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ट्रम्प और बाइडेन के भाषण की तुलना:ट्रम्प के 'अमेरिका फर्स्ट' से बाइडेन के 'अमेरिका टुगेदर' तक, कितनी अलग रही दोनों की इनॉगरल स्पीच

एक महीने पहले

'आज हम जहां खड़े हैं, वहां कुछ दिन पहले भीड़ थी। उन लोगों ने सोचा था कि वह हिंसा से जनता की इच्छा को बदल देंगे। लोकतंत्र को रोक देंगे, हमें इस पवित्र जगह से हटा देंगे। ऐसा नहीं हुआ। ऐसा नहीं होगा। न आज, न कल और कभी नहीं।'

अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति जो बाइडेन ने राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद अपनी इनॉगरल स्पीच में ये बातें कहीं। उन्होंने अमेरिका के लोगों से एकता और लोकतंत्र को मजबूत बनाने की बात कही। चार साल पहले डोनाल्ड ट्रम्प ने भी अपनी इनॉगरल स्पीच में अमेरिकी लोगों को एकजुट होने की बात कही थी, लेकिन उनका संदेश अलग था।

जहां बाइडेन ने अमेरिकी लोगों को एकजुट करने और सभी का राष्ट्रपति बनने का वादा किया। वहीं ट्रम्प ने अपने भाषण में कहा था कि वो वॉशिंगटन DC से सत्ता निकालकर सभी अमेरिकी लोगों को सौंप देंगे।

यहां हम आपको बाइडेन और ट्रम्प के इनॉगरल स्पीच में फर्क बताएंगे, लेकिन उससे पहले कुछ स्नैप फैक्ट्स जान लीजिए...

  • बाइडेन ने अपना भाषण 21 मिनट 12 सेकंड में खत्म किया। ट्रम्प ने अपनी इनॉगरल स्पीच 17 मिनट 12 सेकंड दी थी। यानी बाइडेन चार मिनट ज्यादा बोले।
  • बाइडेन की स्पीच में लोकतंत्र, एकता और सहनशीलता जैसे मुद्दों पर फोकस था। वहीं, ट्रम्प की इनॉगरल स्पीच में वॉशिंगटन की आलोचना, अमेरिका फर्स्ट और राष्ट्रीय गर्व पर फोकस था।
  • बाइडेन की स्पीच 2525 शब्दों की रही, जबकि ट्रम्प की इनॉगरल स्पीच 1468 शब्दों की थी। बाइडेन करीब एक हजार शब्द ज्यादा बोले। अमेरिकी राष्ट्रपतियों के भाषण का औसत करीब 2300 शब्द है।

बाइडेन और ट्रम्प की इनॉगरल स्पीच की अहम बातें और उनका अंतर

1. स्पीच की शुरुआत

ट्रम्प ने क्या कहा थाः हम अमेरिका के नागरिक, देश से किए वादे को पूरा करने के महान राष्ट्रीय प्रयास में जुट गए हैं। एक साथ मिलकर हम अमेरिका और दुनिया का भाग्य तय करेंगे।

बाइडेन ने क्या कहाः ये अमेरिका का दिन है। ये लोकतंत्र का दिन है। ये इतिहास और उम्मीद का दिन है। सदियों से अमेरिका की परीक्षा ली जाती रही है, अमेरिका चुनौतियों से उभरा है।

2. पिछले राष्ट्रपति के बारे में

ट्रम्प ने क्या कहा थाः हम प्रेसिडेंट ओबामा और फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा के आभारी हैं कि उन्होंने गौरवपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण किया। वो शानदार रहे।

बाइडेन ने क्या कहाः मैं यहां मौजूद दोनों पार्टियों से राष्ट्रपति रहे लोगों का शुक्रगुजार हूं। मैं उन्हें तहे दिल से शुक्रिया कहता हूं। जो राष्ट्रपति यहां नहीं आए हैं, उनका भी शुक्रिया।

3. अपने मकसद के बारे में

ट्रम्प ने क्या कहा थाः आज का समारोह बहुत खास है, क्योंकि हम सिर्फ प्रशासन या पार्टी से सत्ता का हस्तांतरण नहीं कर रहे, बल्कि हम वॉशिंगटन DC से सत्ता का हस्तांतरण अमेरिकी लोगों के हाथ में सौंप रहे हैं।

बाइडेन ने क्या कहाः आज हम जहां खड़े हैं, वहां कुछ दिन पहले भीड़ थी। उन लोगों ने सोचा था कि वह हिंसा से जनता की इच्छा को बदल देंगे। लोकतंत्र को रोक देंगे, हमें इस पवित्र जगह से हटा देंगे। ऐसा नहीं हुआ। ऐसा नहीं होगा। न आज, न कल और कभी नहीं।

