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US इलेक्शन:बाइडेन बोले- राजनीति कभी-कभी गंदी हो जाती है, धैर्य रखें, अंत में हम ही जीतेंगे

वॉशिंगटन3 महीने पहले
  • अमेरिका के कई राज्यों में ट्रम्प समर्थक और विरोधियों ने हिंसक प्रदर्शन किया
  • बाइडेन ने अपनी ही पार्टी के बराक ओबामा का 12 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव कौन जीतेगा? जो बाइडेन या डोनाल्ड ट्रम्प। फिलहाल, बाजी बाइडेन के हाथ लगती नजर आ रही है। उन्होंने ट्रम्प से मिशिगन और विस्कॉन्सिन छीन लिए हैं। 2016 में यहां ट्रम्प जीते थे। बाइडेन ने 253 और ट्रम्प ने 214 इलेक्टोरल वोट्स हासिल किए हैं। डेलावेयर के विलमिंग्टिन में बाइडेन ने कहा कि राजनीति कभी-कभी गंदी हो जाती है। जब तक हर वोट नहीं गिना जाता, तब तक धैर्य बनाए रखें। इसमें कोई शक नहीं कि जब काउंटिंग खत्म हो जाएगी तो हम ही विजेता होंगे।

इस बीच, ट्रम्प ने ट्वीट करके काउंटिंग रोकने की मांग की है। अभी तक आए नतीजों के बीच अमेरिका के कई राज्यों में ट्रम्प समर्थक और विरोधियों ने हिंसक प्रदर्शन किया। अब तक 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

डोनाल्ड ट्रम्प का ट्वीटः

बहुमत के करीब पहुंचे बाइडेन

बाइडेन बहुमत के लिए जरूरी 270 के आंकड़े के करीब पहुंच चुके हैं। यही नहीं, ट्रम्प के गढ़ रहे 51 सीटों वाले तीन राज्यों पेन्सिलवेनिया, उत्तरी कैरोलिना और जॉर्जिया में भी अब बाइडेन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प में कांटे की टक्कर है।

इनमें शुरुआत में ट्रम्प की लीड 25% तक पहुंच गई थी। क्योंकि, शुरुआती गिनती में इलेक्शन डे यानी सिर्फ 3 नवंबर के वोट शामिल किए गए थे। फिर जैसे-जैसे डाक से भेजे गए वोटों की गिनती शुरू हुई, ट्रम्प की लीड तेजी से घटती चली गई।

लगभग बराबरी पर पहुंचने के बाद ट्रम्प ने धांधली के आरोप लगाते हुए अदालती लड़ाई की घोषणा कर दी। ट्रम्प ने गुरुवार को पेन्सिलवेनिया में डाक के वोटों की गिनती रुकवाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर दी।

  • रिजल्ट अटका कहां है और क्यों?

मामला मतगणना और कानूनी लड़ाई में अटका है। बचे हुए 5 राज्यों में 6, 9 और 12 नवंबर तक गिनती होगी। ट्रम्प को कोर्ट से राहत नहीं मिली तो 12 नवंबर को रिजल्ट आधिकारिक तौर पर सामने आ जाएगा।

  • क्या ट्रम्प अब भी बाजी पलट सकते हैं?

हां, अगर वे पेन्सिलवेनिया, जॉर्जिया और नॉर्थ कैरोलिना के अलावा नेवादा में भी जीत जाए। नेवादा ही अब ऐसा है, जो ट्रम्प की कुर्सी बचा सकता है। यहां 6 वोट हैं। ये अगर ट्रम्प के पक्ष में होते हैं तो अभी की स्थिति में बाइडेन बहुमत से 6 वोट दूर रह जाएंगे। नेवादा में बाइडेन सिर्फ 0.3% वोट से आगे हैं। हालांकि, 14% वोट गिने जाने अभी बाकी है।

  • क्या बाइडेन को जीता हुआ मान सकते हैं?

