भारत बायोटेक 26 जनवरी को भारत में अपनी तरह की पहली इंट्रानेजल कोविड-19 वैक्सीन iNCOVACC लॉन्च करेगी। उधर, चीन में कोरोना के मामले बढ़ने के साथ ही भारत, जापान और अमेरिका जैसे देशों में भी नई लहर का खतरा मंडराने लगा है। इस बीच चीनी दवा निर्माता सिनोफार्म ने कहा कि उसकी mRNA वैक्सीन को क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने कहा कि ये ओमिक्रॉन वैरिएंट से लड़ने में मददगार साबित होगी। शंघाई में कंपनी ने एक रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर भी बनाया है जहां हर साल इस वैक्सीन के 2 बिलियन डोज बनाए जाएंगे।
पहले जानिए भारत में क्या है कोरोना की स्थिति...
भारत में शनिवार (21 जनवरी) को 131 नए मामले सामने आए। हेल्थ मिनिस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, देश में अभी 1940 एक्टिव केस हैं। कोरोना के शुरुआती दौर से अब तक देश में 5 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
पहली स्वदेशी इंट्रानेजल वैक्सीन की लॉन्चिंग 26 जनवरी को
स्वदेशी वैक्सीन निर्माता भारत बायोटेक 26 जनवरी को भारत में अपनी तरह की पहली इंट्रानेजल कोविड-19 वैक्सीन iNCOVACC लॉन्च करेगी। कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्णा एला ने शनिवार को भोपाल में यह जानकारी दी। एला ने मौलाना आज़ाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) में आयोजित IISF के 'फेस-टू-फेस विद न्यू फ्रंटियर्स इन साइंस' सेगमेंट में भाग लेते हुए यह जानकारी दी।
दिसंबर में भारत बायोटेक ने घोषणा की थी कि वह इंट्रानेजल वैक्सीन को सरकार द्वारा खरीद के लिए 325 रुपए प्रति शॉट और निजी वैक्सीन सेंटर्स के लिए 800 रुपए प्रति शॉट के हिसाब से बेचेगी।
जापान : 82 हजार से ज्यादा मामले सामने आए
जापान टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार (21 जनवरी) को वहां 78 हजार 954 मामले दर्ज किए गए। राजधानी टोक्यो में कोरोना के मामलों की संख्या 6,607 रही। मौत का आंकड़ा 398 रहा। 683 लोग अस्पताल में भर्ती हुए। जापान और साउथ कोरिया के नागरिकों पर बैन के बाद अब चीन के कुछ लोगों को देश में आने की छूट दी लिए। उनके लिए वीजा के नियमों में ढील की है।
दुनिया में 67 करोड़ से ज्यादा मामले
कोरोना worldometer के मुताबिक, दुनिया में अब तक 67 करोड़ 29 लाख 65 हजार 418 मामले सामने आ चुके हैं। 11 जनवरी 2020 को चीन के वुहान में 61 साल के बुजुर्ग की मौत हुई थी। ये दुनिया में कोरोना से होने वाली पहली मौत थी। इसके बाद मौत का सिलसिला बढ़ने लगा। अब तक 67 लाख 42 हजार 8627 मौतें हो चुकी हैं।
इन देशों ने चीन के यात्रियों पर लगाया प्रतिबंध
चीन से आने वाले यात्रियों पर स्वीडन, जर्मनी, मलेशिया, कतर, बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मोरक्को, फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन, अमेरिका, जापान, इजराइल, भारत, इटली और साउथ कोरिया ने प्रतिबंध लगाए हैं। यहां चीन से आने वाले यात्रियों को नेगेटिव कोरोना रिपोर्ट दिखानी होगी। मोरक्को ने तो चीन के यात्रियों को बैन ही कर दिया है। ताइवान ने भी चीन से आने वालों के लिए कोविड टेस्टिंग कंपलसरी की है। पाकिस्तान और फिलीपींस भी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। थाईलैंड और न्यूजीलैंड ने कोई भी प्रतिबंध लगाने से मना कर दिया है।
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