विशेषज्ञों का मानना:लक्ष्यों को मजेदार तरीकों से जोड़ें तो इन्हें आदतों में बदलने में आसानी होगी

2 महीने पहले
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सारी चीजें मजबूत इच्छाशक्ति पर निर्भर नहीं करती, आदतों की भी बड़ी भूमिका। - Dainik Bhaskar
सारी चीजें मजबूत इच्छाशक्ति पर निर्भर नहीं करती, आदतों की भी बड़ी भूमिका।

हममें से ज्यादातर लोग उन्हें हाइपर अचीवर्स मानते हैं, जो वर्कआउट पर खासा वक्त देते हैं, सेहतमंद भोजन करते हैं, परीक्षाओं में सफल होते हैं और बच्चों को वक्त पर उठाते हैं...वो ऐसा इसलिए कर पाते हैं क्योंकि उनमें अलौकिक आत्मनियंत्रण होता है। पर विज्ञान इसे अलग तरह से देखता है। इसके मुताबिक सारी चीजें इच्छाशक्ति पर निर्भर नहीं हैं।

व्हार्टन स्कूल में व्यवहार विशेषज्ञ केटी मिल्कमैन बताती हैं,‘हमारी आदतें इसके लिए जिम्मेदार होती हैं। अच्छी आदतों वाले शायद ही कभी सोफे पर लेटने के प्रलोभन में पड़ते हैं। ये ऑटोपायलट जैसी होती हैं, इनके स्थापित होने के बाद इच्छाशक्ति की जरूरत न के बराबर होती है। तो कैसे पा सकते हैं अच्छी आदतें, समझिए विज्ञान के नजरिए से...

4 तरीके जो अच्छी आदतें बनाने में मददगार होंगे

1. लक्ष्य में स्पष्टता रखें, नतीजे उत्साहजनक होंगे
आप लक्ष्य तय करते वक्त उम्मीद रखते हैं कि ये आदतों में बदल जाएंगे। इसलिए लक्ष्य स्पष्ट रखें, जैसे कि यह कहना, ‘मैं नियमित रूप से ध्यान करूंगा, यह बहुत एब्सट्रैक्ट है। इसके बजाय तय करें कि रोजाना 15 मिनट ध्यान करूंगा। आप क्या करना चाहते हैं और कितनी बार, यह स्पष्टता रखने से फायदा मिलेगा। छोटे लक्ष्य रखने से शुरुआत करना आसान हो जाता है और नतीजे भी उत्साहजनक मिलते हैं।
2. योजना विस्तृत हो, पूरा करने का रोडमैप भी जरूरी
लक्ष्य को कहां और कैसे हासिल करेंगे, यह निश्चित होगा तो ज्यादा प्रेरित होंगे। ‘मैं हफ्ते में पांच दिन 30 मिनट स्पैनिश सीखूंगा’ जैसी योजना ठीक है। पर इसके बजाय कहना कि हर दिन मीटिंग के बाद मैं 30 मिनट स्पैनिश पढ़ूंगा, इसके आदत बनने की संभावना ज्यादा रहेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक योजना कैलेंडर पर रखें, इससे डिजिटल रिमाइंडर मिलता रहेगा। एक विशिष्ट योजना भविष्य की बाधाओं का अनुमान लगाने में मदद देगी।
3. दोहराव आदत की कुंजी है, इसे मजेदार बनाएं
लक्ष्य पूरा करने के लिए मजेदार तरीके इस्तेमाल करते हैं तो लंबे समय तक बने रहते हैं। जैसे वर्कआउट से वजन घटाना है तो जुंबा या रॉक क्लाइंबिंग इसे रोचक बना सकते हैं। जिम में या खाना बनाते वक्त पसंदीदा शो देखना आपको लगातार जोड़े रखता है। दोहराव आदत बनाने की कुंजी है। इसमें मजा जुड़ जाए तो फॉलो करना आसान हो जाता है।
4.लचीला रुख रखें, समान लक्ष्य वाले लोगों से जुड़ें
रुख लचीला रखें, मान लीजिए कि आपने ध्यान के लिए कोई वक्त तय किया, उस वक्त कहीं व्यस्त हो गए तो आप लक्ष्य से हट जाते हैं। इसलिए दिन का कोई और वक्त ध्यान के लिए निकालें। इसके अलावा हम आसपास के लोगों से प्रेरित होते हैं। इसलिए समान लक्ष्य वाले लोगों से जुड़ें, पसंदीदा लोगों के साथ लक्ष्य का पीछा करना आसान हो जाता है।