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कोरोनावायरस / चीन-नेपाल-भूटान बॉर्डर पर सुरक्षाबलों को एयरपोर्ट जैसी सुरक्षा रखने के आदेश, जापानी शिप में तीसरा भारतीय संक्रमित पाया गया

वुहान में पढ़ने वाले पाकिस्तानी छात्रों के माता-पिता और रिश्तेदार उन्हें वापस लाने को लेकर प्रदर्शन करते। वुहान में पढ़ने वाले पाकिस्तानी छात्रों के माता-पिता और रिश्तेदार उन्हें वापस लाने को लेकर प्रदर्शन करते।
चीन के वुहान शहर में 800 से ज्यादा पाकिस्तानी छात्र फंसे हैं। उनके परिजनों ने इस्लामाबाद में प्रदर्शन किया। चीन के वुहान शहर में 800 से ज्यादा पाकिस्तानी छात्र फंसे हैं। उनके परिजनों ने इस्लामाबाद में प्रदर्शन किया।
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वुहान में पढ़ने वाले पाकिस्तानी छात्रों के माता-पिता और रिश्तेदार उन्हें वापस लाने को लेकर प्रदर्शन करते।वुहान में पढ़ने वाले पाकिस्तानी छात्रों के माता-पिता और रिश्तेदार उन्हें वापस लाने को लेकर प्रदर्शन करते।
चीन के वुहान शहर में 800 से ज्यादा पाकिस्तानी छात्र फंसे हैं। उनके परिजनों ने इस्लामाबाद में प्रदर्शन किया।चीन के वुहान शहर में 800 से ज्यादा पाकिस्तानी छात्र फंसे हैं। उनके परिजनों ने इस्लामाबाद में प्रदर्शन किया।

  • डीजीसीए ने कहा है कि एयरपोर्ट में चीन के साथ जापान और दक्षिण कोरिया के नागरिकों की भी जांच करे
  • चीन में कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित हुबेई प्रांत है, यहां अब तक 1426 लोगों की मौत हुई है
  • हुबेई में 80-100 भारतीयों के फंसे होने की आशंका, पाकिस्तान के 800 छात्र यहां के वुहान शहर में फंसे

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2020, 10:17 PM IST

नई दिल्ली/बीजिंग. चीन में कोरोनावायरस से अब तक 1491 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 63,837 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों और संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए गृह मंत्रालय ने नेपाल, भूटान और चीन के बॉर्डर पर तैनात आईटीबीपी और एसएसबी जवानों को ज्यादा सावधानी बरतने के लिए कहा है। मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर कहा कि बॉर्डर चेकपॉइंट पर भी संदिग्धों की जांच के लिए एयरपोर्ट जैसी सुरक्षा रखें। इसी बीच डीजीसीए ने एयरपोर्ट प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे चीन के अलावा जापान और दक्षिण कोरिया से आने वाले यात्रिओं की भी जांच शुरू कर दें। 

कोरोनावायरस से लड़ाई में भारत के समर्थन का शुक्रिया: चीन
चीन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से मदद की पेशकश पर शुक्रिया जताया। चीन के विदेश मंत्री गेंग शुआंग ने कहा कि भारत ने चीन कोरोनावायरस को रोकने के तरीकों का समर्थन किया है। हम भी कोरोनावायरस से लड़ने में भारत की मदद की पेशकश पर उसका शुक्रिया अदा करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 फरवरी को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को पत्र लिखकर कहा था कि वह इस कठिन स्थिति में महामारी से लड़ने में चीन की मदद करना चाहते हैं। 

कोरोनावायरस से चिकित्सक भी प्रभावित, लोगों में डर फैलने की आशंका
चीन ने शुक्रवार को पहली बार कोरोनावायरस से प्रभावित चिकित्सकों का आंकड़ा जारी किया। अधिकारियों के मुताबिक, मरीजों का इलाज करते हुए अब तक 1716 मेडिकल वर्कर वायरस से प्रभावित हुए। इनमें 6 चिकित्सकों की मौत हुई है। बताया गया है कि संक्रमित चिकित्सकों में 1502 हुबेई प्रांत से हैं, जबकि 1102 हुबेई के वुहान में संक्रमित हुए। 

यह पहली बार है जब चीन ने कोरोनावायरस से प्रभावित चिकित्सकों का आंकड़ा दिया है। माना जा रहा है कि इससे जांच कराने वाले लोगों में डर बढ़ेगा। यूनिवर्सिटी ऑफ हॉन्गकॉन्ग के प्रोफेसर बेंजमिन काउलिंग के मुताबिक, इलाज करने वाले डॉक्टरों के प्रभावित होने की बात काफी चौंकाने वाली है। यह बेहद परेशान करने वाली बात है। 

जापान के शिप में तीसरा भारतीय कोरोनावायरस से संक्रमित
जापान के योकोहोमा तट पर फंसे डायमंड प्रिंसेज क्रूज पर अब तक 218 लोग संक्रमित पाए गए हैं। इनमें से 3 लोगों को कोरोनावायरस से संक्रमित पाया गया है। जापान स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि शिप में भारत के कुल 138 लोग सवार थे, इनमें 132 क्रू सदस्य और 6 यात्री थे। संक्रमित पाए गए सभी भारतीय क्रू के सदस्य हैं। जापानी शिप डायमंड प्रिंसेज में 3711 लोग सवार थे। यह जहाज पिछले एक हफ्ते से बंदरगाह पर ही अलग-थलग खड़ा है। 

