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ब्रिटेन के एक तिहाई बच्चे मोटापे का शिकार:रात 9 बजे से पहले जंक फूड के ऑनलाइन और TV विज्ञापन पर बैन लगाएगी सरकार, PM बोरिस जॉनसन ले सकते हैं फैसला

लंदन3 महीने पहले
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PM बोरिस जॉनसन ने कहा कि मोटापा ने UK के एक तिहाई किशोरों को प्रभावित किया है। इस स्थिति को संभालने की जरूरत है। - Dainik Bhaskar
PM बोरिस जॉनसन ने कहा कि मोटापा ने UK के एक तिहाई किशोरों को प्रभावित किया है। इस स्थिति को संभालने की जरूरत है।

बच्चों में बढ़ती मोटापे की समस्या को देखते हुए ब्रिटेन की सरकार ऑनलाइन और TV पर आने वाले जंक फूड के विज्ञापन पर बैन लगाने का फैसला लेने को तैयार है। सरकार रात 9 बजे के पहले जंक फूड के विज्ञापनों पर बैन लगाने पर विचार कर रही है। जल्द ऑनलाइन प्रमोशन के लिए भी सरकार नया कानून ला सकती है। इसके बाद से कंपनियां सिर्फ रात 9 बजे से 5.30 तक ही जंक फूड से जुड़े विज्ञापन दिखा पाएंगी।

हालांकि, जंक फूड कंपनियां अब भी वेबसाइट पर विज्ञापन दिखा सकेंगी। घोषणा से पहले प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा है कि मोटापा ने UK के एक तिहाई किशोरों को प्रभावित किया है। इस स्थिति को संभालने की जरूरत है। पिछले साल इस तरह के विज्ञापन पर बैन को लेकर प्रस्ताव रखा था, लेकिन विचार- विमर्श के बाद वापस ले लिया था।

60% किशोर मोटापे की समस्या से जूझ रहे
हेल्थ मिनिस्टर जो चर्चिल ने कहा है कि हम अपने बच्चों और उनमें बढ़ती मोटापे की समस्या को देखते हुए चिंतित है और इससे निपटने के लिए कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे अपना अधिकतर समय ऑनलाइन रहते हैं। ऐसे में हमें उन्हें इस तरह के विज्ञापन से बचा सकते हैं। NHS डिजिटल के मुताबिक, ब्रिटेन में 1990 के दशक के बाद से लोगों में मोटापे की समस्या बढ़ी है। 60% से ज्यादा किशोर लोग मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं।

कंपनियों ने कहा- विज्ञापन बैन करना नुकसानदायक
इस मसले पर फूड कंपनियों का कहना है कि किसी भी प्रकार के जंक फूड के विज्ञापन को बैन करना नुकसानदायक है। क्योंकि इन विज्ञापनों की सालाना कीमत 600 करोड़ पाउंड की है।

ज्यादा शुगर और फैट वाले प्रदार्थ लागू नहीं होगा बैन
हेल्थ डिपार्टमेंट ने कहा है कि ये बैन कुछ खाद्य प्रदार्थों पर लागू नहीं होंगे। इनमें ज्यादा शुगर और फैट वाले प्रदार्थ शामिल हैं। इन प्रदार्थों को बच्चों में होने वाले मोटापे के असर के रूप में नहीं देखा गया है।

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