कारोबार / चीन से निकलकर भारत में निवेश करने वाली कंपनियों के लिए सरकार नई नीति बनाएगी: सीतारमण



आईएमएफ में बैठक के दौरान निर्मला सीतारमण। आईएमएफ में बैठक के दौरान निर्मला सीतारमण।
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आईएमएफ में बैठक के दौरान निर्मला सीतारमण।आईएमएफ में बैठक के दौरान निर्मला सीतारमण।

  • वित्त मंत्री ने कहा- नई नीति के साथ चीन से निकलकर भारत आने वाले उद्योगों से संपर्क करेंगे
  • भारत निवेश के लिए सबसे बेहतर विकल्प: निर्मला सीतारमण
  • वित्त मंत्री ने कहा- अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों की कुछ शर्तों पर चर्चा हुई

Dainik Bhaskar

Oct 20, 2019, 04:03 PM IST

वॉशिंगटन. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वह चीन से निकलकर, भारत में निवेश का इरादा रखने वाली कंपनियों के लिए नीति बनाएंगी। सीतारमण ने कहा, "चीन से बाहर निकलने वाले उद्योग, निश्चित रूप से भारत की तरफ देख रहे हैं। अब सरकार के लिए उनके साथ कदम मिलाना जरूरी है। मैं इसके लिए नीति तैयार करके उनसे संपर्क करूंगी और उन्हें बताऊंगी कि भारत किस तरह उनके लिए ज्यादा अनुकूल स्थान हो सकता है।" 

 

निवेश के लिए भारत में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने कहा, "भारत निवेश के लिए सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। जो कंपनियां वियतनाम में काम कर रही हैं, अब वहां कारोबार विस्तार के हिसाब से मैनपॉवर उपलब्ध नहीं है।"

 

भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता जल्द
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता जल्द हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में शनिवार को अमेरिकी वित्त मंत्री स्टीवन न्यूकिन से मुलाकात के बाद सीतारमण ने कहा कि दोनों देश की सरकारें व्यापार समझौते पर तेज गति से काम कर रही हैं और जल्द ही मुद्दे पर कुछ सहमति बन सकती है।

 

सीतारमण ने कहा, “अमेरिकी वित्त मंत्री नवंबर की शुरुआत में भारत आ सकते हैं। इससे पहले ही हमारे बीच व्यापार समझौतों की कुछ शर्तों पर चर्चा हुई। हालांकि, अभी वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइटहाइजर इस पर बातचीत कर रहे हैं। मुझे जानकारी मिली है कि समझौते के लिए दोनों देश मजबूती से जुड़ रहे हैं।

 

शिकागो में भारतीय समुदाय से मिलेंगी वित्त मंत्री
निर्मला सीतारमण रविवार को अमेरिका के शिकागो में कुछ उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगी। वे यहां भारतीय समुदाय से भी मिलेंगी। शनिवार को रिपोर्टर्स से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया- “मैं एक दिन के लिए शिकागो में रहूंगी। यहां मुझे भारत के लोगों से मिलने का मौका मिलेगा।” सीतारमण ने इससे पहले आईएमएफ के प्लेनेरी सेशन को भी संबोधित किया।

 

भारत को जीएसपी से हटा चुका है अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसी साल जून में भारत को अपने जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज (जीएसपी) कार्यक्रम से बाहर किया था। इस कार्यक्रम में शामिल देशों को व्यापार में विशेष तरजीह दी जाती है। अमेरिका जीएसपी में शामिल देशों से एक तय राशि तक आयात शुल्क नहीं लेता।

 

ट्रम्प का कहना था कि उन्हें भारत से यह भरोसा नहीं मिल पाया है कि वह अपने बाजार में अमेरिकी उत्पादों को बराबर की छूट देगा। अमेरिका का कहना है कि भारत में पाबंदियों की वजह से उसे व्यापारिक नुकसान हो रहा है। वह जीएसपी के मापदंड पूरे करने में नाकाम रहा है। अमेरिका ने पिछले साल अप्रैल में जीएसपी के लिए तय शर्तों की समीक्षा शुरू की थी। 

 

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