पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • International
  • China Uighur Muslim News; Joe Biden Secretary Of State Condemns China‘Acts Of Genocide' Against Muslim Uyghurs

उइगरों के समर्थन में बाइडेन प्रशासन:चीन में उइगरों मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार की अमेरिका ने फिर की निंदा, कहा- इसके खिलाफ दुनिया के देशों को एकजुट होने की जरूरत

वॉशिंगटन3 महीने पहले

अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एंटोनी ब्लिंकेन ने रविवार को उइगरों मुसलमान का एक बार फिर से समर्थन किया है। उनपर चीन की सरकार की तरफ से झिंजियांग इलाके में हुए और किए जा रहे अत्याचार और दमन की कार्रवाई की भी निंदा की है। इसके अलावा उन्होंने कहा है कि अमेरिका को इस मुद्दे पर दुनिया के बाकी देशों को भी एक साथ लाकर चीन की सरकार की निंदा करने की जरूरत है। यह बात ब्लिंकेन ने NBC को दिए एक इंटरव्यू में कही है।

साथ ही कहा कि इस मुद्दे पर पूरी दुनिया को एक साथ बोलने की जरूरत है। जो कुछ हुआ और किया जा रहा है, उसकी एक स्वर में निंदा करें। हमें इसपर ठोस कार्रवाई करने की आवश्यकता है। उदाहरण के तौर पर हमारी कोई भी कंपनी चीन को ऐसे उपकरण या हथियार उपलब्ध नहीं करा रही है, जिनका इस्तेमाल वह उइगरों पर दमन कार्रवाई करने के लिए कर सके। साथ ही हमें सुनिश्चित करना होगा कि वह सभी हितों के साथ काम कर रहे हैं। साथ ही यह तय करना होगा कि हमारे हितों और मूल्यों को बढ़ाने के प्रभावी तरीके क्या हैं।

'अमेरिका मानव अधिकारों के उल्लंघन और नरसंहार के खिलाफ पूरी तरह से खड़ा है'

इसके अलावा शीर्ष स्तर के अमेरिकी राजनयिक ने भी बयान जारी किया है। उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के एक दस्तावेज की प्रतिलिपि देते हुए कहा कि हमें चीन से निपटने के लिए सक्षम होना होगा। खासकर उन इलाकों में जहां उइगरों के हितों पर टकराव की स्थिति बनती है। हम मानव अधिकारों के उल्लंघन और नरसंहार के खिलाफ पूरी तरह से खड़े होते हैं।

'अभी विंटर ओलंपिक के बहिष्कार को लेकर विचार नहीं'

वहीं, पश्चिम के देशों की तरफ से 2022 में होने वाले विंटर ओलंपिक के बहिष्कार पर भी अमेरिका का पक्ष ब्लिंकेन ने रखा। उन्होंने कहा कि अभी हम किसी भी तरह के बहिष्कार के बारे में ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे। हमारा ध्यान सहयोगियों के साथ चर्चा, परामर्श करना, उन्हें और उनकी चिंताओं को सुनना है। लेकिन यह सब एक समय से पहले करना होगा।

'राष्ट्रपति जो बाइडेन अफगानिस्तान में युद्ध समाप्ति को लेकर प्रतिबद्ध'

इसके अलावा अफगानिस्तान से सेना हटाने पर भी ब्लिंकेन ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडेन अफगानिस्तान में युद्ध खत्म करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। जल्द सेना को वापस बुलाया जाएगा। हमें सुनिश्चित करना होगा कि अफगानिस्तान फिर से कभी आंतकवाद का पनाहगार न बने।

खासकर ऐसे आतंकवाद जो अमेरिका को निशाने पर लेने के मंसूबे रखते हैं। अफगानिस्तान में शांति अब स्थायी होने वाली है। जो सिर्फ अफगान का नेतृत्व करेगी। अब हम जो कर रहे हैं, वह हमारी कूटनीति को सक्रिय कर रही है। ताकि सभी पार्टियों को एक साथ लाया जा सके।

'पिछले 40 साल से अफगानिस्तान में टकराव की स्थिति'

साथ ही ब्लिंकेन ने अफगानिस्तान में होने वाली हिंसाओं पर भी अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि कोई भी अफगानिस्तान में चाहे वो तालिबान, वहां कि सरकार या वहां लोग हों, जो नहीं चाहते कि उनका मुल्क फिर से किसी भी गृहयुद्ध का शिकार हो जाए। वहां पिछले 40 सालों से टकराव की स्थिति है।

यदि उदाहरण के लिए मान भी लिया जाए कि अगर तालिबान दुनिया में मान्यता चाहता है। अंतरराष्ट्रीय समर्थन चाहता है। अगर वह अफगानिस्तान को आगे बढ़ाने में किसी नई सरकार का हिस्सा है। तो ऐसा नहीं हो सकता है। वह समर्थन नहीं होगा।

खबरें और भी हैं...