आधिकारिक तौर पर नहीं। लेकिन, जमीनी हकीकत यही है कि वे जीत चुके हैं। टेक्सास यूनिवर्सिटी के ऑस्टिन स्कूल ऑफ लॉ में प्रोफेसर स्टीव व्लाडेक कहते हैं- ट्रम्प सीधे सुप्रीम कोर्ट जाते हैं तो उनकी अपील खारिज होने के ज्यादा आसार हैं। अगर अपील स्वीकार भी कर ली जाती है तो कानूनी प्रक्रिया से अंतिम नतीजे पर असर नहीं पड़ेगा। खास तौर पर उस सूरत में जब बाइडेन 270 के आंकड़े तक पहुंच चुके हैं।

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न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, बाइडेन 253 इलेक्टोरल वोट जीत चुके हैं। ट्रम्प के खाते में 214 वोट हैं। इसके अलावा बाइडेन ने अपनी ही पार्टी के बराक ओबामा का 12 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। गुरुवार सुबह तक बाइडेन 7 करोड़ 10 लाख पॉपुलर वोट हासिल कर चुके थे। 2008 में ओबामा को 6 करोड़ 94 लाख 98 हजार 516 वोट मिले थे।

The Guardian के मुताबिक, ट्रम्प को 270 का जादुई आंकड़ा पाने के लिए 56 इलेक्टोरल वोट्स चाहिए। 4 राज्यों में काउंटिंग जारी है। अगर इनमें से तीन (जिसकी संभावना भी है) ट्रम्प जीत लेते हैं तो वे फिर राष्ट्रपति बन सकते हैं। पेन्सिलवेनिया इनमें सबसे अहम है।

वहीं, बाइडेन अकेले पेन्सिल्वेनिया को जीतकर बहुमत तक पहुंच सकते हैं। अगर पेन्सिल्वेनिया में जीत नहीं मिलती तो बाइडेन अपने गढ़ नेवादा, जॉर्जिया और नॉर्थ कैरोलिना के जरिए व्हाइट हाउस तक पहुंच सकते हैं। लेकिन, इनमें से नेवादा छोड़कर हर जगह ट्रम्प का दबदबा है।

ट्रम्प ने दूसरे ट्वीट में पेन्सिल्वेनिया में बड़ी लीगल जीत का दावा किया

ट्रम्प ने एक बार फिर ट्वीट करके काउंटिंग में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ''हाल ही में बाइडेन की ओर से दावे किए गए सभी स्टेट्स को हम लीगल तौर पर चुनौती देंगे। यहां वोटर फ्रॉड और स्टेट इलेक्शन फ्रॉड हुए हैं। बहुत सारे सबूत हमारे पास हैं। मीडिया इसकी जांच करे। हम जीतेंगे...अमेरिका फर्स्ट।''

ट्रम्प ने दूसरे ट्वीट में पेन्सिल्वेनिया में बड़ी लीगल जीत का दावा किया। हालांकि न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, यहां अभी काउंटिंग जारी है। अब तक करीब 92% मतों की काउंटिंग हो चुकी है। इनमें 50.3% वोट पाकर ट्रम्प आगे हैं। बाइडेन को यहां अब तक 48.4% वोट मिले हैं। पेन्सिल्वेनिया जीतने वाले को 20 इलेक्टोरल वोट हासिल हो जाएंगे।

