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जयशंकर-UN चीफ की मुलाकात:रूस-यूक्रेन जंग सहित अफगानिस्तान-म्यांमार को लेकर हुई चर्चा, गुटेरेस ने जताई भारत के साथ काम करने की इच्छा

न्यूयॉर्क8 महीने पहले
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस के साथ मुलाकात की। जयशंकर ने ट्वीट कर बताया कि UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस के साथ हुई मुलाकात में यूक्रेन संकट के साथ-साथ अफगानिस्तान और म्यांमार में हो रही बड़ी घटनाओं को लेकर भी चर्चा हुई। जयशंकर ने बताया कि यूक्रेन को इस संकट में खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा देने का विचार साझा किया गया।

इस समय यूक्रेन के लिए हालात से निपट पाना मुश्किल है। इसके साथ ही अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के रवैए और म्यांमार में हो रही हिंसा को रोकने को लेकर भी चर्चा हुई। मीटिंग के बाद UN चीफ गुटेरेस ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मैं भारत की किसी भी चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने की कला की सराहना करता हूं।

रक्षा सहयोग जैसे कई मुद्दों पर हो चुका है 2+2 डायलॉग

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका से 2+2 डायलॉग के बाद UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस से मिलकर कई मुद्दों पर चर्चा की।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका से 2+2 डायलॉग के बाद UN चीफ एंटोनियो गुटेरेस से मिलकर कई मुद्दों पर चर्चा की।

साथ ही जयशंकर ने चौथे 2+2 डायलॉग में अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी जीना रायमोंडो और अमेरिका की ट्रेड मामलों की प्रतिनिधि कैथरीन ताई के साथ मुलाकात की। बता दें कि, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री जयशंकर इन दिनों अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ 2+2 मंत्रिस्तरीय डायलॉग के लिए वॉशिंगटन में हैं।

डॉ बी आर अंबेडकर की 131वीं जयंती पर दी श्रद्धांजलि
इसके साथ जयशंकर ने न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास में डॉ बी आर अंबेडकर की 131वी जयंती पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाग लिया। अंबेडकर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह आधुनिक भारत के लिए एक शक्ति थे।

ह्यूमन राइट्स मामले पर अमेरिका को दे चुके हैं करार जवाब

एस जयशंकर ने सीधे शब्दों में अमेरिका को ह्यूमन राइट्स पर जवाब दिया था।
एस जयशंकर ने सीधे शब्दों में अमेरिका को ह्यूमन राइट्स पर जवाब दिया था।

इससे पहले बुधवार को ह्यूमन राइट्स पर जयशंकर ने अमेरिका को तीखी प्रतिक्रिया के साथ जवाब दिया था। उन्होंने साफ कहा था कि भारत-अमेरिका 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान ह्यूमन राइट्स का मुद्दा चर्चा का विषय नहीं था। जयशंकर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि लोग भारत के बारे में विचार रखने के हकदार हैं।

हम अमेरिका सहित अन्य लोगों के ह्यूमन राइट्स की स्थिति पर भी अपने विचार रखते हैं और हम अमेरिका में ह्यूमन राइट्स के मुद्दे पर चिंतित है। जिस तरह US में लगातार सिख समुदाय के लोगों पर हमले हो रहे हैं ये निंदनीय है।

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