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NSC की रिपोर्ट के बाद गरजे इमरान:पूर्व पाक PM ने कहा- माफी मांगें शरीफ, मेरे पास न आएं, मैं चोर का साथ नहीं चाहता

4 महीने पहले

पाकिस्तान में सियासी ड्रामा प्रधानमंत्री बदलने के बाद भी खत्म नहीं हो रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने आरोप लगाया है कि उन्हें पद पर रहते हुए जैसी धमकियां मिली थीं, वैसी न्यूजीलैंड जैसे छोटे देश की प्रधानमंत्री को भी नहीं मिलती होंगी। साथ ही प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को चोर बताते हुए कहा कि मैं चाहता हूं, वे मुझसे माफी मांगे।

इमरान का यह बयान नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (NSC) की उस रिपोर्ट के बाद आया है, जिसमें साफ किया गया है कि इमरान खान सरकार गिराने में किसी विदेशी ताकत (अमेरिका) का हाथ नहीं है। हालांकि इमरान ने कहा कि अमेरिकी साजिश की मेरी थ्योरी को NSC ने सही साबित कर दिया है।

सरकार गिरने के बाद इमरान की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस
इमरान खान ने अपनी सरकार गिरने के बाद शनिवार को पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इमरान ने कहा- हम 22 करोड़ लोगों का देश हैं, लेकिन मुझे प्रधाननमंत्री पद पर रहते हुए जैसी धमकियों का सामना करना पड़ा, वैसी धमकी न्यूजीलैंड जैसे छोटे देश की पीएम को भी नहीं मिलती होंगी। इमरान ने कहा- पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो और सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ को भी धमकियां मिली थीं, लेकिन जो मुझे मिली, वे देश के लिए शर्म का विषय हैं।

मेरा अमेरिकी साजिश का दावा सही साबित हुआ
इमरान ने कहा- मुझे हटाए जाने के पीछे अमेरिकी साजिश होने का मेरा दावा सही साबित हुआ है। NSC के बयान ने ये साबित कर दिया है कि वह पत्र पूरी तरह सत्य था। उन्होंने कहा, मैं एक कदम आगे बढ़ना और कहना चाहता हूं कि डोनाल्ड ल्यू ने जो भाषा इस्तेमाल की वह बेहद असभ्य थी। जो बाइडेन प्रशासन के अधिकारियों ने हमारे राजदूत से कहा था कि इमरान खान को एक अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाया जाए। इमरान ने आगे कहा, यह सब कुछ तब हो रहा था, जब अविश्वास प्रस्ताव असेंबली में दाखिल भी नहीं किया गया था।

शहबाज की बात गलत निकली, पर वे मेरे पास न आएं
इमरान ने कहा, शहबाज शरीफ ने कहा था कि यह गोपनीय पत्र झूठा है। उन्होंने कहा था कि यदि यह पत्र सही निकला तो वह मेरे पास आएंगे और मेरी पार्टी से जुड़ जाएंगे। प्लीज वे न आएं। मैं ऐसे चोरों को अपने साथ नहीं चाहता, लेकिन वे कम से कम माफी तो मांग सकते हैं।

उन्होंने कहा- लोग अब अपने साथ हुए मजाक को समझने लगे हैं और यह भी समझ रहे हैं कि किस तरह के शासक उनके ऊपर बैठ गए हैं। पाकिस्तान की कैबिनेट में 'अपराधियों' की संख्या अब 'बेमिसाल' है। बेटा और पिता, दोनों जमानत पर हैं। क्या वे किसी दूसरे को तलाश सकते हैं? ऐसे लोगों के हाथ में देश को सौंपने से बड़ा साजिश क्या हो सकती है?

लाहौर में एक रैली को संबोधित करते हुए इमरान खान। (फाइल फोटो)
लाहौर में एक रैली को संबोधित करते हुए इमरान खान। (फाइल फोटो)

NSC ने 15 दिन में दूसरी बार अमेरिकी साजिश की खारिज
इमरान खान की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले पाकिस्तान की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी (NSC) ने 15 दिन में दूसरी बार साफ किया कि इमरान सरकार गिराने में किसी विदेशी ताकत (अमेरिका) का हाथ नहीं है। वहीं, इमरान खान अपनी हर रैली में यह आरोप लगा रहे हैं कि उनकी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव अमेरिका के इशारे पर लाया गया था।

NSC की एक मीटिंग पिछले महीने भी हुई थी, तब इमरान प्रधानमंत्री थे। तब भी मीटिंग के मिनट्स जारी किए गए थे और फौज ने साफ किया था कि विदेशी साजिश के कोई सबूत नहीं मिले हैं।