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अपडेट्स

  • NYT के मुताबिक, इन राज्यों की तस्वीर अभी साफ होनी बाकी है। अलास्का (3 इलेक्टोरल वोट), एरिजोना (11 इलेक्टोरल वोट), नेवादा (6 इलेक्टोरल वोट), नॉर्थ कैरोलिना (15 इलेक्टोरल वोट), जॉर्जिया (16 इलेक्टोरल वोट) और पेन्सिल्वेनिया (20 इलेक्टोरल वोट) के नतीजे आना बाकी हैं। यहां काउंटिंग जारी है।
  • USA Today के मुताबिक, जो बाइडेन अब तक कुल 264 इलेक्टोरल वोट हासिल कर चुके हैं। यानी वे बहुमत के आंकड़े से सिर्फ 6 वोट से दूर हैं। ट्रम्प को 214 वोट मिले हैं।
  • USA Today के मुताबिक, जॉर्जिया में मुकाबला सबसे कड़ा है। यहां कुल 16 इलेक्टोरल वोट हैं। अब तक ट्रम्प को 49.8% और बाइडेन को 49.0% वोट मिल चुके हैं। कुल 98% वोटों की गिनती हो चुकी है। पेन्सिल्वेनिया में कुल 20 वोट हैं। यहां ट्रम्प को 51 फीसदी जबकि बाइडेन को 47% वोट मिले हैं। दोनों जगह काउंटिंग जारी है।
  • न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, मिशिगन के बाद अब जॉर्जिया में भी रिपब्लिकन पार्टी ने कोर्ट का रुख किया। पार्टी का आरोप है कि काउंटिंग के दौरान 53 एब्सेंटी वोटर्स गैरकानूनी निकले। इन्हें काउंटिंग में धांधली के जरिए जुड़वाया गया। मामले की सुनवाई कुछ देर में चैथहेम काउंटी कोर्ट करेगा।
  • न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, सीनेट में अब तक डेमोक्रेट्स को 48 सीटें (1 सीट का फायदा) और रिपब्लिकन्स को भी 48 सीटें (1 सीट का नुकसान) मिली हैं। हाउस रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स को 205 सीटें मिली हैं। उसे फिर भी 5 सीटों का नुकसान है। वहीं, रिपब्लिकन्स को 190 सीटें मिली हैं और उसे 6 सीटों का फायदा है।
  • बाइडेन का नया बयान- कश्मकश भरी काउंटिंग के बीच जो बाइडेन दूसरी बार मीडिया से मुखातिब हुए। कहा- पूरी उम्मीद है कि हम जल्द ही 270 के आंकड़े को छू लेंगे। हालांकि, मैं यह दावा नहीं करूंगा कि हम जीत ही गए हैं। यह जल्दबाजी होगी। लेकिन, आखिरकार जब काउंटिंग खत्म होगी तो विनर हम ही होंगे।
  • CNN के मुताबिक, जॉर्जिया में भले ही ट्रम्प के वोट कम हुए हों, लेकिन वे अब भी लीड कर रहे हैं। एक इलेक्शन ऑफिशियल के मुताबिक, अब भी 1 लाख 22 हजार वोटों की गिनती की जानी है।
  • CNN के मुताबिक, पेन्सिल्वेनिया में ट्रम्प बुधवार को 6 लाख वोटों से लीड कर रहे थे, लेकिन अब यह 50% से भी कम हो गई है। वे करीब 2 लाख वोटों से आगे हैं। हालांकि, ज्यादा संभावना यही है कि ट्रम्प यहां बाजी मार लेंगे। यही वजह है कि डेमोक्रेट्स इस राज्य के साथ जॉर्जिया की काउंटिंग पर पैनी नजर रख रहे हैं।
  • The Guardian के मुताबिक, बाइडेन इलेक्टोरल वोट के बेहद करीब पहुंच गए हैं। अब व्हाइट हाउस पहुंचने के लिए उन्हें सिर्फ एक स्टेट में जीत चाहिए। उन्होंने ट्रम्प से मिशिगन और विस्कॉन्सिन भी छीन लिया है। नस्लवाद का ट्रम्प कार्ड फेल:87% अश्वेतों, 64% एशियाई लोगों ने बाइडेन को चुना, जीतने वाले सभी भारतीय डेमोक्रेट्स
ह्यूस्टन की एक कॉलोनी में लोग रात में इस तरह साथ बैठे और इलेक्शन अपडेट्स लेते नजर आए। यहां ट्रम्प लीड कर रहे हैं।
ह्यूस्टन की एक कॉलोनी में लोग रात में इस तरह साथ बैठे और इलेक्शन अपडेट्स लेते नजर आए। यहां ट्रम्प लीड कर रहे हैं।
  • न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, पेन्सिल्वेनिया में काउंटिंग जारी है। दोनों पार्टियां जीत का दावा कर रही हैं। लेकिन, अब तक तस्वीर साफ नहीं है। हालांकि, यहां पहले ही ट्रम्प का पलड़ा भारी माना जा रहा है।
  • न्यू जर्सी में 14 इलेक्टोरल वोट्स हैं। यहां 1 लाख से ज्यादा गुजराती वोटर्स हैं। यहां ट्रम्प हार गए हैं। 22 राज्यों में ट्रम्प को जीत मिलती दिख रही है, 5 में वे लीड लिए हुए हैं।
  • वहीं, कैलिफोर्निया (55 इलेक्टर्स) समेत 11 राज्यों में बाइडेन की जीत तय है, 3 में वे आगे चल रहे हैं।
  • सीनेट में अब तक डेमोक्रेट्स ने 47 और रिपब्लिकन्स ने 48 सीटें जीतीं। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट्स 203 और रिपब्लिकन्स 186 सीटें जीत चुके हैं।

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क्या हार गए ट्रम्प?

