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हंदवाड़ा हमले में हिजबुल का हाथ:आतंकी नायकू के मारे जाने पर पाकिस्तान में शोक सभा, हिजबुल के सरगना सलाहुद्दीन ने कहा- मौजूदा समय में भारत का पलड़ा भारी

वॉशिंगटन3 वर्ष पहले
पहले वीडियो में सलाहुद्दीन कह रहा है कि कि नायकू ने अपनी शहादत दी है। नायकू के मारे जाने से उसके दिल को सदमा लगा है। -फाइल फोटो
  • सलाहुद्दीन ने माना कि इस साल भारत ने उसके 80 आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया है
  • अमेरिकी विदेश विभाग ने वीडियो जारी किया, इसमें सलाहुद्दीन शोक सभा करते दिखा

कोरोना महामारी के दौर में भी पाकिस्तान आतंकी गतिविधियों से बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान में बैठे हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन ने कहा है कि हंदवाड़ा एनकाउंटर समेत हाल ही में सुरक्षाबलों पर हुए हमलों में हिजबुल मुजाहिदीन का हाथ था। इस बात की पुष्टि अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी किए गए वीडियो में हुई। इसमें सैयद सलाहुद्दीन हिजबुल कमांडर रियाज नायकू के मारे जाने पर शोक सभा करते दिखा। हालांकि, उसने यह भी माना कि मौजूदा समय में भारत का पलड़ा भारी है। इसकी वजह पाकिस्तान की कमजोर नीतियां हैं।

बता दें कि हंदवाड़ा में हुए एनकाउंटर में कर्नल आशुतोष शर्मा समेत पांच जवान शहीद हो गए थे।

नायकू के मारे जाने से दिल को सदमा लगा- सलाहुद्दीन

पहले वीडियो में सलाहुद्दीन यह कहता दिखा कि नायकू ने अपनी शहादत दी है। नायकू के मारे जाने से उसके दिल को सदमा लगा है। नायकू ने 2017 में जिम्मेदारी संभाली थी। तब से आज तक वह भारत के लिए मुश्किल बना हुआ था। उसके सिर पर अच्छी खासी रकम घोषित की गई थी। वह पढ़ा लिखा था। उसने मैथमैटिक्स में डिग्री ली हुई थी।

सलाहुद्दीन ने कहा- भारत का पलड़ा भारी है

दूसरे वीडियो में सलाहुद्दीन यह कहता दिखा कि दोस्तों यह शहादत का सिलसिला पहले दिन से चला आ रहा है। जनवरी 2020 से अब तक 80 मुजाहिदीन ने अपनी जान दे दी है। हालांकि, हंदवाड़ा में मुजाहिदीनों ने भारत के लिए मुश्किलें भी खड़ी की हैं। मगर पाकिस्तान की कमजोर नीतियों के कारण मौजूदा हालात में भारत का पलड़ा भारी है।

हंदवाड़ा एनकाउंटर में कर्नल समेत पांच जवान शहीद हुए थे
3 मई शनिवार को सेना को सूचना मिली थी कि हंदवाड़ा के छाजीमुल्लाह गांव के एक घर में कुछ आतंकी बैठे हुए हैं और उन्होंने लोगों को बंधक बना रखा है। टीम का नेतृत्व 21 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिग ऑफिसर आशुतोष शर्मा खुद कर रहे थे। उनके साथ एक मेजर और जम्मू-कश्मीर के पुलिस जवानों को मिलाकर 5 लोगों की टीम थी। जब जवान घर के भीतर गए तो आतंकी पास में बने गाय के बाड़े में छिपे थे।

सुरक्षाबलों ने घर से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन वे फंस गए। शनिवार रातभर भारी बारिश के बीच मुठभेड़ होती रही। रविवार सुबह 7 बजे के आसपास फायरिंग रुकी तो पता चला कि सेना की कार्रवाई में दो आतंकी मारे गए, लेकिन इस दौरान कर्नल आशुतोष शर्मा समेत 5 जवान शहीद भी हो गए।

24 घंटे बाद ही सीआरपीएफ की पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला
हंदवाड़ा इनकाउंटर के 24 घंटे बाद ही यहीं के काजीबाद इलाके में सीआरपीएफ की पेट्रोलिंग पार्टी पर आतंकियों ने हमला कर दिया था। सुरक्षाबलों ने तुरंत हमले का जवाब देते हुए एक आतंकी को ढेर कर दिया था, लेकिन हमले में तीन जवान भी शहीद हो गए थे।

6 मई को सेना ने हिजबुल कमांडर समेत तीन आतंकी मारे थे
छह मई को सेना की पुलवामा में दो अलग-अलग जगहों पर आतंकियों से मुठभेड़ हुई थी। पहली मुठभेड़ में बेगपुरा गांव में हुई, जहां हिजबुल का टॉप कमांडर और दो साल से मोस्ट वॉन्टेड आतंकी रियाज नायकू मारा गया था। नायकू 12 लाख का इनामी था, मोस्ट वांटेड था और मोस्ट वांटेड लिस्ट में ए ++ कैटेगिरी में शामिल था। वहीं, शरशाली गांव में हुए एनकाउंटर में तीन और आतंकी मारे गए थे।