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इमीग्रेशन पॉलिसी का असर:सिंगापुर से एक लाख से अधिक विदेशी पेशेवरों का पलायन, वजह-सख्त कोविड नियम, लोगों का विरोध और टीकों की कमी

4 महीने पहलेलेखक: सिंगापुर से भास्कर के लिए वीके संतोष कुमार
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सिंगापुर से दुनियाभर के पेशेवरों का मोहभंग होने लगा है। कोरोना काल में करीब 1.82 लाख रोजगार कम हुए हैं। - Dainik Bhaskar
सिंगापुर से दुनियाभर के पेशेवरों का मोहभंग होने लगा है। कोरोना काल में करीब 1.82 लाख रोजगार कम हुए हैं।
  • सिंगापुर में स्थानीय लोगों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही इमीग्रेशन पॉलिसी

सिंगापुर से दुनियाभर के पेशेवरों का मोहभंग होने लगा है। कोरोना काल में करीब 1.82 लाख रोजगार कम हुए हैं। माना जाता है कि भारत, ब्रिटेन समेत दुनियाभर के इन पेशेवरों ने सिंगापुर को अलविदा कह दिया है। इनमें से कई को सख्त कोविड नियम, यात्रा प्रतिबंध, टीकों की कमी, स्थानीय लोगों द्वारा नौकरी छिनने के आरोपों के चलते सिंगापुर छोड़ना पड़ा है।

वेल्थ मैनेजमेंट कंसल्टेंट जिम शॉर्प बताते हैं कि बीते साल नवंबर में बीमार पिता को देखने मैनचेस्टर गया था, लेकिन फिर कभी सिंगापुर नहीं लौट सका। पत्नी और बच्चे सिंगापुर में ही थे। हर बार मेरा आवेदन खारिज कर दिया गया। डेल्टा वेरिएंट की वजह से मई में फिर यात्रा प्रतिबंधों को आगे बढ़ा दिया गया। अंत में हताश होकर मैंने परिवार से कहा कि वे अपना सामान पैक कर इंग्लैंड के लिए उड़ान भरें। मैं अब दुबई जाने की योजना बना रहा हूं, जहां पेशेवर को अपनाया जाता है।

मूवर्स एंड पैकर्स कंपनी सांता फे के प्रबंध निदेशक एंडम स्लोअन बताते हैं कि सिंगापुर छोड़ने वालों की संख्या आने वालों की संख्या से अधिक है। हमें उन लोगों के लिए अतिरिक्त स्लॉट खोजने में मशक्कत करनी पड़ रही है, जो देश छोड़ना चाहते हैं। जब सिंगापुर ने कोविड के चलते सख्त यात्रा नियम लागू किए थे, तब 60 हजार लोग विदेश में थे। इनमें से ज्यादातर लोग नहीं लौट सके। इन्हीं में से आईटी पेशेवर वेंकटेश हैं।

वे बताते हैं कि सिंगापुर में स्थानीय लोगों का शत्रुतापूर्ण व्यवहार झेलना पड़ रहा है। वहीं बिजनेस एनालिस्ट एलेन गिलोरी को फ्रांस लौटना पड़ा है। वे कहती हैं कि टीके की बुकिंग के लिए गैर-सिंगापुर नागरिकों को सिर्फ एक दिन दिया जा रहा है। साफ है कि सिंगापुर प्रवासियों के लिए सुपर फ्रेंडली नहीं रहा।’

2019 में जिस कंपनी के प्लेसमेंट में 25% विदेशी थे, 2021 में शून्य

सिंगापुर विदेशी श्रम पर अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है। मार्च में पूर्व मैनपावर मंत्री जोसेफिन टीओ ने कंपनियों से सिंगापुर के मूल निवासियों को मजबूत करने का आह्वान किया था। पिछले साल ईपी होल्डर की सैलरी भी दोगुना बढ़ा दी थी। इससे विदेशी पेशेवरों के लिए काम खोजने का संघर्ष बढ़ गया है।

ब्लैक स्वान ग्रुप के रिचर्ड एल्ड्रिज बताते हैं कि यदि आप कंपनी के निदेशक हैं तो काम के लिए ईपी होल्डर को नौकरी पर रखना मुश्किल काम है।’ इस कंपनी के 2019 के प्लेसमेंट में 25% ईपी धारक थे, लेकिन 2021 में एक भी विदेशी को जगह नहीं मिली। ईपी जहरीला हो चुका है।

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