बाइडेन को भले ही ज्यादा वोट मिल गए हों, न्यूयॉर्क टाइम्स के पॉलिटिकल एक्सपर्ट एडम नार्गोनी ट्रम्प को खारिज न करने की सलाह देते हैं। उन्होंने कहा- ट्रम्प की जीत नामुमकिन नहीं है। एरिजोना, जॉर्जिया और पेन्सिल्वेनिया के पूरे नतीजे आने दीजिए। वे फिर चौंका सकते हैं। ट्रम्प लगातार वोटों की गिनती में धांधली का आरोप लगा रहे हैं। काउंटिंग के दौरान ही उन्होंने ट्वीट कर पेनसिल्वेनिया में पांच लाख वोट गायब होने का दावा किया।

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सबसे अहम स्विंग स्टेट फ्लोरिडा में ट्रम्प की जीत

इस बार बड़ी बात यह रही कि ट्रम्प 29 इलेक्टर्स वाले सबसे अहम स्विंग स्टेट फ्लोरिडा में जीत बरकरार रखने में कामयाब रहे। कहा जाता है कि इस स्विंग स्टेट में जो जीतता है, वही व्हाइट हाउस पहुंचता है। 100 साल का इतिहास यही कहता है। NBC का एग्जिट पोल बताता है कि फ्लोरिडा में रहने वाले लैटिन अमेरिकी वोटर्स ने ट्रम्प का साथ दिया। क्यूबा मूल के 55%, प्यूर्टोरिको के 30% और 48% अन्य लैटिन अमेरिकी मूल के वोटर्स ट्रम्प के साथ थे। इसी वजह से उन्हें यहां अब तक कुल 51.6% वोट मिले।

ट्रम्प-बाइडेन के दावे

बाइडेन ने - जहां अभी हम खड़े हैं, उससे काफी खुश हूं। विस्कॉन्सिन और मिशिगन से मिल रही खबरें अच्छा फील करा रही हैं। जब तक हर बैलट की गिनती नहीं हो जाती, तब तक चुनाव खत्म नहीं होगा। ट्रम्प ने कहा- हमने हर मामले में जीत दर्ज की है। इसके बाद अचानक सब बंद हो गया। (ये नहीं बताया कि वे किस चीज को बंद करने की बात कर रहे हैं।) ‘कुछ दुखी लोग नतीजों को खारिज करने की कोशिश कर रहे हैं। हम उनका साथ नहीं दे सकते। जो नतीजे आए हैं, वे बेहतरीन हैं। रात में काउंटिंग कराने का क्या तुक है। इसको लेकर हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। मेरे हिसाब से तो हम चुनाव जीत चुके हैं।’

72 साल बाद एरिजोना डेमोक्रेट्स का

CNN के मुताबिक, इस बार रिपब्लिकन्स के गढ़ कहे जाने वाले एरिजोना में डेमोक्रेट्स ने सेंध लगा दी। यहां बाइडेन खासी बढ़त हासिल कर चुके हैं। एरिजोना में इस उलटफेर की बड़ी वजह लैटिन लोग बताए जा रहे हैं। ट्रम्प इनको घुसपैठिया बताते आए हैं। वहीं, बाइडेन ने इनका समर्थन किया। नतीजा सामने है। 2016 में ट्रम्प ने यहां 3% ज्यादा वोट हासिल किए थे।

फोटो डेलावेयर में डेमोक्रेट कैंडिडेट जो बाइडेन के कैम्पेन हाउस चेस सेंटर (डेलावेयर) का है। यहां उनके समर्थकों ने कार रैली निकाली।
फोटो डेलावेयर में डेमोक्रेट कैंडिडेट जो बाइडेन के कैम्पेन हाउस चेस सेंटर (डेलावेयर) का है। यहां उनके समर्थकों ने कार रैली निकाली।

