पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • International
  • Dr. Schlein, Recovering From Corona, Said Was Worried About The Children, Could Not Replace Their Mother, But Wanted To Live

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

न्यूयॉर्क टाइम्स से:कोरोना से ठीक हुए डॉ. श्लेन ने कहा- बच्चों को लेकर चिंतित था, उनकी मां की जगह नहीं ले सकता, पर जीना चाहता था

न्यूयॉर्क8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
डॉ श्लेन बारबरा- डोनाल्ड जकर स्कूल ऑफ मेडिसिन के चेयरमैन हैं।
  • डॉक्टर श्लेन बारबरा ने कहा- मेरे केयरटेकर अद्भुत थे, मास्क की वजह से उन्हें पहचानता तो नहीं, लेकिन उनका कर्जदार हो गया हूं
  • '7 महीने पहले मेरी 37 साल की पत्नी की कैंसर से मौत हो गई थी, ऐसे में तीन बच्चों के भविष्य को देखते हुए मैंने कोरोना के आगे घुटने नहीं टेके

डॉ श्लेन बारबरा- डोनाल्ड जकर स्कूल ऑफ मेडिसिन के चेयरमैन हैं। उन्होंने बताया, ‘‘9 मार्च को सब कुछ सामान्य था। महामारी अभी दूर लग रही थी। मैं नॉर्थवेल हेल्थ सिस्टम की इमरजेंसी मैनेजमेंट को लेकर बड़ी मीटिंग में शामिल हुआ। महामारी को देखते हुए सप्लाई, खरीद और कर्मचारियों को लेकर चर्चा की। दो बार सहयोगियों से मिला। मुझे ठंड लग रही थी और अगले एक घंटे में तो कांपने लगा। बड़ी बहन जैसी मेरी असिस्टेंट ने तुरंत घर जाकर आराम करने को कहा। उस दिन मैं करीब 15 घंटे सोया।’’

डॉ बारबरा ने कहा, ‘‘अगली सुबह न भूख लग रही थी न किसी काम में मन। डॉक्टर के रूप में मुझे पता था कि मैं फिलहाल ठीक हूं। ऑक्सीजन का स्तर भी ठीक था। दिन में कई बार खुद की मॉनिटरिंग की। अचानक एक रात ऑक्सीजन का स्तर घटा, सांस अटकने लगी, तो सहयोगियों को फोन किया। अस्पताल में सीटी स्कैन के नतीजे चौंकाने वाले थे। फेफड़े बुरी तरह डैमेज हो रहे थे। 12 दिनों तक मैं लगभग जलतेे हुए फेफड़ों के साथ पड़ा रहा। कोरोना टेस्ट भी पॉजिटिव निकला। 66 साल की उम्र होने से मैं इससे होने वाली मौत का जोखिम जानता था।’’

7 महीने पहले हुई थी पत्नी की मौत

डॉ श्लेन ने बताया, ‘‘अस्पताल के बिस्तर पर लेटा हुआ दोनों बेटों और उनके भविष्य के बारे में सोचने लगा। 7 महीने पहले उनकी मां और मेरी 37 साल की पत्नी की मौत हुई थी। वो जीना चाहती थीं, लेकिन 18 महीने कैंसर से लड़ने के बावजूद हमें छोड़ गईं। इसके बाद से हम तीनों बेहद करीब आ गए, लेकिन मैं कभी भी उनकी मां की जगह नहीं ले सकता। बिस्तर पर पड़े-पड़े मैंने तीन फोन किए। दोनों बेटों को बताया कि मैं कितना ज्यादा बीमार हो चुका हूं और डॉक्टरों की क्या चिंता है। तीसरा फोन अपने वकील और करीबी दोस्त को किया। उन्हें कहा कि मेरी हफ्ते भर भी जिंदा रहने की गारंटी नहीं है।’’

डॉ श्लेन ने कहा कि मैंने मेरे वकील से कहा, ‘‘ऐसे में मेरे बाद की सारी व्यवस्था बिना किसी दिक्कत के हो जानी चाहिए। लेकिन उसी दोपहर जैसे चमत्कार हुआ। ऑक्सीजन का स्तर सुधरने लगा। सांस लेने में थोड़ी आसानी हुई। मुझे 6 दिन तक कोविड-19 वार्ड में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। फेफड़ों की जलन और खांसी भी कम हुई। मौत को कभी भी एक साथ इतने दूर और करीब महसूस नहीं किया।’’

खुशकिस्मत हूं कि मेरे पास करीबी दोस्त और रिश्तेदार हैं: डॉ श्लेन

उन्होंने अस्पताल के अपने अनुभव के बारे में बताया, ‘‘मेरे केयरटेकर अद्भुत थे। मुझे नहीं पता कि वे कैसे दिखते हैं, क्योंकि मास्क पहने होते थे। उन डॉक्टर और नर्सों का ऋणी हूं, जिन्होंने मेरी मदद की। मुझे ठीक हुए 13 दिन हो गए हैं। खुद को और मजबूत महसूस करता हूं। छोटा बेटा खाना पकाता है। हम बड़े बेटे से रोज वीडियो चैट करते हैं। खुशकिस्मत हूं कि मेरे पास करीबी दोस्त और रिश्तेदार हैं। उनके मैसेज और फोन कॉल मेेरी लाइफ लाइन बन गए हैं।’’

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज भविष्य को लेकर कुछ योजनाएं क्रियान्वित होंगी। ईश्वर के आशीर्वाद से आप उपलब्धियां भी हासिल कर लेंगे। अभी का किया हुआ परिश्रम आगे चलकर लाभ देगा। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों के ल...

और पढ़ें