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ब्रिटेन में भारतीय छात्रों ने यूनिवर्सिटी से लगाई गुहार:अभी फीस न लें, इससे परिवार की मुश्किल में मदद कर सकेंगे; भारतीय छात्रों का संगठन कार्डिफ मैट भी मदद के लिए आगे आया

लंदन6 महीने पहले
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नीति का कहना है कि सभी मिलकर कहेंगे तो बात सुनी जा सकती है। - Dainik Bhaskar
नीति का कहना है कि सभी मिलकर कहेंगे तो बात सुनी जा सकती है।

भारत में बढ़ते कोरोना संकट को देख ब्रिटेन में पढ़ रहे भारतीय छात्र चिंतित हैं। ऐसे ही छात्रों के एक समूह ने यूनिवर्सिटी से उनकी फीस फिलहाल न लेने का आग्रह किया है। छात्रों का कहना है कि इससे वे भारत में रह रहे अपने परिजनों की मदद कर सकेंगे। छात्रों का कहना है कि देश में सब बंद पड़ा है, ऐसे में परिवार उन्हें फीस के पैसे कैसे भेज पाएंगे। जिनके परिवारों में संक्रमण के मामले हैं, उनके लिए तो चुनौती और भी ज्यादा है।

इस पर कार्डिफ मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी ने कहा है कि छात्रों को लगातार मदद देना जारी रखेंगे। छात्रों का कहना है कि ये पैसे बच जाएंगे तो वे परिवार की मुश्किल दौर में मदद कर पाएंगे। डाटा साइंस की पढ़ाई कर रहे कैलाश ने बताया कि उनके पिता का कोरोना से निधन हो गया। वे डॉक्टर थे, उनकी मां प्राइवेट टीचर हैं। पिता के गुजरने के बाद मां के पास आमदनी का कोई जरिया नहीं है। वे मुश्किल से बसर कर पा रही हैं। एक अन्य छात्र ने बताया कि उनके परिवार के कई सदस्य कोरोना से गुजर चुके हैं। परिवार में सिर्फ मां और बहन हैं, ‌वे उन पर बोझ नहीं डालना चाहते।

फूड साइंस में मास्टर कोर्स कर रहे महेंद्र ने बताया कि भारतीय छात्र असहाय महसूस कर रहे हैं। अगर यूनिवर्सिटी छूट दे देती है तो बचे हुए पैसे परिवार को भेज पाएंगे। वेल्स में भारतीय छात्रों के संगठन कार्डिफ मैट ने कहा कि वे मुश्किल में फंसे छात्रों के बारे में पता लगा रहे हैं। उनके परिवारों को तो मदद देंगे ही। इसके अलावा यूनिवर्सिटी से भी फीस बाद में लेने के लिए वे बात कर रहे हैं।

यूनिवर्सिटी को मनाने के लिए साथ आने की अपील

मास्टर डिग्री कर रही नीति का कहना है कि उनकी यूनिवर्सिटी ने छूट देने से मना कर दिया है। नीति को लगता है कि सभी साथ मिलकर कहेंगे तो बात सुनी जा सकती है। यूनिवर्सिटी को भी हालात पता हैं। वैसे भी हम फीस माफी की बात तो नहीं कर रहे।