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मेडिकल रिवोल्यूशन:दुनिया में पहली बार एक साथ फेस और दोनों हाथों का ट्रांसप्लांट; कार एक्सीडेंट में 80% जल गए थे जोसेफ

न्यूजर्सी9 महीने पहले
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18 जुलाई 2018 के एक्सीडेंट के पहले जोसेफ (बाएं)। दूसरा फोटो ट्रांसप्लांट के बाद का है। - Dainik Bhaskar
18 जुलाई 2018 के एक्सीडेंट के पहले जोसेफ (बाएं)। दूसरा फोटो ट्रांसप्लांट के बाद का है।

अमेरिका के जोसेफ डेमियो (22) दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति बन गए हैं, जिनके दोनों हाथों और फेस यानी चेहरे का ट्रांसप्लांट किया गया। जुलाई 2018 में जोसेफ एक कार एक्सीडेंट में 80% जल गए थे। मेडिकल एक्सपर्ट्स ने न सिर्फ जोसेफ की जान बचाई बल्कि उन्हें नया चेहरा और हाथ भी दिए। अब वे परिवार के साथ नई जिंदगी जी रहे हैं।

एक्सीडेंट में चेहरा लगभग खत्म हो चुका था
न्यूजर्सी के रहने वाले जोसेफ उर्फ जोए जुलाई 2018 में ऑफिस से नाइट शिफ्ट के बाद लौट रहे थे। उन्हें कार चलाते वक्त झपकी आ गई। कार एक जगह टकराई और उसमें आग लग गई। कुछ लोगों ने जैसे-तैसे उन्हें कार से बाहर निकाला। उंगलियां और हाथ जल चुके थे, चेहरा लगभग खत्म हो चुका था। आंखें इस हद तक खराब हो गईं कि किसी चीज को देखना लगभग नामुमकिन हो गया।

20 अगस्त 2020 को सर्जरी के बाद जोसेफ।
20 अगस्त 2020 को सर्जरी के बाद जोसेफ।

ढाई महीने तक कोमा में रहे
insider.com के मुताबिक, हादसे के चार महीने बाद तक जोए को अस्पताल की बर्न यूनिट में रहना पड़ा। किसी तरह उनकी जान बचाई गई। इनमें से करीब ढाई महीने तक तो वे कोमा में रहे। जब होश में आए तो हौसला दिखाया। डॉक्टर्स से कहा कि वे पहले की तरह जिंदगी गुजारना चाहते थे फिर मेडिकल टीम ने उनके फेस और दोनों हाथ के ट्रांसप्लांट का फैसला किया।

96 एक्सपर्ट्स की टीम ने मोर्चा संभाला
ऑपरेशन के लिए 3D तकनीक की मदद ली गई। डॉक्टर एदुआर्दो रोड्रिग्ज की लीडरशिप में 96 मेडिकल एक्सपर्ट्स की टीम ने मोर्चा संभाला। रोड्रिग्ज ने अपने कॅरियर में चार फेस ट्रांसप्लांट पहले भी किए, लेकिन फेस और दोनों हाथों का ट्रांसप्लांट एक साथ पहली बार किया। रोड्रिग्ज दो अन्य मरीजों पर फेस और हैंड ट्रांसप्लांट की कोशिशें पहले भी कर चुके थे। दोनों बार इन्फेक्शन्स की वजह से ये ऑपरेशन नाकाम रहे। एक मरीज की तो मौत हो गई थी।

सर्जरी के कुछ महीनों बाद तक जोसेफ घर में ही रहे।
सर्जरी के कुछ महीनों बाद तक जोसेफ घर में ही रहे।

सर्जरी में जान जाने का खतरा था
जोए के मामले में कुछ डोनर्स की जरूरत थी। डोनर्स मिले भी। लेकिन, 94% कुछ कॉम्प्लिकेशन्स की वजह से नाकाम हो गए। आखिरकार, डेलावेयर के एक डोनर का परफेक्ट मैच माना गया। दोनों हाथों की कोहनियों में मूवमेंट लाना बड़ा चैलेंज था। 6 ब्लड वेसल्स को सर्कुलेशन के लिए तैयार करना आसान नहीं था। चेहरा तो पूरा ही खराब था। इन सब के बावजूद, जो सबसे बड़ा खतरा था उससे सब परेशान थे। अगर सर्जरी नाकाम रही तो जोए की हालत पहले से भी बदतर हो सकती थी, जान भी जा सकती थी।

जोसेफ के मुताबिक, अब वे पूरी तरह फिट हैं। उन्हें किसी तरह का दर्द नहीं है।
जोसेफ के मुताबिक, अब वे पूरी तरह फिट हैं। उन्हें किसी तरह का दर्द नहीं है।

अब गोल्फ खेल रहे हैं जोए
12 अगस्त 2020 को जोए का टोटल फेस ट्रांसप्लांट किया गया। सर्जरी 23 घंटे चली और इसके बाद रिहैबिलेटेशन। डॉक्टर रोड्रिग्ज कहते हैं- जोए गोल्फ खेलना चाहते थे, अब वे गोल्फ कोर्स जाते हैं। सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि वे अब काफी वजन उठा लेते हैं। उनकी कुल मिलाकर 20 सर्जरी हुईं। ट्रांसप्लांट के 6 महीने बाद जोए की मेडिकल टीम ने इसे सक्सेफुल बताया।

usatoday के मुताबिक, 2005 में दुनियाभर में सिर्फ 40 फेस ट्रांसप्लांट हुए। 85 सिंगल या डबल हैंड ट्रांसप्लांट हुए। जोए कहते हैं- मेरी बॉडी अब पूरी तरह ठीक है। हां, स्किन जरूर डैमेज हुई है। अब कोई दर्द या जलन नहीं है।

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