कोरोना के नए स्ट्रेन का चीन कनेक्शन:दक्षिण अफ्रीकी वैरिएंट का नाम आखिर ओमिक्रॉन क्यों रखा गया; चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से इसका क्या संबंध है?

जेनेवा2 महीने पहले

दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर दुनियाभर में अफरा-तफरी का माहौल है। इस वैरिएंट को WHO ने ओमिक्रॉन नाम दिया है। हालांकि, नए नामकरण को लेकर WHO पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। इसका कारण है नामकरण के क्रम में 2 लेटर्स को छोड़ देना।

दरअसल WHO नए वैरिएंट को ग्रीक अल्फाबेट के लेटर्स के मुताबिक नाम देता है। ओमिक्रॉन ग्रीक अल्फाबेट का 15वां लेटर है। WHO ने इससे पहले आने 2 लेटर्स का नाम किसी भी वैरिएंट को नहीं दिया है। इन छोड़े गए दोनों लेटर्स का नाम Nu और Xi है। कहा जा रहा है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नाम से समानता होने के कारण ही Xi (शी) लेटर को छोड़ दिया गया है। वहीं, Nu को न्यू (यानि नए) उच्चारण की वजह से छोड़ दिया गया है। WHO अब तक 13 वैरिएंट्स को ग्रीक लेटर्स का नाम दे चुका है।

चीन से डरने वाली WHO पर कैसे करें विश्वास
ब्रिटेन के अखबार द टेलीग्राफ के मुताबिक, WHO के एक सूत्र ने बताया है कि चीनी राष्ट्रपति के नाम से समानता होने के कारण नए वैरिएंट का नामकरण Xi लेटर के नाम पर नहीं किया गया है। हालांकि इसे लेकर अमेरिकी सांसद टेड क्रूज ने WHO की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठा दिया है। क्रूज ने कहा- अगर WHO चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से इतना डरता है, तो एक भयानक महामारी के समय हम इस स्वास्थ्य एजेंसी पर कैसे भरोसा कर सकते हैं।

ओमिक्रॉन को वैरिएंट ऑफ कंसर्न बताया है WHO ने
WHO ने दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस के नए वैरिएंट B.1.1.529 को ओमिक्रॉन नाम देने के साथ ही शुक्रवार को इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न की श्रेणी में रखा है। स्वास्थ्य एजेंसी ने बताया कि शुरुआती तथ्यों के आधार पर कहा जा सकता है कि महामारी का यह स्ट्रेन काफी खतरनाक हो सकता है।