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चीन / पहाड़ों के नीचे बनाई स्टील की 'ग्रेट वॉल', यह हाइपरसोनिक हमले से भी रक्षा करेगी- वैज्ञानिक

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2019, 08:45 PM IST


China's ‘underground steel wall’ nuclear shelters could stop hypersonic missiles
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China's ‘underground steel wall’ nuclear shelters could stop hypersonic missiles

  • 82 वर्षीय रक्षा वैज्ञानिक किआन किहु ने कहा- यह दीवार देश के रक्षा संसाधनों की हिफाजत में सक्षम
  • किहु को चीन का सबसे बड़ा साइंड एंड टेक्नोलॉजी अवॉर्ड दिया गया

बीजिंग. चीन ने पहाड़ों के नीचे एक स्टील की दीवार बनाई है। परमाणु हथियारों को हमले से बचाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाएगा। चीन के रक्षा वैज्ञानिक किआन किहु (82) ने सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स से कहा कि यह देश के रक्षा संसाधनों की रक्षा करने में सक्षम है। उन्होंने बताया कि यह भविष्य की हाईपरसोनिक मिसाइलों से किए गए हमलों को भी रोक सकेगी। इसे "अंडरग्राउंड स्टील ग्रेट वॉल" का नाम दिया गया है।

 

किआन को मंगलवार को चीन का सबसे बड़ा साइंस एंड टेक्नोलॉजी अवॉर्ड दिया गया। अवॉर्ड के साथ उन्हें 80 लाख युआन की रकम भी मिली है। उनका कहना है कि इसका इस्तेमाल वे राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चल रहे शोध में करेंगे।

पहाड़ों के भीतर तैयार किया है सुरक्षा चक्र

  1. किआन ने कहा- ग्रेट वाल में पहाड़ों के भीतर सुरक्षा का चक्र तैयार किया गया है। पर्वतों की श्रंखला दुश्मन के किसी भी हमले को रोकने में सक्षम है, लेकिन ग्रेट वाल यहां के प्रवेश व निकास के रास्तों पर पूरी तरह से रोक लगाती है। रक्षा विशेषज्ञ सांग जांगपिंग का कहना है कि चीन की रणनीति के अनुसार वो परमाणु हथियारों का इस्तेमाल पहले नहीं करेगा। ऐसे में किसी परमाणु हमले को रोकने के लिए सुरक्षा चक्र का मजबूत होना जरूरी है। 

  2. हथियारों के विकास को देखकर बने सुरक्षा घेरा-किआन

    किआन ने कहा कि हथियार के विकास को ध्यान में रखकर सुरक्षा घेरा बनाना जरूरी है। अगर चीन का एंटी मिसाइल और एयर सिस्टम फेल भी हो जाए तब भी हाईपरसोनिक, बंकर रोधी मिसाइलों के हमले को ग्रेट वाल बेकार कर देगी। हाइपरसोनिक हथियारों की गति आवाज से 10 गुना तेज होती है। ये हवा में कभी भी अपना पथ बदलकर एंटी मिसाइल सिस्टम को ध्वस्त कर सकते हैं। 

  3. अमेरिकी न्यूज एजेंसी सीएनबीसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सबसे पहले मार्च 2018 में रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने अपने हाइपरसोनिक हथियारों के बारे में बताया था। राष्ट्र को संबोधन में उन्होंने कहा था कि ये हथियार अजेय हैं। उसके बाद से अमेरिका भी इन्हें विकसित करने पर काम कर रहा है। कार्यवाहक रक्षा मंत्री पेट्रिक शनाहन ने अक्टूबर में ऐलान किया था कि अमेरिका जल्दी ऐसे हथियार विकसित करेगा, जो सोच से भी परे हैं।

     

  4. हथियार ही नहीं अंतरराष्ट्रीय माहौल में बदलाव से भी खतरा-किआन

    किआन का कहना है कि खतरा केवल हथियारों से नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय माहौल में बदलाव से भी है। अमेरिकी राष्ट्रपति अपने परमाणु कार्यक्रम में बदलाव कर रहे हैं। वाल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका न्यूक्लियर वारहेड बना रहा है। ये बंकर रोधी भी हो सकते हैं। रक्षा विशेषज्ञों ने चीन को चेतावनी दी है कि उसे सचेत रहकर अपने सुरक्षा घेरे को मजबूत बनाना चाहिए।

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