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सऊदी में बन रहा 3 लेयर वाला शहर:5 मिनट की दूरी पर स्कूल-रेस्त्रां-दुकानें, एयर टैक्सी चलेंगी; कानून भी अलग होगा

रियाद7 महीने पहलेलेखक: विवियन नेरीम, युसुफ गमाल अल दीन
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सऊदी अरब ने अपनी फ्यूचर सिटी ‘द लाइन’ को आकार देना शुरू कर दिया है। इस इको सिटी का निर्माण-कार्य काफी तेजी से चल रहा है। दावा किया जा रहा है कि 2024 तक लोग इसमें जाकर रह सकेंगे। करीब 170 किमी लंबे इस अनूठे इलाके को क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ‘द लाइन’ को सेंट्रल स्पाइन बताया था। बीते जनवरी में उन्होंने इस योजना के बारे में जानकारी दी थी।

अब बुलडोजर्स ने यहां के पहाड़ों को हिलाना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि निर्माण तीन स्तरों में होगा। पहली लेयर पैदल चलने वालों के लिए, बाकी दो लेयर्स ट्रांसपोर्ट और बुनियादी ढांचे के लिए रहेगी। प्रोजेक्ट के CEO नदमी अल नस्र बताते हैं, ‘बड़ा प्रोजेक्ट होने के चलते डेवलपर्स दो सिरों से इसका काम शुरू कर रहे हैं। इस इको सिटी में 10 लाख लोग रह सकेंगे। ये अल्ट्रा हाईस्पीड ट्रांजिट और ऑटोनोमस मोबिलिटी सॉल्यूशंस से जुड़े रहेंगे।

फ्यूचर सिटी द लाइन का खाका खींचा जा चुका है। सऊदी प्रशासन इसे तेजी से पूरा करने में लगा हुआ है।
फ्यूचर सिटी द लाइन का खाका खींचा जा चुका है। सऊदी प्रशासन इसे तेजी से पूरा करने में लगा हुआ है।
द लाइन के निर्माण के दौरान इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है कि आसपास के हरे-भरे इलाके प्रभावित न हों।
द लाइन के निर्माण के दौरान इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है कि आसपास के हरे-भरे इलाके प्रभावित न हों।

कोई भी यात्रा 20 मिनट से ज्यादा की नहीं होगी
स्कूल, रेस्त्रां, दुकानें सभी रिहाइशी क्षेत्रों से महज 5 मिनट की दूरी पर होंगे। कोई भी यात्रा 20 मिनट से ज्यादा की नहीं होगी। निर्माण ऐसा होगा कि 95% प्राकृतिक संसाधन सुरक्षित रहेंगे। प्रोजेक्ट पर 15 लाख करोड़ खर्च होंगे। इससे 3.8 लाख नौकरियां पैदा होंगी। फिलहाल 1500 कर्मचारी साइट पर ही रहकर काम रहे हैं।

यह प्रोजेक्ट निओम का हिस्सा है। निओम को पहले से ही अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है।
यह प्रोजेक्ट निओम का हिस्सा है। निओम को पहले से ही अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है।
डेवलपर्स का दावा है कि द लाइन के लाइनर शेप और भूमिगत इंफ्रास्ट्रक्चर से 95% नेचुरल लैंडस्केप को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
डेवलपर्स का दावा है कि द लाइन के लाइनर शेप और भूमिगत इंफ्रास्ट्रक्चर से 95% नेचुरल लैंडस्केप को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन मुक्त सिस्टम
‘द लाइन’ प्रोजेक्ट निओम का हिस्सा है, जिसके तहत सऊदी की जॉर्डन और मिस्र से लगती सीमा पर 37.5 लाख करोड़ के खर्च से मेगासिटी का निर्माण होना है। यह प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन मुक्त सिस्टम होगा। इसके 16 उपनगर होंगे। ऊर्जा के लिए ये विंड और सोलर एनर्जी पर निर्भर रहेंगे। यहां पानी को ऑक्सीजन और फ्यूल के लिए हाइड्रोजन में बदलने जैसी अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल होगा।

द लाइन को लेकर जो प्लान तैयार किए गए हैं, उन्हें हकीकत में बदलना चुनौती भरा होने वाला है।
द लाइन को लेकर जो प्लान तैयार किए गए हैं, उन्हें हकीकत में बदलना चुनौती भरा होने वाला है।

सऊदी अरब से अलग होंगे यहां के कानून
प्रोजेक्ट का उद्देश्य सऊदी को सिलिकॉन वैली जैसे तकनीकी केंद्र में बदलना है। यहां उन्हें आशियाना मिलेगा जो असाधारण जिदंगी चाहते हैं। यहां पर कारोबार की उन्नति के साथ पर्यावरण संरक्षण पर फोकस रहेगा। यहां पर AI पावर्ड फ्लाइंग ड्रोन टैक्सी, रोबोटिक डायनोसोर के साथ जुरासिक पार्क जैसा एम्यूजमेंट पार्क भी होगा। दुनिया का सबसे बड़ा कोरल गार्डन, क्लाउड सीडिंग और विशाल कृत्रिम चांद यहां का नजारा अद्भुत बना देंगे। यह फ्री जोन होगा, यानी यहां के कानून सऊदी के कानूनों से पूरी तरह अलग होंगे।