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गन कल्चर खतरनाक स्तर की ओर:अमेरिका में रह रहे चीनी अब जमकर खरीद रहे हथियार, न्यूयॉर्क में आधा कारोबार इन्हीं से; गोलीबारी से बढ़ी असुरक्षा की भावना

एक महीने पहलेलेखक: न्यूयॉर्क से मोहम्मद अली
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नया डेटा और ट्रेंड बताता है कि अमेरिकी इतिहास में इन दिनों सबसे ज्यादा बंदूकें बिक रही हैं, यह सबसे चिंताजनक बात है। - Dainik Bhaskar
नया डेटा और ट्रेंड बताता है कि अमेरिकी इतिहास में इन दिनों सबसे ज्यादा बंदूकें बिक रही हैं, यह सबसे चिंताजनक बात है।
  • राष्ट्रपति बाइडेन ने कंट्रोल के लिए आदेश जारी किए

तीन महीने से अमेरिका गोलीबारी की घटनाओं से जूझ रहा है। गन हिंसा प्राधिकरण के मुताबिक 3 अप्रैल तक 8076 लोगों की मौत गोली लगने की वजह से हुई है। पर सबसे चिंताजनक बात है नया डेटा और ट्रेंड, जो बताता है कि अमेरिकी इतिहास में इन दिनों सबसे ज्यादा बंदूकें बिक रही हैं। नया ट्रेंड ये, कि इन खरीदारों में अब आधे एिशयाई अमेरिकी हैं, इनमें भी अधिकतर चीनी हैं, जो हेट क्राइम की वजह से ऐसी गोलीबारी में आसान शिकार बनते हैं।

न्यूयॉर्क में बंदूक कारोबारी जिम्मी गांग कहते हैं कि नए खरीदारों में चीनी अमेरिकियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मैंने कभी इतनी संख्या में इन्हें बंदूकें खरीदते नहीं देखा। अब तक चीनी लोगों में हथियार खरीदने में हिचकिचाहट रहती थी। पर न्यूयॉर्क में साउथ एशियन कम्युनिटी पर गोलीबारी की घटना नौ गुना बढ़ने के बाद लोग खुद को बचाने के लिए हथियार खरीद रहे हैं। गांग कहते हैं कि महामारी के दौरान बंदूकों की बिक्री दोगुनी हो गई है, इनमें आधा बिजनेस एशियाई अमेरिकियों से मिल रहा है।

एक और चौंकाने वाला तथ्य यह है कि राहत पैकेज के तहत मिल रहे चेक का इस्तेमाल लोग बंदूक खरीदने में कर रहे हैं। देश के कई बंदूक दुकान मालिकों का मानना है कि अमेरिकी नागरिकों का एक वर्ग बंदूक खरीदने के लिए राहत पैकेज का इस्तेमाल कर रहा है। अब उन्हें दूसरे राउंड के राहत पैकेज का इंतजार है। फ्लोरिडा के ब्रैंडन हेक्सलर कहते हैं कि राहत पैकेज यानी ‘गन मनी’। बीते साल अप्रैल में लोगों को राहत पैकेज के तौर पर 1200 डॉलर मिले थे, उस वक्त बिक्री 20% बढ़ी थी।

उम्मीद है कि दूसरे राउंड की चेक जारी होते ही ब्रिकी फिर बढ़ेगी। नेशनल अफ्रीकन अमेरिकन गन एसोसिएशन के फाउंडर फिलिप स्मिथ कहते हैं कि गोलीबारी घटनाओं ने भी लोगों को बंदूक रखने के लिए प्रोत्साहित किया है। वे कहते हैं कि नए खरीदारों में ऐसे भी हैं, जिन्होंने कल्पना भी नहीं की थी कि उन्हें बंदूक खरीदनी पड़ेगी। लोग गंभीरता से सोच रहे हैं कि खुद और परिवार को कैसे बचाएं। इस साल जनवरी में एफबीआई के पास 43 लाख खरीदारों की जांच के आवेदन थे, जबकि जनवरी 2020 में में 27 लाख थे।

ज्यादातर मामलों में बंदूक विक्रेता अपने स्तर पर बैकग्राउंड की जांच करते हैं। अमेरिकी संविधान का दूसरा बदलाव यहां के लोगों को हथियार रखने का हक देता है। यहां 10 में से 3 युवाओं के पास अपनी बंदूक है। एनएसएसएफ के मुताबिक इस साल बंदूक खरीदने वाले पहली बार गन खरीदने वाले, मांए, सिंगल पैरेंट्स, पैरेंट्स की हिस्सेदारी बढ़ी है। तेज बिक्री से अमेरिकी बाजार में बंदूकों की कमी पड़ गई है। नेशनल अफ्रीकन अमेरिकन गन एसोसिएशन के फाउंडर फिलिप स्मिथ कहते हैं कि बढ़ती मास शूटिंग की घटनाओं ने भी लोगों को बंदूक रखने के लिए प्रोत्साहित किया है।

