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ओलिंपिक पर कोरोना ग्रहण:जापान में इमरजेंसी बढ़ी, पूल टेस्टिंग और धीमे टीकाकरण से बिगड़े हाल, टोक्यो समेत पूरे देश में 31 मई तक आपातकाल बढ़ाया गया

एक महीने पहले
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जापान में दिनों-दिन बढ़ते मरीज और 11  हफ्तों बाद ओलिंपिक खेलों का आयोजन जापान की मुसिबतों को और बढ़ा दिया है। - Dainik Bhaskar
जापान में दिनों-दिन बढ़ते मरीज और 11  हफ्तों बाद ओलिंपिक खेलों का आयोजन जापान की मुसिबतों को और बढ़ा दिया है।

जापान में कोरोना का कहर जारी है। ऐसे में जापान दो गंभीर स्थितियों का सामना कर रहा है। पहली- दिनों-दिन बढ़ते मरीज। दूसरी- 11 हफ्तों बाद ओलिंपिक खेलों का आयोजन। पहली स्थिति से निपटने के लिए प्रधान मंत्री योशिहिदे सुगा ने कोरोनोवायरस टास्क फोर्स की बैठक में टोक्यो समेत दूसरी जगहों पर आपातकाल 31 मई तक बढ़ाने की घोषणा की।

सघन आबादी वाले जापान में 24 मार्च 2020 तक कोरोना के कुल मामले 1,200 के आसपास थे और 43 लोगों की संक्रमण से मौत हुई थी। लेकिन अब उसी जापान में 6 लाख 20 हजार 994 मरीज हैं और 10,589 मौतें हो गई हैं। 2020 में सरकार ने मार्च अंत में होने वाली बसंत की छुट्टियों से दो हफ्ते पहले ही स्कूलों को बंद कर दिया था और सार्वजनिक आयोजन रद्द कर दिए थे। नौकरीपेशा लोगों ने भी घर से काम करना ज्यादा ठीक समझा। इस वजह से संक्रमण की रफ्तार काफी हद तक कम हुई। हालांकि, मरीजों के कम आंकड़ों को लेकर विरोधाभास भी है।

जापान के मेडिकल गवर्नेंस रिसर्च इंस्टीट्यूट में वायरोलॉजिस्ट मासाहीरो कामी के अनुसार देश में टेस्टिंग बेहद कम है। सरकार का फोकस पूल टेस्टिंग पर है, जब तक आरटीपीसीआर टेस्ट नहीं बढ़ेंगे असल मरीजों की संख्या का पता न पहले चला था न अब चलेगा। दूसरी वजह जिसके कारण जापान में संक्रमण बढ़ा वह है धीमा टीकाकरण। जापान की आबादी करीब 12.63 करोड़ है, लेकिन 2% से कम लोगों की टीका लगा है।

ओलिंपिक आयोजन के विरोध में ऑनलाइन याचिका

ओलिंपिक को लेकर देश में विरोध हो रहा है। लोगों का कहना है कि सरकार कोरोना नियंत्रण पर फोकस करे, न कि खेलों पर। खेलों के विरोध में ऑनलाइन याचिका भी दायर की गई है। इस याचिका का अब तक 2 लाख से अधिक लोग समर्थन कर चुके हैं।

चेंज डॉट ओआरजी नाम की याचिका में कहा गया है, ‘टोक्यो ओलंपिक को हमारे जीवन की रक्षा करने के लिए रद्द करें।’ याचिका में कहा गया है, ‘देश में दुनिया के बाकी हिस्सों के मुकाबले संक्रमण की रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

टीकों की उपलब्धता अब तक अमेरिका और यूरोप जैसे में सीमित है, इसके सिवा संक्रमण को रोकने का कोई और बेहतर तरीका नहीं है। ऐसे में क्या हम टोक्यो ओलंपिक आयोजित करने जा रहे हैं, भले ही इससे जान खतरे में पड़े।‘ हालात यदि बेकाबू हुए तो ओलिंपिक टल भी सकता है। क्योंकि, कोरोना के कारण पहले ही यह आयोजन तय समय से पीछे है। याचिका को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष थॉमस बाक को संबोधित किया गया है।

इसे केंजी उत्सुनोमिया ने तैयार किया था, जो टोक्यो के गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ चुके हैं। उत्सुनोमिया ने कहा, ‘सरकार नीतियों को ओलिंपिक को ध्यान में रखकर तैयार कर रही है, जबकि संक्रमण रोकने के कदम नजरअंदाज किए जा रहे हैं। अस्पतालों में जगह कम है और लोग घरों में दम तोड़ रहे हैं।’

बढ़ते कोरोना मामलों पर नजर रखी
स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेषज्ञ कहते हैं कि बड़े पैमाने पर टेस्ट करने की बजाय कोरोना के बढ़ते नए मामलों पर नजर रखी गई। वहीं, टोक्यो यूनिवर्सिटी में जर्मन राजनीतिक विज्ञानी सेबास्टियान मासलोव का कहते हैं कि कम संख्या में टेस्ट करने का मकसद यह था कि स्वास्थ्य सेवा संसाधन संक्रमण के गंभीर मामलों के लिए उपलब्ध रह सकें।

पिछले साल 11 महीने में हुई थीं 5 हजार मौत, इस साल चार माह में सात हजार
जापान में पिछले साल 11 माह में फरवरी से दिसंबर तक संक्रमण से पांच हजार मौतें हुई थीं। लेकिन इस बार हालात अलग हैं। इस साल जनवरी के बाद से अब तक सात हजार मौतें हो चुकी हैं। देश में लगातार नए वैरियंट मिल रहे हैं। पहले टोक्यो, ओसाका, ह्योगो और क्योटो प्रांत में आपातकाल लगाया गया था, अब इसे आइची और फुकुओका प्रांत में भी लागू कर दिया गया है। मार्च के मध्य में ही ओसाका और ह्योगो प्रांत में नए मामले सामने आने लगे थे, लेकिन तब ट्रैवलिंग नहीं रोकी गई इससे टोक्यो में लगातार केस बढ़ने लगे।

भारत, पाकिस्तान से आने वाले यात्रियों को बैन करने तैयारी कर रहा जापान
जापान भारत से आने वाले यात्रियों को बैन करने की तैयारी कर रहा है। अभी भारत से जापान पहुंचे लोगों को 14 दिन के लिए क्वारंटाइन होना होता है। लेकिन अब जापानी नागरिकों को अलावा किसी को जापान में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इसी तरह पाकिसतान, नेपाल और बांग्लादेश पर भी ट्रैवल बैन लगायया जा सकता है, क्योंकि इनकी सीमा भारत से लगती है। बता दें, 26 अप्रैल को जापान में भारतीय वैरियंट के 21 मामलों की पुष्टि हुई थी। इनमें से 20 एयरपोर्ट पर मिले थे। एक मामला स्थानीय मिला था, पर इसकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं थी।

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