चीन के बाहर सबसे ज्यादा मामले सिंगापुर (58) में सामने आए हैं। केरल में संक्रमित 3 व्यक्तियों में से 2 की हालत में सुधार है। सबसे ज्यादा प्रभावित हुबेई में अब भी 80-100 भारतीयों के फंसे होने की आशंका है। 

  • केरल के स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को बताया- केरल में संक्रमित 3 लोगों में से दो मेडिकल छात्रों की स्थिति बेहतर हुई है। बाद में उनकी रिपोर्ट की जांच की गई, जो निगेटिव आई है। इसके बाद अलापुझा मेडिकल स्टूडेंट को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इससे पहले त्रिशूर में मेडिकल स्टूडेंट की रिपोर्ट भी निगेटिव आई थी।
  • केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने बताया- छात्रा की सैंपल की रिपोर्ट देखे जाने के बाद ही उसे अस्पताल से छुट्टी दी गई। उसकी स्थिति अब संतोषजनक है। उसकी निगरानी अब घर पर ही की जाएगी।
  • उन्होंने कहा- केरल में 2397 व्यक्ति निगरानी में हैं। इसमें 2375 व्यक्तियों की उनके घरों में और 22 की अस्पतालों में निगरानी की जा रही है। 402 संदिग्धों की सैंपल जांच के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाइरोलॉजी (एनआईवी) में भेजा गया है। इनमें 363 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। बाकि के रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
  • स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक- घरों में निगरानी रखे जा रहे 122 लोगों को भी छुट्टी दे दी गई है। पिछले दिनों 1040 व्यक्तियों को निगरानी से बाहर रखा गया था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग सतर्क बना हुआ है। चीन से आने वाले यात्रियों को 28 दिनों तक सार्वजनिक जगहों पर नहीं जाने की सलाह दी गई है।

वुहान में 800 पाकिस्तान के छात्र फंसे

वुहान शहर में 800 से ज्यादा पाकिस्तानी छात्र फंसे हुए हैं। उन्होंने सरकार से यहां से निकालने की अपील की है। छात्रों ने कहा कि वे मानसिक यातना से गुजर रहे हैं। 2015 से वुहान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे रेहान रशीद ने पाकिस्तान सरकार और प्रधानमंत्री इमरान खान की आलोचना करते हुए कहा कि शहर को लॉकडाउन किए जाने के बाद पाकिस्तान सरकार ने छात्रों को निकालने से इनकार कर दिया।

पाकिस्तानी छात्रों ने कहा- यहां डरावनी स्थिति है

‘गार्जियन’ के मुताबिक, चीन से फोन पर बात करते हुए छात्र रशीद ने कहा- यहां हमारी कोई मदद नहीं की जा रही हा। हम डरे हुए हैं। यह एक डरावनी स्थिति है। हम 20 दिनों से ज्यादा समय से हॉस्टल के कमरे में कैद हैं। खाना या अन्य जरूरी चीजों के लिए भी बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा। इससे पहले भी जब भारत ने अपने लोगों को वुहान से निकाला था, तब पाकिस्तान के छात्रों ने एक वीडियो जारी कर अपने सरकार से निकालने की बात कही थी। पाकिस्तान सरकार के अधिकारियों ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पाकिस्तानी छात्रों के माता-पिता और रिश्तेदार इस्लामाबाद में अपने बच्चों को वहां से निकालने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

चीन ने संक्रमितों के उपचार के लिए प्रोटो प्लाज्मा विकसित किया

  • चीनी वैज्ञानिकों ने कोरोनावायरस (कोविड-19) की चपेट में आए और बाद में ठीक हो गए मरीजों से प्रोटो प्लाजा जैविक तत्व विकसित किया है। इसका इस्तेमाल कोराेनावायरस के मरीजों के उपचार में व्यापक तौर पर किया जाएगा।
  • चाइना नेशनल बायोटेक ग्रुप कंपनी के वैज्ञानिकों ने इसे विकसित किया है। जो मरीज इस विषाणु से संक्रमित हुए थे उनके शरीर से इसे निकाला गया है। इसका इस्तेमाल कन्वलसेंट प्लाज्मा और इम्युनोग्लोबिन को बनाने में किया जाएगा।


वैज्ञानिकों के अनुसार, वुहान के जियांगजिया जिले में आठ फरवरी को गंभीर रूप से बीमार तीन मरीजों को प्लाज्मा उपचार दिया गया। इस समय 10 से ज्यादा गंभीर मरीजों को प्लाज्मा उपचार दिया गया है। जांच में पता चला है कि इसे लेने के 12 से 24 घंटों के बाद मरीजों में काफी सुधार के लक्षण दिखे हैं। उनमें संक्रमण के कारकों में कमी और ब्लड में घुलनशील ऑक्सीजन के स्तर में भी काफी सुधार देखने को मिला है।

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