पहली ट्रांसजेंडर स्टेट सीनेटर

जो बाइडेन के होम स्टेट डेलावेयर से सारा मैक्ब्रि़ड स्टेट सीनेटर का चुनाव जीत चुकी हैं। वे अमेरिकी इतिहास की पहली ट्रांसजेंडर हैं, जो स्टेट सीनेट के लिए चुनी गई हैं।

सारा मैक्ब्रि़ड, अमेरिका की पहली ट्रांसजेंडर सीनेटर।
सारा मैक्ब्रि़ड, अमेरिका की पहली ट्रांसजेंडर सीनेटर।
  • न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, एक रोचक आंकड़ा सामने आ रहा है। 2016 में जिन लोगों ने वोट नहीं किया था, या जिन्होंने पिछले चुनाव में थर्ड पार्टी को वोट दिया था, इन दोनों ने इस बार बाइडेन को वोट दिया है।
  • डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर मिच मैक्डोनेल ने पार्टी नेताओं से कहा- अगर हम जीतते हैं इसे बड़े दिल और विनम्रता से स्वीकार करें। अगर आप गलत बातें कहते हैं, नस्लवादी बातें करते हैं तो देश में हिंसा भड़क सकती है।
न्यू हैम्पशायर के विंडहैम में वोटिंग के दौरान दो महिलाएं। यहां वोटिंग के लिए मास्क मेंडेटरी था।
न्यू हैम्पशायर के विंडहैम में वोटिंग के दौरान दो महिलाएं। यहां वोटिंग के लिए मास्क मेंडेटरी था।

हिंसा की आशंका
अमेरिका की आंतरिक सुरक्षा संभालने वाले यूएस नेशनल गार्ड को अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। 18 राज्यों में चुनावी हिंसा या झड़पों की आशंका जताई गई है। करीब 4700 गार्ड्स को तैनात किया जा सकता है। सायबर डिफेंस एजेंसी को भी मॉनिटरिंग करने को कहा गया है। मिलिट्री टाइम्स ने इस बारे में एक रिपोर्ट जारी की है।

फ्लोरिडा के डोरल में पोस्टल बैलट को काउंटिंग से पहले अरेंज करती इलेक्शन सुपरवाइजर।
फ्लोरिडा के डोरल में पोस्टल बैलट को काउंटिंग से पहले अरेंज करती इलेक्शन सुपरवाइजर।
  • कोरोना से मौत के बाद भी चुनावी जीत: नॉर्थ डकोटा स्टेट लेजिस्लेटिव के कैंडिडेट डेविड एंधाल (55) मौत के बाद भी चुनाव जीत गए। डेविड रिपब्लिकन पार्टी के टिकट पर स्टेट लेजिस्लेटिव का चुनाव लड़े थे। इस राज्य में से दो प्रतिनिधि चुने गए हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट के मुताबिक, अक्टूबर में डेविड को कोरोना हुआ था। वे ठीक हो गए थे। चुनाव भी लड़े। लेकिन, संक्रमण की वजह से कमजोर थे। चार दिन पहले उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।

चुनाव के मुख्य मुद्दे

  • कोरोनावायरस
  • इकोनॉमी
  • हेल्थ सेक्टर रिफॉर्म्स
  • फॉरेन पॉलिसी
  • नस्लवाद और पुलिस सुधार

डोनाल्ड ट्रम्प vs जो बाइडेन

  • टम्प 74 साल के हैं और बाइडेन उनसे 3 साल बड़े यानी 77 साल के हैं।
  • ट्रम्प कारोबारी से नेता बने। बाइडेन 1973 में ही सीनेटर बन गए थे।
  • ट्रम्प प्रोटेस्टेंट हैं। बाइडेन रोमन कैथोलिक।
  • ट्रम्प ने 3 जबकि बाइडेन ने 2 शादियां कीं। बाइडेन की एक पत्नी का निधन हो चुका है।
  • ट्रम्प के 5 और बाइडेन के 4 बच्चे हैं। एक बेटे की मौत हो चुकी है।
  • ट्रम्प की वेबसाइट (www.donaldjtrump.com) और बाइडेन की (www.joebiden.com) है।

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