गेम ऑफ थ्रोन्स /800 एक्सपर्ट ने रचे 3 ड्रैगन, भारत की कंपनी ने बनाई तलवारें; 5 देशों में हुई शूटिंग



How did they created large dragons and fleet of white walkers by VFX in Game of thrones
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How did they created large dragons and fleet of white walkers by VFX in Game of thrones

  • एचबीओ के मशहूर शो गेम ऑफ थ्रोन्स का 8वां और आखिरी सीजन आज से टेलीकास्ट होगा
  • शो में दिखाई जाने वाली तलवारें भारतीय कंपनी विंडलास स्टीलक्राफ्ट ने बनाई
  • सीरीज को आयरलैंड, क्रोएशिया, माल्टा, आइसलैंड और मोरक्को में शूट किया गया

Dainik Bhaskar

Apr 14, 2019, 06:33 AM IST

हॉलीवुड डेस्क. गेम ऑफ थ्रोन्स जॉर्ज आरआर मार्टिन की नॉवेल सीरीज 'अ सॉन्ग ऑफ फायर एंड आइस' पर आधारित है। शो की कहानी एक काल्पनिक साम्राज्य वेस्टरोस की है। इस साम्राज्य में शासक के लिए एक खास सिंहासन है, जिसे आयरन थ्रोन कहा जाता है। शो की पूरी कहानी बस इसी आयरन थ्रोन को पाने की साजिशों और लड़ाइयों से जुड़ी है। वेस्टरोस एक बहुत बड़ा साम्राज्य है जो सात अलग-अलग हाउस (राजघराने) में बंटा है। 
 

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शो में दर्शकों को विशाल ड्रैगन, व्हाइट वॉकर्स और ग्रेट वॉल इस तरह दिखाए जाते हैं कि गेम ऑफ थ्रोन्स की पूरी दुनिया असली लगती है, लेकिन सच यह है कि यह पूरी दुनिया वीएफएक्स के जरिए रची गई है। भारत में बाहुबली, केदारनाथ, रा-वन, 2.0 और जीरो जैसी फिल्मों में जबर्दस्त वीएफएक्स का इस्तेमाल किया गया। बॉलीवुड इंडस्ट्री में यह तकनीक पिछले कुछ सालों में बहुत ज्यादा प्रचलित हुई, जबकि हॉलीवुड इसका इस्तेमाल कई दशकों से कर रहा है। 

 

खास बात है कि शो में ड्रैगन बनाने में एक भारतीय कंपनी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लॉस एंजिल्स बेस्ड प्रान कंपनी की मुंबई स्थित इंडियन सब्सिडियरी ने शो के ड्रैगन डिजाइन किए हैं। कंपनी के करीब 800 डिजाइनर्स ने शो के लिए काम किया है। भारत की दो कंपनियों 'विंडलास स्टीलक्राफ्ट' और 'लॉर्ड ऑफ बैटल्स गेम' ने भारत में गेम ऑफ थ्रोन्स मर्चेंडाइज बनाईं। शो में दिखाई जाने वाली वलैरियन स्टील की तलवारें विंडलास स्टीलक्राफ्ट ने ही बनाई हैं।

 

  • क्या है वीएफएक्स तकनीक

    वीएफएक्स या विजुअल इफेक्ट्स की मदद से मनचाहे दृश्यों को जीवंत किया जाता है। वीडियो प्रोडक्शन में जब कोई सीन शूट करना मुश्किल, खतरनाक या महंगा होता है, तब विजुअल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसके जरिए  खूबसूरत पहाड़, झरने या अजूबे किरदार क्रिएट किए जाते हैं। इस तकनीक में क्रोमा बड़ी भूमिका अदा करता है। यह अमूमन हरे रंग के कपड़े का बैकग्राउंड होता है। एडिटिंग के समय सॉफ्टवेयर की मदद से क्रोमा के रंग को मनचाहे बैकग्राउंड से रिप्लेस किया जाता है।

