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 ट्रम्प का दावा- हॉन्गकॉन्ग को सेना भेजकर तबाह करने वाला थे जिनपिंग, मैंने बचाया

9 महीने पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्म्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग।- फाइल फोटो
  • अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- लाखों चीनी सैनिक हॉन्गकॉन्ग को कुचलने के लिए खड़ी थी लेकिन मैने उसे रोक दिया
  • उन्होंने कहा- मैं हॉन्गकॉन्ग और स्वतंत्रता के साथ हूं, लेकिन मैं जिनपिंग के साथ भी खड़ा हूं

ट्रम्प ने एक चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, “मैंने हॉन्गकॉन्ग में लोकतंत्र की मांग को लेकर जारी प्रदर्शनों का समर्थन किया था। हाल के दिनों में मैंने प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें देखीं। यह स्पष्ट था कि हॉन्गकॉन्ग में जारी अशांति अमेरिका और चीन के बीच चल रही व्यापार वार्ता पर असर डाल रही थी।” 

ट्रम्प ने एक चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, “मैंने हॉन्गकॉन्ग में लोकतंत्र की मांग को लेकर जारी प्रदर्शनों का समर्थन किया था। हाल के दिनों में मैंने प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें देखीं। यह स्पष्ट था कि हॉन्गकॉन्ग में जारी अशांति अमेरिका और चीन के बीच चल रही व्यापार वार्ता पर असर डाल रही थी।” 

3) हॉन्ग-कॉन्ग में पिछले 6 महीनों से लोकतंत्र की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं

ट्रम्प ने कहा, “चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने हॉन्ग-कॉन्ग के बाहर लाखों सैनिक तैनात किए हैं, वे अंदर नहीं जा रहे, क्योंकि मैंने उनसे ऐसा कोई कदम न उठाने के लिए कहा है। मैंने कहा था कि ऐसा करना आपकी बड़ी भूल होगी। इससे व्यापार सौदे पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”

ट्रम्प ने कहा, “चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने हॉन्ग-कॉन्ग के बाहर लाखों सैनिक तैनात किए हैं, वे अंदर नहीं जा रहे, क्योंकि मैंने उनसे ऐसा कोई कदम न उठाने के लिए कहा है। मैंने कहा था कि ऐसा करना आपकी बड़ी भूल होगी। इससे व्यापार सौदे पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।”

ट्रम्प ने कहा, “मैं हॉन्गकॉन्ग के साथ हूं, मैं स्वतंत्रता के साथ खड़ा हूं। लेकिन मैं राष्ट्रपति जिनपिंग के भी साथ हूं। वह मेरे दोस्त हैं और वह एक अच्छे इंसान भी हैं। हम इतिहास में सबसे बड़े व्यापार सौदे की प्रक्रिया में हैं। अगर हम इसे पूरा कर सकें तो यह बहुत अच्छा होगा।”

ट्रम्प ने कहा, “मैं हॉन्गकॉन्ग के साथ हूं, मैं स्वतंत्रता के साथ खड़ा हूं। लेकिन मैं राष्ट्रपति जिनपिंग के भी साथ हूं। वह मेरे दोस्त हैं और वह एक अच्छे इंसान भी हैं। हम इतिहास में सबसे बड़े व्यापार सौदे की प्रक्रिया में हैं। अगर हम इसे पूरा कर सकें तो यह बहुत अच्छा होगा।”

डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने तालिबान के साथ समझौते को लेकर बातचीत शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा, “तालिबान के साथ अब समझौते पर काम कर रहे हैं। आगे देखते हैं क्या होता है।” ट्रम्प का यह बयान तब आया है जब तालिबान ने तीन तालिबानी कैदियों के बदले एक अमेरिकी और एक ऑस्ट्रेलियाई प्रोफेसर को रिहा किया था। तालिबान ने इस हफ्ते 10 अफगान सैनिकों को भी रिहा किया था।