वे कहते हैं कि नए खरीदारों में ऐसे भी हैं, जिन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उन्हें बंदूक खरीदनी पड़ेगी। लोग गंभीरता से सोच रहे हैं कि गोलीबारी से खुद और परिवार को कैसे बचाएं। कोरोना भी बंदूकें खरीदने की बड़ी वजह है। हर महीने एक हजार से ज्यादा लोग एसोसिएशन से जुड़ रहे हैं। बंदूक बिक्री का डेटा का विश्लेषण बताता है कि हाल ही में मास शूटिंग देखने वाले राज्य जॉर्जिया, मिशीगन, कैलिफोर्निया और न्यूजर्सी में बंदूक की बिक्री तेजी से बढ़ी है।

2020 में जार्जिया के 9 लाख लोगों ने बंदूक खरीदने के लिए आवेदन दिया था, जो 2019 की तुलना में 70% अधिक है। कैपिटल हिल पर हमले के बाद मिशिगन में बंदूक बिक्री 155%, न्यूजर्सी में 240% बढ़ गई है। नेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फाउंडेशन के अधिकारी ने बताया कि अकेले मार्च में ही 20 लाख लोगों ने बंदूकें खरीदी हैं। बीते 3 महीने में 55 लाख लोगों ने बंदूक खरीदी हैं। अधिकारी ने बताया कि 2020 में 2.3 करोड़ बंदूक बिकी थी।

यदि हम बीते तीन महीने की बिक्री देखें तो इस साल बीते साल से अधिक बंदूकें बिकने का अनुमान लगाया जा सकता है। बाइडेन प्रशासन बंदूक खरीदने के नियम भी सख्त बना रहा है। यहां ग्रीन कार्ड धारक भी बंदूक खरीद सकता है। लेकिन रिपब्लिकन से बंदूक नियंत्रण कानूनों के विरोध के कारण, राष्ट्रपति बाइडेन तय योजना के साथ आगे बढ़ना चाह रहे हैं। अटलांटा में गोलीबारी में 8 लोगों की मौत के बाद बाइडेन ने सीनेट से अजॉल्ट हथियारों पर बैन लगाने को कहा है।

गुरुवार को नए आदेश जारी करते हुए राष्ट्रपति बाइडेन ने गन कल्चर को खत्म करने के लिए समाज का भागीदारी बढ़ाने के लिए निवेश करने की बात भी कही है। बैकग्राउंड जांचने की प्रक्रिया को भी और सख्त बनाया जा रहा है। इसके अलावा गन कंट्रोल के पक्षधर डेविड चिपमैन को अल्कोहल, टोबैको और फायरआर्म्स ब्यूरो का प्रमुख बनाया गया है।

वे 25 साल से पुलिस विभाग और एजेंसियों के साथ मिलकर गन सेफ्टी पर काम कर रहे हैं। अमेरिकी कांग्रेस से भी गन सुरक्षा कानूनों में सुधार करने के लिए कहा गया है। बाइडेन ने कहा कि कांग्रेस गंभीरता से इस पर काम नहीं करेगी तो मैं राष्ट्रपति होने के नाते अमेरिकी लोगों की सुरक्षा के लिए अपने पूरे संसाधन इस्तेमाल करने पर जोर लगा दूंगा।

बाइडेन बोले- गन कल्चर महामारी, इससे दुनियाभर में अमेरिका की शर्मिंदगी

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को गन कंट्रोल को लेकर 6 आदेश जारी किए। उन्होंने कहा कि गन वॉयलेंस महामारी है, अमेरिका के लिए यह अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी है। यह गन क्राइसिस से कहीं ज्यादा पब्लिक हेल्थ क्राइसिस है। सख्ती दिखाते हुए बाइडेन ने अमेरिकी न्याय विभाग को गन कल्चर पर कंट्रोल के लिए रेड फ्लैग कानून लागू करने के लिए 60 दिन की डेडलाइन दी।

इसके जरिए कोर्ट में याचिका लगाकर उस व्यक्ति को बंदूक हासिल करने से रोक दिया जाएगा, जो खुद या दूसरों के लिए खतरा है। घोस्ट गन उन बंदूकों को कहते हैं, जो घर पर असेंबल हो सकती हैं। इन पर कोई सीरियल नंबर नहीं होता। इसलिए इस तरह की बंदूकें रखने वाले बैकग्राउंड जांच से बच जाते हैं।

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