4. अमेरिका के बारे में

ट्रम्प ने क्या कहा थाः 20 जनवरी 2017 को आम लोगों के इस देश का शासक बनने के दिन के तौर पर याद किया जाएगा। आगे आने वाली चुनौतियों के मुकाबले के लिए देश को तैयार रहना होगा। हम सब मिलकर देश को संभालेंगे।

बाइडेन ने क्या कहाः हमने एक बार फिर सीखा है कि लोकतंत्र बेशकीमती है और नाजुक भी है। लोकतंत्र यहां कायम है। आज किसी व्यक्ति की जीत का नहीं, बल्कि एक कारण की जीत का दिन है। यही लोकतंत्र है। अगर असहमति है तो भी लोकतंत्र जरूरी है। यही अमेरिका है। यह हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है।

5. एकता के बारे में

ट्र्म्प ने क्या कहा थाः हमारे मध्‍य-वर्ग की संपत्ति छीन ली गई और पूरी दुनिया में बांट दी गई। हम आपकी संपत्ति वापस लाएंगे, आपका गौरव लौटाएंगे। हम मिलकर साथ लड़ेंगे। मैं आपको निराश नहीं करूंगा। हम इसे वह देश बनाएंगे जहां अमेरिकी रहते हैं। हम सिर्फ दो नियम मानेंगे- अमेरिकी खरीदो, अमेरिकी लोगों को नियुक्‍त करो।

बाइडेन ने क्या कहाः हमें बहुत कुछ करना है। हमें परखा जाएगा, आंका जाएगा। मुझे लगता है कि हम मिलकर अमेरिकी इतिहास का नया महान अध्याय लिखेंगे। हमने अगर ये कर दिखाया तो आने वाली पीढ़ियां कहेंगी कि हमने अच्छा काम किया। मैं संविधान की रक्षा करूंगा। लोकतंत्र की रक्षा करूंगा। अमेरिका की हिफाजत करूंगा। हमें अमेरिकी की नई कहानी लिखनी है, जो डर से नहीं, उम्मीदों से भरी हो। मैं वादा करता हूं कि मैं हर अमेरिकी का राष्ट्रपति रहूंगा।

6. धार्मिक कथन का सहारा

ट्रम्प ने क्या कहा थाः बाइबिल हमें बताती है कि कितनी अच्छी और सुहानी बात है, जब ईश्वर की संतानें एक साथ रहें और उनमें एकता रहे।

बाइडेन ने क्या कहाः सैकड़ों साल पहले सेंट ऑगस्टिन ने कहा था कि लोग सिर्फ एक झुंड थे। उनके एक-दूसरे से जुड़ने का साझा उद्देश्य था- प्यार।

7. मौजूदा चुनौतियों के बारे में

ट्रम्प ने क्या कहा थाः हमारे भीतर के शहरों में गरीबी में फंसी हुई मां और बच्चे; जंग लगे हुए कारखाने हमारे राष्ट्र पर धब्बा हैं। एक पैसे के पीछे भागता एजुकेशन सिस्टम जो हमारे होनहार बच्चों को ज्ञान से दूर कर रहा है। क्राइम, गैंग और ड्रग्स जिसने कई जिंदगियां छीन लीं और हमारे देश को लूटा। यह अमेरिकी नरसंहार यहीं रुक जाता है और अभी रुक जाता है।

बाइडेन ने क्या कहाः कोरोना वायरस ने एक साल में इतने अमेरिकी लोगों की जान ले ली है जितने पूरे द्वितीय विश्व युद्ध ने हमसे छीना था। लाखों नौकरियां चली गईं। सैंकड़ों की संख्या में कारोबार बंद हो गए। नस्लीय न्याय के लिए पिछले करीब 400 साल से आवाज उठाई जा रही है। और अब राजनीतिक उग्रवाद, श्वेत वर्चस्व, घरेलू आतंकवाद के उदय का हमें सामना करना होगा और हम उसे हरा देंगे।

8. स्पीच का अंत

ट्रम्प ने क्या कहा थाः एक साथ हम अमेरिका को दोबारा मजबूत बनाएंगे। हम अमेरिका को दोबारा अमीर बनाएंगे। हम अमेरिका को दोबारा गर्व कराएंगे। हम अमेरिका को दोबारा सुरक्षित बनाएंगे। और हां, एक साथ हम अमेरिका को दोबारा महान बनाएंगे।

बाइडेन ने क्या कहाः उद्देश्य और संकल्प के साथ, हम अपने समय के उन कार्यों की ओर मुड़ते हैं, जो विश्वास और दृढ़ निश्चय से प्रेरित है। ईश्वर अमेरिका की मदद करे और हमारे लोगों की रक्षा करे। शुक्रिया अमेरिका।

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