अमेरिकी सीनेट से हॉन्गकॉन्ग मानवाधिकार और लोकतंत्र अधिनियम को पारित किया गया। इसके बाद संसद के निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स) ने भी बुधवार को इसे पारित कर दिया। ट्रम्प को बिल पर हस्ताक्षर करना है, जिसके बाद यह कानून बन जाएगा। सीनेटर डिक डर्बिन ने कहा कि हाउस ने बिल को पास कर दिया, अब राष्ट्रपति ट्रम्प की बारी है। वे यह संकेत दें कि अमेरिका, हॉन्गकॉन्ग के लोगों के साथ खड़ा है।”

अमेरिकी सीनेट से हॉन्गकॉन्ग मानवाधिकार और लोकतंत्र अधिनियम को पारित किया गया। इसके बाद संसद के निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स) ने भी बुधवार को इसे पारित कर दिया। ट्रम्प को बिल पर हस्ताक्षर करना है, जिसके बाद यह कानून बन जाएगा। सीनेटर डिक डर्बिन ने कहा कि हाउस ने बिल को पास कर दिया, अब राष्ट्रपति ट्रम्प की बारी है। वे यह संकेत दें कि अमेरिका, हॉन्गकॉन्ग के लोगों के साथ खड़ा है।”

इस विधेयक पर राष्ट्रपति का हस्ताक्षर होने से हॉन्गकॉन्ग को मिलने वाला विशेष दर्जा और विश्व व्यापार संगठन की स्वतंत्र सदस्यता दोनों समाप्त हो जाएंगे। इसके बाद उसे चीन के अन्य शहर के रूप में माना जाएगा। यूएस नेशनल फॉरेन ट्रेड काउंसिल के पूर्व प्रमुख ने कहा, “मुझे नहीं लगता है कि ट्रम्प इस बिल पर हस्ताक्षर करेंगे क्योंकि उन्होंने कभी भी मानवाधिकारों में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है और यह उनके लिए बहुत मुश्किल भरा क्षण होगा।”

हॉन्गकॉन्ग में 6 महीनों से लोकतंत्र समर्थक सरकार के उस विधेयक का विरोध कर रहे हैं, जिसमें यह प्रावधान था कि यदि कोई व्यक्ति चीन में कोई अपराध करता है या प्रदर्शन करता है तो उसके खिलाफ हॉन्गकॉन्ग में नहीं बल्कि चीन में मुकदमा चलाया जाएगा। विरोध प्रदर्शन के बाद हॉन्गकॉन्ग सरकार ने यह विधेयक वापस ले लिया है। इसके बाद यह प्रदर्शन लोकतंत्र की मांग को लेकर शुरू हो गया था।

इस विधेयक पर राष्ट्रपति का हस्ताक्षर होने से हॉन्गकॉन्ग को मिलने वाला विशेष दर्जा और विश्व व्यापार संगठन की स्वतंत्र सदस्यता दोनों समाप्त हो जाएंगे। इसके बाद उसे चीन के अन्य शहर के रूप में माना जाएगा। यूएस नेशनल फॉरेन ट्रेड काउंसिल के पूर्व प्रमुख ने कहा, “मुझे नहीं लगता है कि ट्रम्प इस बिल पर हस्ताक्षर करेंगे क्योंकि उन्होंने कभी भी मानवाधिकारों में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है और यह उनके लिए बहुत मुश्किल भरा क्षण होगा।”

हॉन्गकॉन्ग में 6 महीनों से लोकतंत्र समर्थक सरकार के उस विधेयक का विरोध कर रहे हैं, जिसमें यह प्रावधान था कि यदि कोई व्यक्ति चीन में कोई अपराध करता है या प्रदर्शन करता है तो उसके खिलाफ हॉन्गकॉन्ग में नहीं बल्कि चीन में मुकदमा चलाया जाएगा। विरोध प्रदर्शन के बाद हॉन्गकॉन्ग सरकार ने यह विधेयक वापस ले लिया है। इसके बाद यह प्रदर्शन लोकतंत्र की मांग को लेकर शुरू हो गया था।

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