राष्ट्रपति जिनपिंग का खतरनाक प्लान:सेना को दूसरे देशों में स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशंस का आदेश, ताइवान पर हमले की आशंका हुई तेज

बीजिंग3 महीने पहले

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशंस से जुड़ा आदेश जारी किया है। अब चीन की सेना आसानी से विदेशों में स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन को अंजाम दे सकेगी। न्यूज एजेंसी Xinhua ने बताया, राष्ट्रपति जिनपिंग का यह आदेश बुधवार से लागू हो गया है। राष्ट्रपति जिनपिंग के इस आदेश ने ताइवान पर हमला करने की आशंका को नई रफ्तार दे दी है। बता दे कि सोलोमन आइलैंड के साथ हुए सुरक्षा समझौते के बाद यह चीन का अगला बड़ा कदम है।

सोलोमन आइलैंड और चीन के सुरक्षा समझौते से अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया परेशान हुए थे।
सोलोमन आइलैंड और चीन के सुरक्षा समझौते से अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया परेशान हुए थे।

चीन के स्वार्थी मनसूबे
राष्ट्रपति जिनपिंग ने 6 हिस्सों के आदेश से चीनी फौज को आपदा राहत कार्य, पीस कीपिंग मिशंस, सुरक्षा और विकास कार्यों में बिना रोक-टोक काम करने की इजाजत दी है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरे देशों में सुरक्षा और विकास करने के पीछे चीन अपना स्वार्थ देख रहा है। राष्ट्रपति जिनपिंग ने ग्लोबल घटनाओं से चीन में महंगाई के असर को घटाने और विदेशों में चीन के निवेशों को बचाने के लिए ऐसा आदेश जारी किया है। इस आदेश से ताइवान पर हमले की आशंका तेज हो गई है।

इस आदेश के ताइवान पर हमले की आशंका तेज हो गई है।
इस आदेश के ताइवान पर हमले की आशंका तेज हो गई है।

पुतिन की हरकत दोहरा सकते है जिनपिंग
ऐसा माना जा रहा है कि इस आदेश से चीन, रूस की हरकतें दोहरा कर ताइवान पर अटैक कर सकता है। ताइवान वैसे तो चीन का हिस्सा नहीं है, लेकिन चीन की कम्युनिस्ट पार्टी इसे अपना हिस्सा मानती है। बता दें कि यूक्रेन पर रूस के हमले को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी ‘स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन’ का नाम दिया था
कुछ दिनों पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने वीडियो लिंक से सिंगापुर के शांग्री-ला डायलॉग में भी इसकी तरफ इशारा किया था। जेलेंस्की ने यूक्रेन जैसी परिस्थिति ताइवान में न हो, इसलिए बातचीत से मुद्दा हल करने की बात कही थी। वहीं, जापान के प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा ने कहा- जो आज यूक्रेन में हो रहा है, वो कल ईस्ट एशिया में भी हो सकता है।

जापान के प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा ने कहा- जो आज यूक्रेन में हो रहा है,वो कल ईस्ट एशिया में भी हो सकता हैं।
जापान के प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा ने कहा- जो आज यूक्रेन में हो रहा है,वो कल ईस्ट एशिया में भी हो सकता हैं।

अमेरिका ने फिर किया चीन को टारगेट
पिछले हफ्ते सिंगापुर में अमेरिकी डिफेंस सेक्रेटरी लॉयड ऑस्टिन ने चीन को एशिया के लिए खतरा बताया था। चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंघे ने उस बयान की निंदा की। चीन के रक्षा मंत्री ने कहा- अमेरिका की इंडो-पैसिफिक पॉलिसी सिर्फ चीन पर निशाना लगाने पर ध्यान देती है। इसमें कुछ देश अमेरिका का साथ भी दे रहे हैं।

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