे किसी विदेशी नेता से मिले हैं।

खराब तबीयत के संकेत

2020 की शेनजेंग पब्लिक मीटिंग में भी जिनपिंग देरी से आए। उन्होंने धीमे भाषण दिया और खांसते रहे। इससे भी लोगों को उनकी खराब तबीयत का पता चला। जिनपिंग की उम्र अभी 68 साल है। वे सेरेब्रल एन्यूराइज्म नाम की बीमारी से जूझ रहे हैं। वे सर्जरी की जगह चीन की पारंपरिक दवाओं से इलाज करवा रहे हैं।

प्रधानमंत्री संभाल सकते हैं मोर्चा

सोशल मीडिया पर ये भी चर्चा है कि फिलहाल ली-कैचेन सरकारी कामकाज संभाल सकते हैं।
सोशल मीडिया पर ये भी चर्चा है कि फिलहाल ली-कैचेन सरकारी कामकाज संभाल सकते हैं।

इसी वीडियो में व्लॉगर ने बताया- राष्ट्रपति शी-जिनपिंग के पद से हटने के बाद चाइनीज़ कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य और मौजूदा प्रधानमंत्री ली-कैचेन सरकार के सभी आधिकारिक कामकाज संभाल सकते हैं। हालांकि इस वीडियो को चीन में बैन कर दिया गया है।

महामारी की वजह से इकोनॉमी में आई गिरावट

चीन में इस वक्त कोरोना संक्रमण काफी बढ़ गया है। चीन की आर्थिक राजधानी शंघाई में भी लॉकडाउन में किसी तरह ढील नहीं दी जा रही। शी-जिनपिंग ने कोरोना महामारी से लड़ने के लिए सख्त आदेश दिए थे। इसी बीच चीन ने कहा है कि महामारी की वजह से इकोनॉमी में भारी गिरावट आई है। इसकी वजह से सामाजिक विकास भी रुक गया है।

चीन के हुबेई प्रांत में 68,398 मामले सामने आए है, इनमें 4,512 लोगों की मौत हो गई।
चीन के हुबेई प्रांत में 68,398 मामले सामने आए है, इनमें 4,512 लोगों की मौत हो गई।

कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी में फाइनेंशियल एंड इकोनॉमिक अफेयर्स के डिप्टी डायरेक्टर ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हमें वैज्ञानिक सटीक तरीकों का इस्तेमाल करते हुए, कोरोना मैनेजमेंट के साथ अर्थव्यवस्था पर भी ध्यान देना चाहिए।

इन वजहों से लोगों में है नाराजगी

  • शंघाई और देश में सख्त लॉकडाउन की वजह से देश का आर्थिक विकास रुक गया है। पहली बार इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स की सप्लाई चेन काफी प्रभावित हो रही है।
  • चीनी करेंसी में 4% की गिरावट आई है। चीनी करेंसी फरवरी 2020 के बाद अपने सबसे निचले लेवल पर पहुंच है।
  • स्टॉक मार्किट भी लॉकडाउन और आर्थिक मंदी की वजह से गिर गया है।