हांगकांग / अगले माह होने वाले सबसे बड़े ज्वैलरी फेयर पर संकट, जयपुर के ज्वैलर्स को 750 करोड़ के नुकसान का अंदेशा



फेयर का फाइल फोटो। फेयर का फाइल फोटो।
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फेयर का फाइल फोटो।फेयर का फाइल फोटो।

  • हांगकांग में लाेकतंत्र समर्थक आंदाेलन का असर अब राजस्थान तक, इससे सर्राफा कारोबार पर संकट
  • फेयर में 54 देशों के निर्यातकों ने 3730 स्टाॅलें बुक कराईं, इनमें अकेले जयपुर के ज्वैलर्स की करीब 300 स्टाॅल

Dainik Bhaskar

Aug 25, 2019, 01:03 AM IST

जयपुर (प्रमोद कुमार शर्मा). हांगकांग में लाेकतंत्र समर्थक आंदाेलन का असर अब राजस्थान तक पड़ता दिखाई दे रहा है। दरअसल, हांगकांग में 16 सितंबर से दुनिया का सबसे बड़ा ज्वैलरी फेयर शुरू हाेना है, लेकिन आंदाेलन के कारण इस बार कारोबार पर संकट है। फेयर में 54 देशों के निर्यातकों ने 3,730 स्टालें बुक कराई हैं। इनमें अकेले जयपुर के ज्वैलर्स की करीब 300 स्टाॅल हैं।

 

विजिटर्स के कम आने पर जयपुर के ज्वैलर्स काे 750 कराेड़ के नुकसान हाेने का संदेह है। जयपुर के निर्यातकों काे पिछले साल इस फेयर में 1,500 करोड़ के ऑर्डर मिले थे। आंदाेलन के कारण इस बार ऑर्डर 50% तक कम रहने की आशंका है। ज्वैलर्स ने एक स्टॉल के लिए 10 से 12 लाख रु. का एडवांस भुगतान किया है। हांगकांग के ज्वैलर्स की सबसे ज्यादा 1400 स्टाॅलें हाेंगी, जबकि दूसरे नंबर पर चीन तथा तीसरे नंबर पर भारत है। हांगकांग के अलावा दो बड़े ज्वैलरी फेयर बैजल और लाग वेगास में होते हैं, लेकिन भारतीय निर्यातकों को सबसे ज्यादा कारोबार हांगकांग फेयर से ही मिलता है। इसमें मिले ऑर्डर फरवरी तक चलते हैं। यानी छह महीने तक निर्यातक इकाइयों के पास भरपूर काम रहता है।

 

दो चरणों में फेयर का आयाेजन

  • 16 से 20 सितंबर : हांगकांग एयरपाेर्ट परिसर में ही एशिया वर्ल्ड एक्सपो के तहत जेम्स व स्टाेन का काराेबार हाेना है
  • 18 से 22 सितंबर : ज्वैलरी की स्टालें लगनी हैं हांगकांग कन्वेंशन एंड एग्जिबिशन सेंटर में 40 साल से हाे रहा है हांगकांग में यह फेयर

 

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  1. विजिटर्स 50% कम आएंगे, बिजनेस भी इतना ही घटेगा: सामान्य परिस्थितियों में फेयर में 100 से अधिक देशों के 54,000 से अधिक विजिटर्स आते हैं, लेकिन इस बार हालात अलग हैं। बिगड़ते हालात के चलते इस बार फेयर में 40-50% तक कम विजिटर्स आने का अनुमान है।
  2. तिथि आगे नहीं बढ़ाई, इसलिए कुछ स्टाॅलें रद्‌द: जयपुर के ज्वैलर्स सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय व जैम्स ज्वैलरी एक्सपोर्ट एसोसिएशन ने फेयर के अायाेजन की तिथि बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन हांगकांग प्रशासन ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद जयपुर के कुछ ज्वैलर ने अपनी स्टालें रद्‌द करा दी है।
  3. इंश्याेरेंस नहीं हुआ ताे माॅल नहीं ले जाएंगे: फेयर के लिए जयपुर के ज्वैलर्स का माल मुंबई तक पहुंच गया है, लेकिन आंदाेलन के कारण अब वे अपने माल का इंश्याेरेंस कराना चाह  रहे हैं। अगर इंश्याेरेंस नहीं हुअा ताे ये ज्वैलर भी वहां जाएंगे या नहीं, इस पर भी अभी संदेह बना हुआ है।

 

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  • जैम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के पूर्व चेयरमैन राजीव जैन ने कहा-  यह फेयर संकट में नजर आ रहा है। विजिटर्स कम आए तो करीब 500 करोड़ के ऑर्डर कम मिल सकते हैं। पिछले साल 1500 करोड़ से ज्यादा के ऑर्डर मिले थे।
  • निर्यातक निर्मल बरड़िया के मुताबिक हांगकांग जैम एंड ज्वैलरी फेयर में हर चौथा बूथ भारतीयों का होता है। हांगकांग में जयपुर के कई निर्यातकों ने ऑफिस खाेल रखे हैं। विजिटर्स कम आते हैं, तो जयपुर के ज्वैलर्स को 50% तक नुकसान हो सकता है।
  • ज्वैलर अजय काला का कहना है कि जयपुर के निर्यातक पूरे साल हांगकांग ज्वैलरी फेयर की तैयारी करते हैं। इस फेयर से निर्यातकों को क्रिसमस के लिए बड़े ऑर्डर मिलते हैं। इस बार आंदोलन का बड़ा असर पड़ेगा।
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