• Hindi News
  • International
  • Former US Defense Department Official Said Pakistan Is Not Going To Be A Partner Of China But Its Colony

चेतावनी:अमेरिकी रक्षा विभाग के पूर्व अधिकारी ने कहा- पाकिस्तान चीन का पार्टनर नहीं बल्कि उसकी कॉलोनी बनने वाला है

वॉशिंगटन2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अमेरिका और भारत में दोस्ती बढ़ने के बाद पाकिस्तान ने चीन की तरफ हाथ बढ़ाना  शुरू कर दिया था। - Dainik Bhaskar
अमेरिका और भारत में दोस्ती बढ़ने के बाद पाकिस्तान ने चीन की तरफ हाथ बढ़ाना शुरू कर दिया था।
  • कहा- पाकिस्तानी जल्द ही यह महसूस करेंगे कि उन्होंने कितना खतरनाक सौदा किया
  • पाकिस्तान में सीपेक के आसपास के इलाके में रहने वाले लोग कोरोना के चलते डरे हुए हैं

पाकिस्तान के अमेरिका से बिगड़ते संबंध और चीन से बढ़ती दोस्ती पर अमेरिकी रक्षा विभाग के एक पूर्व अधिकारी ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान चीन का पार्टनर नहीं बल्कि कॉलोनी (उपनिवेश देश) बनता जा रहा है।  पेंटागन के एक पूर्व अधिकारी डॉ. माइकल रुबिन ने कहा है कि पाकिस्तान ने चीन से हाथ मिलाना तब शुरू किया जब अमेरिका और भारत में दोस्ती बढ़ रही थी। पाकिस्तान का मानना है कि चीन उनका ऐसा साथी है जो लाइन ऑफ कंट्रोल से भारत की जवाबी कार्रवाई को थाम सकता है। साथ ही चीन कभी पाकिस्तानी भ्रष्टाचार, अल्पसंख्यकों की खराब हालत और मानवाधिकारों का खस्ताहाल होने पर पाकिस्तान की आलोचना भी नहीं करता। इसके साथ ही चीन के लिए पाकिस्तान एक बड़ा मार्केट है जो पश्चिम एशिया के देशों और ग्वादर में  रणनीतिक बंदरगाह तक पहुंच दे सकता है। 

पाकिस्तान नहीं समझ रहा कि चीन से समझौता कितना खतरनाक है 
नेशनल इंटरेस्ट की ओर से प्रकाशित आर्टिकल में रुबिन ने कहा, ‘‘पाकिस्तानी जल्द ही यह महसूस करेंगे कि उनके देश ने कितना खतरनाक सौदा किया है। पाकिस्तान ने एक ऐसे देश से समझौता किया है, जिसने धर्म के आधार पर दस लाख उइगर मुसलमानों को कैंपों में कैद कर रखा है।  पाकिस्तानियों के मरने और उनके अपमानित होने पर चीन को कोई फर्क नहीं पड़ता है ।’’

कोरोनावायरस फैलने पर सीपेक केआसपास के लोग डरे हुए हैं 
रुबिन ने कहा- जब से कोरोनावायरस फैला है गिलगिट-बाल्टिस्तान, पीओके, पंजाब, सिंध और बलूचिस्तान में सीपेक (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) के आसपास रहने वाले लोग डरे हुए हैं। लोगों का मानना है कि इस क्षेत्र में चीनियों की मौजूदगी से महामारी आग की तरह फैलेगी। रुबिन के मुताबिक चीन के दबाव की वजह से ही पाकिस्तान ने अपने यहां पूरी तरह से लॉकडाउन नहीं किया। 
उन्होंने कहा कि जब कोरोना महामारी फैली तब बहुत से चीनी कर्मचारी नया साल मनाने के लिए चीन में थे, लेकिन अब वे लौटने को तैयार हैं। ऐसे में लोगों के सामने बड़ा खतरा है। सीपेक में 10 से 15 हजार चीनी कर्मचारी काम करते हैं। चीन ने सीपेक में कर्मचारियों की टेस्टिंग और क्वारैंटाइन करने की कोई तैयारी नहीं की है।