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कनाडा में भीषण गर्मी के बाद अब सूखा:घास के मैदान जले, ये मवेशियों के चारे के प्रमुख स्रोत थे; किसानों पर आजीविका का संकट, सैकड़ों गाय-बैल नीलाम

2 महीने पहले
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किसान गाय-बैलों को बाजारों में बेचकर आर्थिक संकट दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। - Dainik Bhaskar
किसान गाय-बैलों को बाजारों में बेचकर आर्थिक संकट दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

कनाडा ने जून में भीषण गर्मी और जंगल में आग जैसी घटनाओं का सामना किया था। अब देश के कई हिस्से सूखे का सामना कर रहे हैं। इससे कई किसान परिवारों पर आजीविका का संकट आ गया है। गोवंश के लिए चारे की कमी हो गई है। किसान मवेशी बेचने को मजबूर हैं। वे सैकड़ों की संख्या में गाय-बैलों को लेकर बाजारों में पहुंच रहे है, ताकि इन्हें बेचकर कुछ आर्थिक संकट दूर हो सके।

दरअसल, भीषण तापमान के दौरान मैनिटोबा और अन्य राज्यों के जंगलों में आग लग गई थी। इस दौरान कई घास के मैदान भी जल गए थे। ये घास के मैदान मवेशियों के चारा के लिए प्रमुख स्रोत थे। किसानों का कहना है कि उन पर खुद की आजीविका का संकट है। ऐसे में वे पशुओं को कैसे पाल सकेंगे। इसलिए वे इन्हें बेच रहे हैं। कुछ दिनों पहले मैनिटोबा के इंटरलेक क्षेत्र में मवेशियों की बड़े स्तर पर नीलामी हुई थी।

युवा किसान स्टूअर्ट मेल्निचुक कहते हैं, ‘चारागाहों की कमी के कारण मैंने 250 गायें बेच दी हैं। खेत में लगी अनाज की फसल भी टिड्‌डों से नहीं बचा सका। मेरी पूरी कोशिशें नाकाम हो गईं। अब गाय-बैलों के लिए नए चारागाह बनाने की कोशिश कर रहा हूं, ताकि भविष्य में ऐसे संकट का सामना न करना पड़े।’

दूसरी तरफ विशेषज्ञों का कहना है कि सूखे का असर कृषि अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक रह सकता है, क्योंकि मैनिटोबा की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर ही निर्भर है। बता दें कि कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में भीषण गर्मी से जून-जुलाई में 569 लोगों की मौत हो चुकी है। कई वन्यप्राणि भी मारे गए हैं।

मवेशियों की चिंता नहीं करेंगे तो पिछड़ जाएंगे
अमेरिकी कृषि विशेषज्ञ माइकल डुगुइड चारागाहों को सुरक्षित रखने की योजनाओं पर काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि कनाडा के कई इलाकों में मिट्‌टी के कटाव को रोककर चारागाहों को बचाया जा सकता है। अगर हमने मवेशियों और उनके चारागाहों की चिंता नहीं की तो हम पिछड़ जाएंगे। ये चारागाह मवेशियों का आधार हैं। वहीं, कई वैज्ञानिकों का कहना है कि मानव जनित जलवायु परिवर्तन के कारण असाधारण तापमान हो जाता है।