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पाकिस्तान में गृहयुद्ध के हालात:कट्‌टर इस्लामिक संगठन TLP के चीफ साद हुसैन की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा; 7 की मौत, 300 पुलिसकर्मी घायल

इस्लामाबाद8 महीने पहले
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बुधवार को हजारों TLP समर्थक सड़कों पर उतर आए। वे साद रिजवी के पोस्टर हाथों में लेकर उनकी रिहाई की मांग कर रहे थे। - Dainik Bhaskar
बुधवार को हजारों TLP समर्थक सड़कों पर उतर आए। वे साद रिजवी के पोस्टर हाथों में लेकर उनकी रिहाई की मांग कर रहे थे।

पाकिस्तान में कट्‌टर इस्लामिक संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) प्रमुख साद हुसैन रिजवी की गिरफ्तारी के बाद जमकर हिंसा हो रही है। हिंसा में 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 300 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। अब तक 2000 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने बुधवार को साद की पार्टी TLP को आतंकी संगठन घोषित कर उस पर बैन लगा दिया है।

TLP चीफ रिजवी को 12 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद हजारों लोग उसकी रिहाई के लिए सड़कों पर उतर आए। गिरफ्तारी से नाराज लोगों ने पुलिस और पाकिस्तान रेंजर्स पर हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 5 लोगों की मौत हो गई। हिंसा में 2 पुलिसकर्मी भी मारे गए। इधर, TLP का दावा है कि पुलिस की फायरिंग में उनके 12 समर्थक मारे गए हैं।

पाकिस्तान की सरकार ने साद को क्यों गिरफ्तार किया?
फ्रांस की शार्ली हेब्दो मैग्जीन ने जनवरी 2015 में पैगंबर मोहम्मद पर कार्टून प्रकाशित किए थे। इसके कुछ दिनों बाद 7 जनवरी 2015 को आतंकियों ने मैग्जीन के 12 कर्मचारियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 1 सितंबर 2020 को मैग्जीन ने फिर वही कार्टून प्रकाशित किए थे। उस समय साद हुसैन रिजवी ने पाकिस्तान की सरकार से फ्रांस के राजदूत को देश से निकालने की बात कही थी। सरकार नहीं मानी, तो सड़कों पर प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शन दबाने के लिए सरकार ने 20 अप्रैल 2021 तक फ्रैंच राजदूत को देश से निकालने का वादा कर दिया। जब ये तारीख पास आने लगी तो साद ने फिर वही मांग दोहराई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पंजाब प्रांत के कराची शहर में जगह-जगह चौराहों पर लाठी और डंडे लेकर प्रदर्शन किया।
पंजाब प्रांत के कराची शहर में जगह-जगह चौराहों पर लाठी और डंडे लेकर प्रदर्शन किया।

कौन है साद हुसैन रिजवी?
साद हुसैन रिजवी पाकिस्तान का एक धर्म गुरू है। 1 अगस्त 2015 को उसने TLP नाम की पार्टी बनाई। 2018 के चुनाव में पार्टी ने 175 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा। पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी, लेकिन उसे 25 लाख वोट मिले। चुनाव के बाद साद हुसैन रिजवी की लोकप्रियता काफी बढ़ गई। पाकिस्तान के कट्‌टर इस्लामिक लोग उसे पसंद करने लगे। रिजवी की पार्टी का पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में काफी दबदबा है।

साद हुसैन रिजवी की पार्टी तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान ने 2018 में लोकसभा चुनाव लड़ा था।
साद हुसैन रिजवी की पार्टी तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान ने 2018 में लोकसभा चुनाव लड़ा था।

गृह मंत्री ने कहा- फंडिंग करने वालों पर कार्रवाई होगी
पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद अहमद ने कहा कि पंजाब की सरकार ने TLP को बैन करने का प्रस्ताव भेजा था। इसे स्वीकार कर लिया गया। पार्टी को फंडिंग करने वाले लोगों को भी चेतावनी दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन की वजह से जिन हाइवे पर जाम लगा था, उन्हें खुलवा दिया गया है। बड़े शहरों में ज्यादा से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है।

पाकिस्तान के गृहमंत्री शेख राशिद अहमद ने कहा कि जिन सड़कों पर जाम लगा था, उन्हें खुलवा दिया गया है।
पाकिस्तान के गृहमंत्री शेख राशिद अहमद ने कहा कि जिन सड़कों पर जाम लगा था, उन्हें खुलवा दिया गया है।

हिंसा के चलते 815 भारतीय सिख फंस गए थे
बैसाखी पर 12 अप्रैल को भारत से 815 सिखों का जत्था रावलपिंडी के पंजा साहिब गुरुद्वारे के लिए निकला था। 25 बसों में निकला जत्था वाघा बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान में दाखिल हुआ था। पाकिस्तान में चल रही हिंसा के कारण जत्थे को 3 घंटे का सफर तय करने में 14 घंटे लग गए। ये जत्था मंगलवार दोपहर को किसी तरह लाहौर के एक गुरुद्वारे पहुंचा। इसके बाद इन्हें पाकिस्तानी रेंजर्स की सुरक्षा में पंजा साहृिब गुरुद्वारा पहुंचाया गया।

आशंका थी कि उपद्रवी, भारत से पाकिस्तान पहुंचे सिखों के जत्थे को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
आशंका थी कि उपद्रवी, भारत से पाकिस्तान पहुंचे सिखों के जत्थे को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

विदेश मंत्री ने कहा- जत्थे की सुरक्षित वापसी की कोशिश कर रहे
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारतीय सिखों के जत्थे की स्थिति पर सरकार नजर बनाए है। उनकी सुरक्षित वापसी की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तानी अधिकारियों के संपर्क में हैं। इससे पहले दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मंजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया पर सिखों के जत्थे को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि हम विदेश मंत्री से गुजारिश करते हैं कि वे सिखों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें।

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