बच्चों को सक्रिय रहना सिखाएं:खेल में नतीजे के बजाय कोशिश की तारीफ करें, परिवार के साथ वाली एक्सरसाइज से शुरुआत करें

4 महीने पहलेलेखक: जेसिका ग्रोस
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शोध कहते हैं कि कम उम्र में ओवरट्रेनिंग से चोट का खतरा है। पर बच्चों को सक्रिय रखना भी जरूरी है। - Dainik Bhaskar
शोध कहते हैं कि कम उम्र में ओवरट्रेनिंग से चोट का खतरा है। पर बच्चों को सक्रिय रखना भी जरूरी है।
  • एक्सपर्ट्स का सुझाव- गतिविधि थोेपने की कोशिश न करें, अन्यथा मामला उल्टा पड़ सकता है

पिछले दो-तीन दशक में खेल ज्यादा प्रतिस्पर्धी और समय लेने वाले हो गए हैं। शोध कहते हैं कि कम उम्र में ओवरट्रेनिंग से चोट का खतरा है। पर बच्चों को सक्रिय रखना भी जरूरी है। पर्याप्त प्रमाण हैं कि लड़के हों या लड़कियां सभी के लिए खेल मनोवैज्ञानिक व शारीरिक तौर पर फायदेमंद है। सिर्फ वजन घटाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि खुशी, मानसिक मजबूती और सामाजिक रूप से अच्छा महसूस करने के लिए भी सक्रिय रहना अहम है। तो बच्चों को दैनिक कामों में लगाए और तनाव दिए बिना कैसे सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित करें समझिए एक्सपर्ट्स से...

1.जिन खेलों में बच्चों की रुचि नहीं है, उनसे जुड़ने के लिए दबाव न डालें

यदि बच्चों पर ऐसे खेलों के लिए दबाव डालते हैं, जिनमें उनकी रुचि नहीं है, तो यह लंबे समय तक नहीं चलेगा। विस्कॉन्सिन मेडिकल कॉलेज में क्लीनिकल स्पोर्ट्स सायकोलॉजिस्ट मैथ्यू मायरविक कहते हैं कि बच्चे हो या बड़े कुछ करने के लिए प्रेरित तब होते हैं, जब उनके पास नियंत्रण होता है, जुड़ाव लगता है और वे सफल महसूस कर सकते हैं। जैसे बच्चे फुटबॉल या बास्केटबॉल पसंद नहीं करते, तो उन्हें स्केटबोर्डिंग की पेशकश कर सकते हैं।

डायटिशियन क्रिस्टी हैरिसन कहती हैं कि बच्चा अगर विज्ञान, प्रकृति में रुचि दिखाता है तो प्रोत्साहित करें। कोई गतिविधि थोपने की कोशिश करते हैं तो मामला उल्टा पड़ सकता है। जैसे कुछ वयस्कों को दबाव डालकर वर्कआउट की ओर धकेला, तो उन्हें व्यायाम से नफरत हो गई। उन्हें यह सजा जैसा महसूस हुआ।

2. उन्हें सिखाएं कि हमें सिर्फ मेहनत पर ध्यान देना है

बच्चे किशोरावस्था में पहुंचते हैं, तो प्रतिस्पर्धी न होने के चलते खेल से पूरी तरह दूर हो जाते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के विशेषज्ञ कहते हैं कि बच्चों को सिखाएं कि वे खेल के नतीजों को नियंत्रित नहीं कर सकते। सिर्फ मेहनत कर सकते हंै। एक गेम के बाद चाहे बच्चा जीते या हारे, उसकी तारीफ करें। कुछ ऐसा कहें ‘मुझे पसंद आया आज तुमने इतने शॉट खेले या फिर तुम्हें मैदान में दोस्तों के साथ मस्ती करते देख अच्छा लगा।

3. परिवार के साथ करने वाली गतिविधियां खोजें

बच्चे स्मार्ट होते हैं। वो देखते हैं कि बड़े वर्कआउट किस तरह करते हैं, चाहे जॉगिंग पर जाना हो या घर पर एक्सरसाइज करना। डॉ. हैरिसन कहती हैं कि ऐसी गतिविधियां खोजने की कोशिश करें जो परिवार के साथ की जा सकती हैं, खुशी देती हैं, सक्रिय रखती हैं। जैसे महामारी के दौरान कई परिवारों ने बच्चों के साथ योग करना शुरू कर दिया। जब तक आउटडोर खेलों की शुरुआत नहीं हो जाती, वे इस गतिविधि को जारी रखना चाहते हैं। बच्चों के साथ खेलने भी जा सकते हैं। इसके आपका वर्कआउट भी हो जाएगा, उनकी भी सक्रियता कम नहीं होगी।

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