हॉन्ग कॉन्ग / प्रत्यर्पण कानून का 10 लाख लोगों ने विरोध किया, कहा- इसका गलत इस्तेमाल करेगा चीन

विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए लाखों लोग। विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए लाखों लोग।
रास्ते पर बैठकर लोगों ने किया विरोध। रास्ते पर बैठकर लोगों ने किया विरोध।
प्रदर्शनकारी बैनर लेकर भी पहुंचे थे। प्रदर्शनकारी बैनर लेकर भी पहुंचे थे।
महिलाओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। महिलाओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।
प्रदर्शनकारियों से सड़क भी भर गई। प्रदर्शनकारियों से सड़क भी भर गई।
लोगों ने ऐसे जताया विरोध। लोगों ने ऐसे जताया विरोध।
X
विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए लाखों लोग।विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए लाखों लोग।
रास्ते पर बैठकर लोगों ने किया विरोध।रास्ते पर बैठकर लोगों ने किया विरोध।
प्रदर्शनकारी बैनर लेकर भी पहुंचे थे।प्रदर्शनकारी बैनर लेकर भी पहुंचे थे।
महिलाओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।महिलाओं ने भी प्रदर्शन में भाग लिया।
प्रदर्शनकारियों से सड़क भी भर गई।प्रदर्शनकारियों से सड़क भी भर गई।
लोगों ने ऐसे जताया विरोध।लोगों ने ऐसे जताया विरोध।

  • प्रदर्शनकारियों का आरोप- इस बिल का राजनीतिक साजिश में दुरुपयोग करेगी चीन की सरकार
  • प्रो-बीजिंग नेता सी.लैम ने बिल वापस न लिए जाने के संकेत दिए

Jun 10, 2019, 08:54 PM IST

हाॅन्ग कॉन्ग. प्रत्यर्पण कानून के बिल के पास होने के आसार बढ़ गए हैं। सोमवार को बिल पेश करने वाली प्रो-बीजिंग नेता कैरी लैम ने इसे वापस न लिए जाने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि इस बिल को लागू करने से पहले एक बार फिर बुधवार को पढ़ा जाएगा। दूसरी तरफ विपक्षी नेताओं ने लोगों से इसका मजबूत विरोध करने का आग्रह किया है।  

 

दरअसल, रविवार को हाॅन्ग कॉन्ग में नए प्रत्यर्पण कानून के विरोध में 10 लाख लोग सड़कों पर उतरे। हालांकि पुलिस ने इनकी संख्या केवल 2.5 लाख ही मानी। यह हॉन्ग कॉन्ग का अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन था। इससे पहले 1997 में ऐसा विरोध देखने को मिला था। जब हॉन्ग कॉन्ग को चीन को सौंपे जाने को लेकर प्रदर्शन किया गया था।

19 गिरफ्तार, 350 मुख्यालय लाए गए: पुलिस

पुलिस कमिश्नर स्टेफन लो ने बताया कि रविवार देर रात 19 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया। इन सभी की आयु 25 के आसपास है। जबकि करीब 350 लोगों को पुलिस मुख्यालय लाया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक स्वायत्तशासी हाॅन्ग कॉन्ग में आरोपियों पर मुकदमा चलाने के लिए अभी उन्हें चीन प्रत्यर्पित नहीं किया जाता, लेकिन प्रत्यर्पण बिल पास होने के बाद भगोड़े आरोपियों को चीन भेजना होगा। जैसा कि ताइवान में होता है। लोग इसी बात का विरोध कर रहे हैं। 

प्रदर्शनकारी टी.लो ने कहा, ‘‘अगर चीन मनमाने ढंग से कुछ नेताओं की मदद से इस बिल को पास करा लेता है तो यह हम सबके जीवन को बर्बाद करेगा। हमारी अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर पड़ेगा। कई लोग हॉन्ग कॉन्ग छोड़ देंगे।’’

हॉन्ग कॉन्ग के कारोबारी लोग, राजनयिक हस्तियां, वकील और एनजीओ इस बिल का विरोध कर रहे हैं। इन लोगों के मुताबिक इस बिल का इस्तेमाल  राजनीतिक साजिशों के अंतर्गत बाकियों को प्रताड़ित करने के लिए किया जा सकता है।

विधान परिषद के मुख्य सचिव मैथ्यू सी.ने लैम के प्रयास की निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार ने दो बार बिल में संशोधन किया था। यह बिल एक करार मात्र है। हमेशा के लिए किया गया कोई समझौता नहीं है। भगोड़े आरोपियों की सुनवाई के लिए कम से कम 170 न्यायालय चाहिए, जबकि हमारे पास 20 ही हैं।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना