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  • Despite Corona, worldwide health spending will decrease by 1.1% this year, as the general ill people are not reaching the hospital.

द इकोनॉमिस्ट से / कोरोना के बावजूद इस साल दुनियाभर में स्वास्थ्य खर्च 1.1% घटेगा, क्योंकि सामान्य बीमार लोग अस्पताल ही नहीं पहुंच रहे

यह फोटो फरवरी में वुहान के हुबेई प्रांत में अस्पताल में खींची गई थी। इसमें स्वास्थ्यकर्मी पीपीई किट पहनकर आईसीयू में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करते नजर आ रहे हैं। यह फोटो फरवरी में वुहान के हुबेई प्रांत में अस्पताल में खींची गई थी। इसमें स्वास्थ्यकर्मी पीपीई किट पहनकर आईसीयू में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करते नजर आ रहे हैं।
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यह फोटो फरवरी में वुहान के हुबेई प्रांत में अस्पताल में खींची गई थी। इसमें स्वास्थ्यकर्मी पीपीई किट पहनकर आईसीयू में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करते नजर आ रहे हैं।यह फोटो फरवरी में वुहान के हुबेई प्रांत में अस्पताल में खींची गई थी। इसमें स्वास्थ्यकर्मी पीपीई किट पहनकर आईसीयू में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करते नजर आ रहे हैं।

  • स्वास्थ्य खर्च को लेकर भारत, चीन, अमेरिका समेत 60 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का विश्लेषण
  • नॉन-इमरजेंसी, मामूली बीमारी, बच्चों के वैक्सीन लगवाने भी अस्पताल नहीं आ रहे लोग

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 06:10 AM IST

लंदन. कोरोनावायरस की वजह से दुनियाभर में 52 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हुए, जबकि 3.30 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। बड़े-बड़े वैज्ञानिक और रिसर्च एजेंसियां कोरोना का वैक्सीन ढूंढने में जुटे हुए हैं। कोरोना ने दुनिया में कई देशों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोल कर रख दी है, पर चौंकाने वाली बात यह है कि इतने बड़े संकट के बावजूद इस साल स्वास्थ्य पर दुनिया का खर्च घटेगा।

इकोनॉमिस्ट इंटेलीजेंस यूनिट ने कोरोना संकट के बीच 60 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के स्वास्थ्य खर्च का विश्लेषण किया है। इसके मुताबिक, स्वास्थ्य पर वैश्विक खर्च में 2020 में करीब 1.1% की गिरावट देखने को मिलेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य खर्च घटने की सबसे बड़ी वजह कोरोनावायरस ही है, क्योंकि इसकी वजह से बाकी बीमारियों पर होने वाले खर्च में भारी गिरावट आई है।

सामान्य इलाज के लिए लोग अस्पताल या क्लीनिक में नहीं जा रहे

लोग सामान्य इलाज के लिए अस्पताल या क्लीनिक में नहीं जा रहे हैं, मरीजों ने सभी नॉन-इमरजेंसी वाली बीमारियों का इलाज टेलीमेडिसिन के जरिए करना शुरू कर दिया है। कई लोग तो बच्चों को समय पर वैक्सीन लगाने तक नहीं पहुंचे हैं। इस वजह से स्वास्थ्यकर्मियों, अस्पतालों और स्वास्थ्य खर्च पर दबाव कम हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 2009 में वैश्विक मंदी के बावजूद दुनियाभर में स्वास्थ्य पर खर्च 2.8% बढ़ा था। इसके विपरीत दुनिया की जीडीपी में करीब 1.8% की गिरावट रही थी।

दुनियाभर में स्वास्थ्य खर्च करीब 5.5% बढ़ने का अनुमान
रिपोर्ट के मुताबिक, अगले साल दुनिया में स्वास्थ्य खर्च बढ़ सकता है। कोरोनावायरस का वैक्सीन उपलब्ध होने की स्थिति में इसके इलाज पर खर्च भी बढ़ेगा। इसके अलावा अन्य खर्चों की वजह से 2021 में स्वास्थ्य पर दुनिया का खर्च 5.5% बढ़ने की उम्मीद है।

क्षेत्र के हिसाब से उत्तर अमेरिका स्वास्थ्य पर जीडीपी का 16% तक खर्च करता है। यूरोप में यह 10% है, जबकि मध्य-पूर्व और एशिया-प्रशांत के देशों में यह जीडीपी का 4-6% है।

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