• Hindi News
  • International
  • France Is Giving 26 Thousand Rupees To Teenagers, Provided They Buy From Books To Video Games Locally, Go To Art Events

जड़ों से जोड़ने की पहल:किशोरों को फ्रांस 26 हजार रुपए दे रहा, बशर्ते वे किताबों से लेकर वीडियो गेम तक स्थानीय ही खरीदें, आर्ट इवेंट में जाएं

4 महीने पहलेलेखक: ऑरेलियन ब्रीडेन
  • कॉपी लिंक
पेरिस यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स ऑफ कल्चर की प्रोफेसर जीन मिशेल कहती हैं कि बच्चों को स्थानीय कला और संस्कृति से जोड़ने की यह बेहतरीन पहल है। - Dainik Bhaskar
पेरिस यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स ऑफ कल्चर की प्रोफेसर जीन मिशेल कहती हैं कि बच्चों को स्थानीय कला और संस्कृति से जोड़ने की यह बेहतरीन पहल है।
  • कल्चर पास एप से बड़े म्यूजिक फेस्ट, कॉन्सर्ट में एंट्री मिलेगी, दो साल में खर्च कर सकेंगे पैसे।

फ्रांस में किशोरों को संस्कृति से जोड़ने के लिए एक अनूठा अभियान शुरू हुआ है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की इस महात्वाकांक्षी योजना के तहत 18 साल से कम उम्र के लोगों को 26 हजार रुपए खर्च करने के लिए मिलेंगे। यह राशि वे दो साल में खर्च कर सकेंगे। पर शर्त यही है कि वे किताबों से लेकर वीडियो गेम तक स्थानीय स्तर पर ही खरीदें।

वीडियो गेम की निर्माता फ्रेंच कंपनियां ही होनी चाहिए। इनमें किसी तरह की हिंसा नहीं होनी चाहिए। इस स्कीम के लिए स्मार्टफोन एप ‘कल्चरल पास’लॉन्च किया गया है। दरअसल मैक्रों चाहते हैं कि महामारी के बाद किशोरों में संस्कृति के प्रति लगाव पैदा हो। कल्चरल पास के जरिए किशोर फ्रांस में होने वाले वीआईपी इवेंट्स जैसे सॉलेज म्यूजियम में लाइव स्ट्रीमिंग और एविग्नन थियेटर फेस्टिवल में शामिल हो सकेंगे।

8 हजार संस्थानों से ले सकेंगे मनचाही चीजें-सेवाएं
इसके अलावा प्रोजेक्ट से जुड़े 8 हजार स्थानीय संस्थानों से मनचाही चीजें-सेवाएं ले सकेंगे। इसके अलावा फिल्में, म्यूजिक कॉन्सर्ट, नाटकों और सांस्कृतिक आयोजनों के टिकट ले सकेंगे। प्रोजेक्ट में शामिल फ्रांस के संस्कृति मंत्रालय के अधिकारी नोएल कॉर्बिन बताते हैं कि इस पहल से हमने वयस्क होने जा रहे किशोरों को करीब मौजूद सांस्कृतिक चीजों से जुड़ने का मौका दिया है। एप के राष्ट्रीय स्तर पर रोल आउट होने के बाद 73% किशोरों ने नई सांस्कृतिक गतिविधियों में रुचि दिखाई। वहीं 32% पहली बार म्यूजियम पहुंचे। सबसे बड़ी बात वीडियो गेम से ज्यादा किताबें खरीदी गईं।

स्थानीय कला और संस्कृति से जोड़ने की बेहतरीन पहल
पेरिस यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स ऑफ कल्चर की प्रोफेसर जीन मिशेल कहती हैं कि बच्चों को स्थानीय कला और संस्कृति से जोड़ने की यह बेहतरीन पहल है। छात्रा जूलियट सेगा कहती हैं,‘यह अच्छी पहल है,मैंंने करीब 3500 रुपए खर्च कर जापानी कॉमिक्स और उपन्यास ‘मेज रनर’और कई फ्रेंच किताबें खरीदीं।’ 18 साल के ऑस्टियोपैथी छात्र गेब्रिएल टिन ने और उनके दोस्तों ने सदाबहार फ्रेंच गीतों के म्यूजिकल रिकॉर्ड पर 17,500 रु. खर्च किए हैं। अभी उनका मन भरा नहीं है।

शुरुआती दो महीनों में 6 लाख से ज्यादा किशोरों ने एप का इस्तेमाल किया
एप की लोकप्रियता इतनी ज्यादा है कि शुरुआती दो महीनों में ही 6.3 लाख किशोरों ने इसे डाउनलोड कर इस्तेमाल किया है। पेरिस में दो बुक स्टोर चलाने वालीं नाजा शिफर्ट कहती हैं कि कल्चर पास से उन्हें फायदा हुआ है। पहले ई-कॉमर्स से ही किताबें लेते थे। हमारे स्टोर पर आकर खरीदारी करने के अभ्यस्त नहीं थे। पर इन दिनों ज्यादातर ग्राहक किशोर ही आते हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि किशोरों ने एप से सबसे ज्यादा खर्च जापानी मंगा कॉमिक्स पर किया। बुक सेलर्स का कहना है कि मंगा पहली पसंद है, पर वे दूसरी किताब संस्कृति से जुड़ी ही लेते हैं।

खबरें और भी हैं...