  • 7 से ज्यादा कंपनियों ने बनाए वीएफएक्स

    गेम ऑफ थ्रोन्स के पिछले सातों सीजन के करीब-करीब हर दृश्य को बनाने में महंगी वीएफएक्स तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। गेम ऑफ थ्रोन्स के मेकर्स ने सातों सीजन में अलग-अलग हिस्सों के वीएफएक्स के लिए कई अलग अलग ग्राफिक्स कंपनियों की सेवाएं ली हैं। इनमें वीटा डिजिटल, इमेज इंजन, जोइक स्टूडियो, मैक विजन, पिक्सोमोंडो, रैंचिटो और रोडियो एफएक्स जैसे नाम शामिल हैं।

  • ड्रैगन

    • डेनेरिस के तीनों ड्रैगन पूरी तरह से वीएफएक्स के जरिए क्रिएट किए गए हैं। पहले इन कैरेक्टर्स का ढांचा तैयार किया गया, फिर अलग-अलग टीम ने इसके अलग-अलग पार्ट्स तैयार कर ड्रैगन्स की डिटेलिंग की।
    • डेनेरिस के साथ ड्रैगन के दृश्यों के लिए शूटिंग के समय हरे क्रोमा वाले प्रॉप का इस्तेमाल किया जाता था। जिससे पोस्ट प्रोडक्शन के समय क्रोमा की जगह पहले से तैयार ड्रैगन फिट किया जा सके। 
    • डेनेरिस के ड्रैगन पर बैठकर उड़ने वाले दृश्यों को भी क्रोमा लगाकर स्टूडियों में शूट किया जाता है। इसके बाद एडिटिंग में ड्रैगन के ऊपर डेनेरिस को प्लांट कर दिया जाता है। एडिटिंग के ही जरिए पीछे आसमान का बैकग्राउंड लगाया जाता है। 

  • बैकग्राउंड और लोकेशन

    • गेम ऑफ थ्रोन्स सीरीज को आयरलैंड के बेलफास्ट में स्थित एक स्टूडियो में शूट किया गया है। इसके अलावा इसे क्रोएशिया, माल्टा, आइसलैंड और मोरक्को में भी शूट किया गया है।
    • कई दृश्यों के लिए पूरी की पूरी लोकेशन ही वीएफएक्स के जरिए क्रिएट की गई है। जैसे समुद्र के कई दृश्य, शो में दिखाई देते महल, ग्रेट वॉल आदि के दृश्यों के लिए ग्रीन क्रोमा लगा कर स्टूडियो में शूट किया गया। इसके बाद वीडियो एडिटिंग के समय इसमें कैरेक्टर्स के पीछे मनचाहे बैकग्राउंड लगा दिए गए।

  • व्हाइट वॉकर्स और जायंट मैन

    • व्हाइट वॉकर्स के दृश्य शूट करने के लिए असली एक्टर्स को ही लिया जाता है। उनके कटे-फटे चेहरे और हड्डियों के ढांचे दिखाने के लिए उनकी ड्रेस में क्रोमा लगाकर शूट किया जाता है। एडिटिंग के समय क्रोमा की जगह पर वीएफएक्स के जरिए सड़े और कटे-फटे शरीर का इफेक्ट दे दिया जाता है। 
    • शो में जायंट मैन की भूमिका निभाने वाले एक्टर की ऊंचाई सात फुट है। एक्टर को लंबा दिखाने के लिए एक स्टिक में टेनिस बॉल लगाकर शूट किया जाता है। पीछे क्रोमा होने के कारण स्टिक के आसपास कैरेक्टर और बैकग्राउंड को प्लांट कर दिया जाता है। 

  • युद्ध के दृश्य

    • शो में युद्ध के दृश्यों में दिखाई देने वाली विशाल सेना, सैकड़ों जहाजी बेड़े और लाखों घुड़सवार भी वीएफएक्स का कमाल है।
    • शूट के समय सीमित संख्या में सैनिक, जहाज या घुड़सवार होते हैं। इसके लिए सैनिकों की कुछ मूवमेंट और टाइप निर्धारित कर दी जाती है और इन्हीं को मल्टीप्लॉय कर सीन में बिठा दिया जाता है। 
    • व्हाइट वॉकर्स से लड़ाई वाले दृश्यों में भी व्हाइट वॉकर्स की विशाल सेना वीएफएक्स से ही क्रिएट की जाती है। 

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