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अमेरिका / राष्ट्रपति ट्रम्प ने पूर्व विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन को बताया बेवकूफ और आलसी



रेक्स टिलरसन (बाएं) ने एक इंटरव्यू में कहा था- मैं ट्रम्प को बताता था कि वे क्या कर सकते हैं और क्या नहीं। रेक्स टिलरसन (बाएं) ने एक इंटरव्यू में कहा था- मैं ट्रम्प को बताता था कि वे क्या कर सकते हैं और क्या नहीं।
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रेक्स टिलरसन (बाएं) ने एक इंटरव्यू में कहा था- मैं ट्रम्प को बताता था कि वे क्या कर सकते हैं और क्या नहीं।रेक्स टिलरसन (बाएं) ने एक इंटरव्यू में कहा था- मैं ट्रम्प को बताता था कि वे क्या कर सकते हैं और क्या नहीं।

  • ट्रम्प ने शुक्रवार को टिलरसन पर निशाना साधते हुए दो ट्वीट किए, नए विदेश मंत्री पोम्पियो की तारीफ की
  • टिलरसन ने एक इंटरव्यू में आरोप लगाया कि ट्रम्प उन पर गैरकानूनी फैसले लेने के लिए दबाव बनाते थे

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 10:45 AM IST

वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पूर्व विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन के बीच विवाद शुक्रवार को खुलकर सामने आ गया। टिलरसन ने गुरुवार को ट्रम्प पर आरोप लगाया था कि राष्ट्रपति उन्हें हमेशा गैरकानूनी फैसले लेने के लिए उकसाते थे। इस पर शुक्रवार को ट्रम्प ने पलटवार करते हुए टिलरसन को बेवकूफ और आलसी बताया। इसी ट्वीट में उन्होंने मौजूदा विदेश मंत्री माइक पोम्पियो की तारीफ भी की।
 

टिलरसन के पास नहीं थी मानसिक क्षमता: ट्रम्प

  1. ट्रम्प ने ट्वीट में लिखा, “माइक पोम्पियो बेहतरीन काम कर रहे हैं। रेक्स टिलरसन के पास काम करने की मानसिक क्षमता ही नहीं थी। वे बेवकूफ थे और मैं जल्दी उनसे पीछा नहीं छुड़ा पाया। टिलरसन बेहद आलसी थे। लेकिन अब खेल बदल चुका है। मंत्रालय में नया उत्साह है।”

  2. टिलरसन ने इंटरव्यू में की थी ट्रम्प की आलोचना

    दरअसल, टिलरसन के अमेरिकी मीडिया चैनल सीबीएस न्यूज को हाल ही में एक इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने कई मामलों में ट्रम्प की आलोचना की। एक मौके पर उन्होंने कहा- “राष्ट्रपति मुझसे इसलिए परेशान हो गए, क्योंकि मैं वो आदमी था जो उन्हें बताता था कि आप क्या कर सकते हैं और क्या नहीं।”

  3. टिलरसन ने इंटरव्यू में बताया कि ट्रम्प अपनी समझ-बूझ के आधार पर काम करते हैं। वे एक तरह से आवेग में आ जाते थे। मेरे जैसे अनुशासित और प्रक्रिया को ध्यान में रखकर काम करने वाले के लिए एक ऐसे आदमी के साथ काम करना बेहद मुश्किल था जो बिल्कुल अनुशासित नहीं था। 
     

  4. टिलरसन के मुताबिक, ट्रम्प को ब्रीफिंग रिपोर्ट पढ़ना भी नहीं पसंद था, क्योंकि वे ज्यादा चीजों की गहराई में नहीं जाना चाहते थे। बल्कि वे आमतौर पर कहते थे कि मैं इस बारे में यह राय बना चुका हूं, आप चाहें तो मुझे दूसरी तरह से राजी करें, लेकिन आप यह कर ही नहीं सकते। 

  5. ट्रम्प के दबाव में टिलरसन ने दिया था इस्तीफा

    ट्रम्प और टिलरसन के बीच विवाद नया नहीं है। दरअसल, टिलरसन ने इसी साल मार्च में विदेश मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इस पर ट्रम्प ने खुशी जताते हुए उनके फैसले का स्वागत किया था। कुछ ही दिनों के अंतराल में ट्रम्प ने सीआईए के डायरेक्टर माइक पोम्पियो को विदेश मंत्री नियुक्त कर दिया था। 

  6. मार्च में थी भारत आने की योजना

    विदेश मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान टिलरसन भारत भी आ चुके हैं। भारत और अमेरिका के बीच पहली 2+2 मीटिंग में हिस्सा लेने से कुछ ही दिन पहले उन्हें हटाया गया था। हालांकि, उनके इस्तीफे के बाद 2+2 सितंबर में रखी गई थी। 

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